श्रीनगर में मौसम का मजा लेने आ रहे पर्यटक, भयंकर ठंड से गर्म कपड़ों और कांगड़ी की माँग बढ़ी

श्रीनगर में मौसम का मजा लेने आ रहे पर्यटक, भयंकर ठंड से गर्म कपड़ों और कांगड़ी की माँग बढ़ी

बर्फबारी की भी खबर है जिससे पर्यटकों की तादाद भी बढ़ रही है। कश्मीर घाटी की बात करें तो यहां के कई हिस्सों में सुबह-सुबह घने कोहरे की चादर छा गई थी जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। मौसम विभाग ने बताया कि सुबह में कोहरे की यह स्थिति कुछ और दिनों तक जारी रहेगी।

कश्मीर के कई हिस्सों में शनिवार सुबह कोहरे की घनी चादर छाई रही। इसी के साथ घाटी के लगभग सभी इलाकों में न्यूनतम तापमान हिमांक से नीचे दर्ज किया। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में मौसम की सबसे सर्द रात दर्ज की गई जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घाटी में न्यूनतम तापमान शुक्रवार रात हिमांक से नीचे दर्ज किया गया और पारा मौसम के इस समय के लिए सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। श्रीनगर में मौसम का अब तक सबसे कम तापमान शून्य से डेढ़ डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

इसे भी पढ़ें: खूबसूरत Srinagar बना UNESCO Creative City, जानिये किन खासियतों के चलते मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता

कुछ इलाकों में बर्फबारी की भी खबर है जिससे पर्यटकों की तादाद भी बढ़ रही है। कश्मीर घाटी की बात करें तो यहां के कई हिस्सों में सुबह-सुबह घने कोहरे की चादर छा गई थी जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। मौसम विभाग ने बताया कि सुबह में कोहरे की यह स्थिति कुछ और दिनों तक जारी रहेगी क्योंकि मौसम 23 नवंबर तक शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर कश्मीर के हिस्सों में 24 नवंबर को हल्की बर्फबारी होने का अनुमान है। इस बीच अचानक से बढ़ी सर्दी को देखते हुए बाजारों में गर्म कपड़े और कांगड़ी खरीदने वालों की तादाद बढ़ गयी है। प्रभासाक्षी संवाददाता ने श्रीनगर के बाजारों का जायजा लिया और कुछ लोगों से बातचीत की।

इसे भी पढ़ें: LG Manoj Sinha का बड़ा ऐलान- दो साल के अंदर जम्मू-कश्मीर से पूरी तरह खत्म हो जायेगा आतंकवाद

दूसरी ओर, कश्मीर घाटी में मनमोहक शरद ऋतु का मौसम जब अपने चरम पर है तो मुगल गार्डन एक बार फिर से पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन गया है। कश्मीर में सर्दियों के मौसम में राजसी चिनार के पेड़ों के पत्ते हरे से सुनहरे भूरे रंग के हो जाते हैं जो हमेशा प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं। 'चिनार के पेड़ों' की पतझड़ से जो सुंदर माहौल बनता है उसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। भारत के विभिन्न हिस्सों से इस समय यहां लोग आ रहे हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।