By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 27, 2019
नयी दिल्ली। किसी कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) में मध्यस्थ इकाइयों के जरिये बोली लगाने वाले खुदरा निवेशकों को सभी भुगतान एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) प्रणाली के जरिये करने होंगे। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने शुक्रवार को एक परिपत्र जारी कर 45 बैंकों की सूची उपलब्ध करायी है जिनके जरिए खुदरा निवेशक आईपीओ के लिए यूपीआई माध्यम से निवेश कर सकते हैं।
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यूपीआई प्रणाली का यह दूसरा चरण एक जुलाई से शुरू हो चुका है। इसका पहला चरण जनवरी 2019 में शुरू किया गया था। सेबी ने स्व-प्रमाणित बैंकों के सिंडीकेट और मोबाइल एप की एक सूची जारी की है। इस सूची में भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और इलाहाबाद बैंक इत्यादि शामिल हैं। इसी के साथ खुदरा व्यक्तिगत निवेशक द्वारा मध्यस्थों के जरिए आईपीओ आवेदन करने की मौजूदा प्रणाली बंद कर दी गयी है। इसमें निवेशकों को मध्यस्थों को एक बोली-सह-आवेदन फॉर्म भरना होता था जिसमें बैंक खाते की जानकारी भी देनी होती थी।
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इसके अलावा सेबी ने जिंस वायदा बाजार के लिए एक अलग परिपत्र जारी किया है। इसमें सभी जिंस वायदा के लिए न्यूनतम डिलीवरी अवधि को पांच कार्यदिवस तय किया गया है। ऐसा सेबी ने विभिन्न एक्सचेंज पर समयसीमा में एकरूपता लाने के लिए किया है। वायदा बाजार में व्याप्त विविध डिलीवरी अवधि वह समय होता है जिसमें विक्रेता या खरीदार दोनों के सौदे बिना निपटान के पड़े होते हैं और इस अवधि के दौरान वह अनुबंध के तहत डिलीवरी लेने अथवा देने की अपनी मंशा व्यक्त करते हैं। इसके लिये वर्तमान में कोई एकरूपता नहीं है। इसके लिये सेबी ने न्यूतम समयसीमा पांच कार्यदिवस तय की है।