Palash Muchhal Defamation Case | बॉम्बे हाई कोर्ट का सख्त रुख, निर्माता विज्ञान माने पर लगाया प्रतिबंध

By रेनू तिवारी | Feb 14, 2026

 बॉम्बे हाई कोर्ट ने संगीतकार और फिल्म निर्माता पलाश मुच्छल की मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने निर्माता विज्ञान माने को पलाश मुच्छल के खिलाफ किसी भी तरह के कथित मानहानिकारक बयान देने से रोक दिया है। कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए पारित किया।

पलाश मुच्छल ने इन आरोपों से इनकार किया है और इन्हें झूठा और मानहानि वाला बताया है। उनके वकील ने कोर्ट के सामने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के लगाए गए आरोप उनकी पर्सनल रेप्युटेशन, सोशल इमेज और प्रोफेशनल करियर को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह भी तर्क दिया गया कि बार-बार पब्लिक में बयान देने से उन्हें मानसिक और सामाजिक परेशानी हुई है।

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मामले की सुनवाई करते हुए, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहली नज़र में देखा कि अगर ऐसे आरोपों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो उनसे ऐसा नुकसान हो सकता है जिसकी भरपाई न हो सके। इस आधार पर, कोर्ट ने विद्यान माने को निर्देश दिया कि वह किसी भी प्लेटफॉर्म पर पलाश मुच्छल के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक, बदनाम करने वाला या बिना वेरिफिकेशन वाला बयान न दें या पब्लिश न करें। कोर्ट ने आगे कहा कि बोलने की आज़ादी का इस्तेमाल किसी व्यक्ति की इज़्ज़त को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब सबूत न हों।

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पलाश मुच्छल ने विद्यान माने के खिलाफ 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का केस भी किया है। हाई कोर्ट ने माने को दो हफ़्ते के अंदर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च, 2026 को होनी है।

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