कश्मीर घाटी में आतंक को फंडिंग करने वालों की खैर नहीं, NIA ने खुर्रम परवेज को धर दबोचा

By नीरज कुमार दुबे | Nov 23, 2021

कश्मीर घाटी में आतंक का वित्त पोषण करने वालों की अब खैर नहीं है। लगातार ऐसे लोगों की धरपकड़ की जा रही है जो धर्म के नाम पर बाहर से पैसा लाकर घाटी में आतंक को प्रश्रय देते हैं। इसी सिलसिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। आतंकियों के वित्तपोषण मामले में पूछताछ के लिए एनआईए ने एक कथित मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को हिरासत में लिया था जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि ‘जम्मू-कश्मीर कोलिशन ऑफ सिविल सोसाइटी’ के समन्वयक खुर्रम परवेज को श्रीनगर में उनके सोनावर आवास पर छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया गया था। हम आपको याद दिला दें कि पिछले साल 28 अक्टूबर को एनआईए ने कुछ तथाकथित गैर सरकारी संगठनों और ट्रस्टों द्वारा धर्मार्थ गतिविधियों के नाम पर भारत तथा विदेश में धन जुटाने और फिर उन पैसों का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को अंजाम देने के मामले में घाटी में खुर्रम परवेज के आवास सहित 10 स्थानों और बेंगलुरु में एक स्थान की तलाशी ली थी। एनआईए ने कहा था कि आठ अक्टूबर 2020 को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैर कानूनी गतविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। एनआईए के मुताबिक उसे पुख्ता जानकारी मिली थी कि कुछ एनजीओ और ट्रस्ट ने तथाकथित दान और व्यावसायिक योगदान के माध्यम से देश और विदेश से धन एकत्र कर उनका उपयोग केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए किया। बताया जा रहा है कि पूछताछ के लिए खुर्रम को दिल्ली ले जाया जायेगा। देखना होगा कि खुर्रम से पूछताछ में और क्या जानकारियां सामने आती हैं।

दूसरी ओर श्रीनगर में व्हीलचेयर बास्केटबॉल खिलाड़ियों और कोचों के लिए 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। वॉलंटरी मेडिकेयर सोसाइटी (VMS) ने व्हीलचेयर बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया और रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति के सहयोग से कोचों, रेफरी और व्हीलचेयर बास्केटबॉल खिलाड़ियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू की। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में लगभग 40 पुरुष और महिला कोच, रेफरी और खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। वॉलंटरी मेडिकेयर सोसाइटी का कहना है कि इस कार्यशाला का संचालन करने का उद्देश्य खिलाड़ियों को पूरी तरह से प्रशिक्षित करना है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और अच्छा प्रदर्शन कर सकें। प्रभासाक्षी संवाददाता ने श्रीनगर में इस कार्यशाला का जायजा लिया और प्रतिभागियों से बातचीत की।

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सूफी विरासत शो का आयोजन

अब बात करते हैं श्रीनगर में आयोजित किये गये सूफी सांस्कृतिक शो की। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें सभी धर्मों के लोग साथ आये। शो का नाम 'सूफी विरासत' रखा गया था और जम्मू-कश्मीर के सांस्कृतिक इतिहास को पुनर्जीवित करने के लिए इसका आयोजन किया गया था। इस समारोह में जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध गायकों ने सूफी संगीत की प्रस्तुति दी। देखा जाये तो सूफीवाद का भारत में एक गौरवशाली अतीत रहा है और इसने देश की कला, नृत्य और संस्कृति को आकार देने में प्रमुख भूमिका निभाई है।

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