By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 30, 2022
पालघर। महाराष्ट्र के मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने कहा है कि उन्होंने वर्षों पहले शिवसेना छोड़कर अपने राजनीतिक करियर को जोखिम में डाला था, लेकिन उन्होंने ऐसा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लोगों के फायदे के लिए लिया था। महाराष्ट्र के एक प्रमुख ओबीसी नेता भुजबल ने शुक्रवार को ओबीसी समाज हक्का संघर्ष समिति द्वारा आयोजित एक बैठक को संबोधित करते हुए यह बयान दिया। स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी समुदाय के लिए राजनीतिक आरक्षण की मांग को लेकर पालघर में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद यह बैठक हुई थी।
मौजूदा समय में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार का हिस्सा हैं। इस बीच, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के राज्य सरकार को तीन मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए दिये गए अल्टीमेटम पर भुजबल ने कहा कि इस मुद्दे से सावधानी से निपटने की जरूरत है ताकि इससे कानून और व्यवस्था की समस्याएं पैदा न हों।