लता दीदी को याद कर भावुक हुए पीएम मोदी, कहा- वह मां सरस्वती की एक ऐसी ही साधिका थीं, जिन्होंने...

By अंकित सिंह | Sep 28, 2022

स्वर कोकिला और भारत रत्न लता मंगेशकर का आज 93 वां जन्मदिन है। लता मंगेशकर के नाम पर प्रभु राम की नगरी अयोध्या में एक चौराहे का नामकरण किया गया है। इसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस दौरान नरेंद्र मोदी ने लता मंगेशकर को याद करते हुए पुरानी बातों को साझा किया। लता मंगेशकर के याद में पीएम मोदी भावुक भी नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लता जी, मां सरस्वती की एक ऐसी ही साधिका थीं, जिन्होंने पूरे विश्व को अपने दिव्य स्वरों से अभिभूत कर दिया। अयोध्या में लता मंगेशकर चौक पर स्थापित की गई मां सरस्वती की विशाल वीणा संगीत की साधना का प्रतीक बनेगी।

इसे भी पढ़ें: योगी के मंदिर में लगने लगा श्रद्धालुओं का तांता, एक भक्त ने चढ़ाया सवा किलो चांदी का छत्र

अपनो संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मुझे लता दीदी का गाया वो भजन भी याद आ रहा है, 'मन की अयोध्या तब तक सूनी, जब तक राम ना आए'। अयोध्या के भव्य मंदिर में श्रीराम आने वाले हैं और उससे पहले करोड़ों लोगों में राम नाम की प्राण प्रतिष्ठा करने वाली लता दीदी का नाम अयोध्या शहर के साथ हमेशा के लिए स्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रभु राम तो हमारी सभ्यता के प्रतीक पुरुष हैं। राम हमारी नैतिकता के, हमारे मूल्यों, हमारी मर्यादा, हमारे कर्तव्य के जीवंत आदर्श हैं। अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक, राम भारत के कण-कण में समाये हुये हैं। मोदी ने कहा कि लता दीदी के नाम पर बना ये चौक, हमारे देश में कला जगत से जुड़े लोगों के लिए भी प्रेरणा स्थली की तरह कार्य करेगा। ये बताएगा कि भारत की जड़ों से जुड़े रहकर, आधुनिकता की ओर बढ़ते हुए, भारत की कला और संस्कृति को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाना, ये भी हमारा कर्तव्य है। भारत की हजारों वर्ष पुरानी विरासत पर गर्व करते हुए, भारत की संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना, ये भी हमारा दायित्व है।

प्रमुख खबरें

Delhi में इंटरनेट पाबंदी पर Omar Abdullah का तंज, बोले- नए J&K मॉडल में स्वागत है

Gurdwara Bangla Sahib में जूते पहनकर घुसने का झूठा Video फैलाने वालों पर Delhi Police दर्ज करेगी केस

JPNIC पर बढ़ाई गई सुरक्षा, Jayaprakash Narayan जयंती पर पहुंच सकते हैं Akhilesh Yadav

भारत को आत्मनिर्भर बनाने और विश्व में शांति फैलाने के लिए समर्पण से काम करें स्वयंसेवक: मोहन भागवत