Chhattisgarh Govt Schools में Vedic Mantras अनिवार्य, Congress बोली- यह संविधान के खिलाफ

By अंकित सिंह | Jun 15, 2026

छत्तीसगढ़ में भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के एक आदेश के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस आदेश में 16 जून, 2026 से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में रोज़ाना वैदिक मंत्रों – जिनमें गायत्री मंत्र और सरस्वती वंदना शामिल हैं – का पाठ करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस कदम से तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है; विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर सरकारी शिक्षा का भगवाकरण करने की कोशिश का आरोप लगाया है, जबकि सत्ताधारी बीजेपी ने इस फैसले का बचाव करते हुए इसे छात्रों में सांस्कृतिक मूल्यों और नैतिक विकास को बढ़ावा देने की कोशिश बताया है।

कांग्रेस नेताओं ने इस आदेश का कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि यह सरकारी स्कूलों के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप का उल्लंघन करता है। कांग्रेस मीडिया सेल के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बीजेपी सरकार धर्मनिरपेक्ष सरकारी स्कूलों को सरस्वती शिशु मंदिरों की तर्ज पर चलाने की कोशिश कर रही है। स्कूलों में सभी धर्मों और समुदायों के बच्चे आते हैं, और धार्मिक पाठ थोपना संविधान के खिलाफ है।

इसे भी पढ़ें: BJP का Punjab मिशन 2027: सभी 117 सीटों पर अकेले लड़ेगी चुनाव, अब नहीं गठबंधन

उन्होंने आगे चेतावनी दी कि इस कदम से दूसरे समुदायों की ओर से भी ऐसी ही मांगें उठने का सिलसिला शुरू हो सकता है। हालांकि, सत्ताधारी बीजेपी ने इस आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि यह पहल गैर-राजनीतिक है और इसका मकसद चरित्र निर्माण है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि इन प्रार्थनाओं को शुरू करने का मकसद छात्रों में अनुशासन और अच्छे संस्कार पैदा करना है।

देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

प्रमुख खबरें

BJP अपने दरवाजे बंद करती है, तो...सपा संग गठबंधन की अटकलों पर संजय निषाद ने खुद सारी स्थिति साफ कर दी

जब कैटरीना कैफ की पार्टी में टकराए दो खान! 2008 का वो ऐतिहासिक झगड़ा जिसने बॉलीवुड को दो हिस्सों में बांट दिया था

एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने और टॉप 50 रैंकिंग पर Syndrela Das की नजर

Saudi Arabia ने हूतियों पर दागी मेड इन चाइना मिसाइल, यमन के रेगिस्तान में ही जा गिरी