चीन की नई हिमाकत! अरुणाचल सीमा पर कई जगहों पर तनाव जारी, ITBP के कमांडोज ने संभाला मोर्चा: DG शत्रुजीत सिंह कपूर का बड़ा बया

ITBP DG Shatrujeet Singh Kapoor
ANI
रेनू तिवारी । Oct 23 2026 10:06AM

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत सिंह कपूर ने खुलासा किया है कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर कई स्थानों पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के साथ भारतीय बलों का आमना-सामना (face-off) हुआ है और इनमें से कुछ स्थितियां अभी भी बनी हुई हैं।

भारत-चीन सीमा (LAC) के पूर्वी सेक्टर से एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील सैन्य घटनाक्रम सामने आया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत सिंह कपूर ने खुलासा किया है कि अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर कई स्थानों पर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सैनिकों के साथ भारतीय बलों का आमना-सामना (face-off) हुआ है और इनमें से कुछ स्थितियां अभी भी बनी हुई हैं। यह वक्तव्य उन्होंने बल के 65वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित एक विशेष सम्मान समारोह के दौरान अपने जवानों को संबोधित करते हुए दिया। ITBP प्रमुख ने चीनी सेना (PLA) के जवानों के साथ आमना-सामने की स्थिति में बेहतरीन कौशल दिखाने के लिए नई कॉम्बैट टीम, 'शौर्य कमांडो' को बधाई दी। ITBP प्रमुख ने कहा, "हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में ऐसी स्थिति बनी, जहां कई जगहों पर आमना-सामना हुआ, और इनमें से कुछ स्थितियां अभी भी जारी हैं। वहां तैनात हमारी 'शौर्य कमांडो' टीमों ने बहुत ही शानदार काम किया है।"

उन्होंने आगे कहा, "हमने पहले ही हर ITBP बटालियन में एक कमांडो टीम तैयार कर ली है, और अब दो और टीमें बनाई जा रही हैं। हमारा लक्ष्य हर बटालियन में एक पूरी कमांडो कंपनी तैयार करना है। इसके अलावा, हम विशेष रूप से कमांडो ऑपरेशंस के लिए एक अलग बटालियन बनाने पर भी काम कर रहे हैं। हमारा ऑपरेशंस विंग इस पर काम कर रहा है, और मुझे उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों में इसका खाका (framework) तैयार हो जाएगा। ये बेहतरीन कमांडो यूनिट्स ITBP की एक खास पहचान बनेंगी।"

भारत-चीन आमना-सामने की स्थिति के बारे में और जानकारी

इससे पहले सितंबर में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच कोर कमांडर स्तर की पहली बैठक हुई थी। सूत्रों के अनुसार, जिन इलाकों में हाल ही में मुद्दे सामने आए हैं, वहां चीनी सैनिकों के रवैये को लेकर भारतीय सेना ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। भारत और चीन की LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) को लेकर अपनी-अपनी समझ अलग-अलग है। इसी अलग-अलग समझ के कारण कई बार ज़मीनी स्तर पर आमना-सामना और अन्य समस्याएं पैदा हो जाती हैं। अब तक, भारत और चीन लद्दाख सेक्टर में चुशुल-मोल्डो बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर LAC से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए कोर कमांडर स्तर की बैठकें करते रहे हैं।

2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद, जिसमें दोनों पक्षों के सैनिकों की जान गई थी, सैन्य स्तर की ये बातचीत और भी महत्वपूर्ण हो गई है। तब से, LAC पर तनाव को नियंत्रित करने के प्रयासों में सैन्य और राजनयिक स्तर की बातचीत एक अहम हिस्सा बनी हुई है। पूर्वी सेक्टर में कोर कमांडर स्तर की बैठक करने का निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि दोनों पक्ष अरुणाचल प्रदेश सीमा से जुड़े मुद्दों को सुलझाना चाहते हैं।

यह ताजा सैन्य घटनाक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद सामने आया है। इस यात्रा के बाद, भारत और चीन ने LAC (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से कई कदम उठाने की घोषणा की थी।

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