By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 06, 2022
साराजेवो। यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों में रूस द्वारा की जा रही बमबारी की खबरों को देखकर बोस्निया के लोगों की, 1990 के दशक की लड़ाई की यादें ताजा हो गई। अमरा मुफ्तिक ने कहा, ‘‘ लंबा समय नहीं हुआ जब हम भी उनकी तरह थे।’’ उल्लेखनीय है कि युगोस्लाविया के खूनी संघर्ष के दौरान बोस्नियाई सर्ब सैनिकों ने वर्ष 1990 की शुरुआत में साराजेवो को घेर लिया था। इसकी वजह से करीब 3.5 लाख लोग 46 महीनों तक फंसे रहे और रोजाना गोलाबारी और बिजली नहीं रहने, खाना-पानी और दवाओं की कमी और बाकी दुनिया से कटने का दर्द सहते रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘ सभी युद्ध पीड़ादायक होते हैं, सभी हमले आम लोगों के खिलाफ घृणित होते हैं लेकिन यूक्रेन में इस समय जो हो रहा है वह हमारे लिए दर्दनाक है क्योंकि वे हमारे बहुत करीब हैं और उनकी स्थिति लगभग वैसी ही है जैसी तीन दशक पहले हमारीथी।