1 नवंबर की Congress रैली पर बोले Shashi Tharoor, नागरिकों के अधिकारों पर पार्टी चुप नहीं रहेगी

By अभिनय आकाश | Oct 27, 2026

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच को एक सफल आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल देशों ने संयुक्त घोषणापत्र को लेकर अपने मतभेदों को आपसी सहमति से सुलझा लिया है। इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली का भी बचाव किया। पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने कहा कि ब्रिक्स सदस्य देशों के सांसद अहम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आए थे और यह आयोजन सकारात्मक रूप से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा संयुक्त घोषणापत्र को लेकर कुछ चर्चा हुई थी। मुझे पता है कि एक देश कुछ और भी चाहता था, जिसे बाकी देश स्वीकार नहीं कर सके। अंत में, सब कुछ आपसी सहमति से सुलझ गया और भारत ने आधिकारिक तौर पर चीन को अध्यक्षता सौंप दी। थरूर ने कहा कि भारत को ब्रिक्स (BRICS) और अन्य मंचों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संसदीय कूटनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहना चाहिए। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के बारे में थरूर ने कहा कि अगर नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कमज़ोर किया जा रहा है, तो पार्टी चुप नहीं बैठ सकती। 

इसे भी पढ़ें: अपमानजनक भाषा पर Delhi High Court सख्त, Nishikant Dubey केस में Mahua Moitra को समन


साथ ही, सरकार को भी यह समझना चाहिए कि अगर इस मामले का समाधान नहीं निकलता है, तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं।" इस बीच, भाजपा सांसद हेमांग जोशी ने 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच को एक सफल आयोजन बताया। उन्होंने बताया कि इसमें स्थिरता, सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, कृषि और व्यापार में सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। जोशी ने कहा कि भारत द्वारा इस मंच की मेज़बानी करने से विदेशी प्रतिनिधिमंडलों को भारत की 'विविधता में एकता' को करीब से देखने का मौका मिला और इससे उनके भारतीय समकक्षों के साथ भविष्य में और बेहतर जुड़ाव की संभावनाएँ मज़बूत हुई हैं।

प्रमुख खबरें

तमिलनाडु में जेल ब्रेक घटनाओं पर MK Stalin ने TVK सरकार पर साधा निशाना

Maharashtra में MSRTC कर्मियों को Diwali से पहले मिलेगा वेतन, 391 करोड़ रुपये मंजूर

High Uric Acid कंट्रोल करने में मददगार है यह घरेलू चाय, सिर्फ 3 चीजों से करें तैयार

New Delhi में BRICS मंच ने उठाई Global South की आवाज, संयुक्त राष्ट्र में बदलाव की अपील