By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
मुंबई, दो नवंबर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने सोमवार को उत्तराखंड में सभी वाणिज्यिक हेलिकॉप्टर संचालकों की तत्काल सुरक्षा समीक्षा कराने की नागर विमानन मंत्रालय से मांग की। पिछले सप्ताह उत्तराखंड में हुई एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई थी। उसके बाद से ही हेलिकॉप्टर सेवाओं से जुड़े सुरक्षा के सवाल उठने लगे हैं।
एफआईपी ने तीर्थयात्रा सेवाओं में लगे परिचालकों के विमानों की उड़ान-योग्यता, परिचालन और नियमों के अनुपालन की समीक्षा के साथ ही पायलटों के अनुभव, पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भरने की दक्षता, मौसम संबंधी मानकों और उड़ान मार्गों का फिर से आकलन करने की सिफारिश की है। संगठन ने हेलीपैड, यात्रियों की आवाजाही की व्यवस्था और दूरदराज के इलाकों में खोज एवं बचाव सुविधाओं की भी समीक्षा करने को कहा है। एफआईपी ने कहा कि हिमालयी राज्यों में दूरदराज के स्थानों तक पहुंचने और आपात स्थिति में मदद पहुंचाने के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं जरूरी हैं।
इसलिए इन सेवाओं को हतोत्साहित करने के बजाय सुरक्षा के उच्चतम मानकों के अनुरूप संचालित करना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि हेलिकॉप्टर सुरक्षा केवल नए नियम बनाने या दुर्घटनाओं के बाद प्रतिबंध लगाने से सुनिश्चित नहीं होगी। इसके लिए सक्षम पायलट, जिम्मेदार ऑपरेटर, प्रभावी नियामकीय निगरानी और उपयुक्त बुनियादी ढांचे की जरूरत है।
एफआईपी ने कहा कि वह राष्ट्रीय हेलिकॉप्टर सुरक्षा ढांचा तैयार करने में अपने अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता का योगदान देने को तैयार है।