By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 21, 2019
कोलंबो। विश्व कप विजेता कप्तान अर्जुन रणतुंगा को गुरूवार को श्रीलंका के राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड के चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा जिससे उनकी खेल को भ्रष्टाचार मुक्त करने की उम्मीद को झटका लगा। 55 वर्षीय रणतुंगा ने दो में से एक उपाध्यक्ष पद के लिये चुनाव लड़ने का फैसला किया लेकिन वह मतदान के बाद तीसरे स्थान पर रहे। उनके भाई निशांत को भी हार का मुंह देखना पड़ा जिन्हें सचिव के लिये नामांकित किया गया था।
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रणतुंगा के सहयोगी जयंत धर्मदास भी श्रीलंका क्रिकेट अध्यक्ष बनने की मुहिम में विफल रहे। वह रणतुंगा के चिर प्रतिद्वंद्वी और एसएलसी के पूर्व प्रमुख तिलंगा सुमतिपाला के वफादार शम्मी सिल्वा से हार गये। सुमतिपाला दो साल से ज्यादा समय तक इस पद पर काबिज रहे लेकिन 2018 के शुरू में हटने के बाद उन्होंने फिर से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया।