By अंकित सिंह | Jul 23, 2026
गुरुवार को मॉनसून सत्र के चौथे दिन, संसद के दोनों सदनों में NEET पेपर 'लीक' मामले पर चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग फिर से मुख्य मुद्दा बनी रही। विपक्ष के लगातार विरोध के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी और लगातार चौथे दिन बिना किसी कामकाज के सदन दिन भर के लिए स्थगित कर दिए गए। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर NEET पेपर 'लीक' मामले पर बहस से भागने और "पहले से शर्तें" थोपने का आरोप लगाया।
आज सदन की बैठक शुरू होते ही विपक्षी सदस्य नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सोमवार को राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को उठाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनसे प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद वह सदस्यों को उनकी बात रखने का अवसर देंगे। सदन में हंगामा थमते न देख बिरला ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। एक बार के स्थगन के बाद बैठक दो बजे शुरू हुई तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि हमने कल भी अपील की और आज भी फिर से सदन से अपील कर रहे हैं कि नीट पेपर लीक मामले में चर्चा बिना विलंब के शुरू होनी चाहिए।
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के अड़े रहने के कारण राज्यसभा की कार्यवाही बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन भी बाधित रही और तीन बार के स्थगन के बाद बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे के कारण उच्च सदन में आज भी शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं हो पाया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने लिखित पाठ से काव्यात्मक पंक्तियां पढ़ना शुरू करते हुए कहा कि विपक्ष देशहित में हर चुनौती का सामना करेगा। उपसभापति हरिवंश ने उन्हें आगे बोलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को केवल गतिरोध समाप्त करने और नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा शुरू कराने के उद्देश्य से बोलने का अवसर दिया गया था, जिसके लिए सरकार पहले ही सहमति जता चुकी है।
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