By अंकित सिंह | Aug 12, 2026
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर संसद से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शाह हालिया विरोध-प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर विपक्ष के सवालों का सामना करने से कतरा रहे हैं। बनर्जी ने कहा कि शाह को चर्चा से बचने के बजाय सदन में आकर सीधे सवालों का जवाब देना चाहिए। बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्री को होश में आना चाहिए। वह सदन में भी नहीं आ रहे हैं; मैं तो आ रहा हूं, तो वह क्यों नहीं आ रहे?
विपक्ष संसद में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सरकार से चर्चा और जवाब की मांग कर रहा है, जबकि सरकार ने विपक्षी दलों पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने और चर्चा न होने देने का आरोप लगाया है। परिसीमन विधेयक, 2026 पर बनर्जी ने तमिलनाडु विधानसभा के उस प्रस्ताव का समर्थन किया जिसमें प्रस्तावित प्रक्रिया का विरोध किया गया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा ने सही फ़ैसला लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन की कोई भी ऐसी प्रक्रिया जिससे सीमाएँ और ज़िले बदलें, भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर डाल सकती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने बिल्कुल सही काम किया। अगर परिसीमन विधेयक पास हो जाता है, तो इससे भारत के लोकतंत्र को और कमज़ोर किया जाएगा क्योंकि इससे सीमाएँ और ज़िले बदल जाएँगे।
बनर्जी ने 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026' का भी विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की। इस बिल को जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार FCRA बिल का राजनीतिकरण कर रही है और इसकी तुलना NEET सहित अन्य मुद्दों से जुड़े संशोधनों से की। बनर्जी ने कहा कि वे FCRA बिल का राजनीतिकरण कर रहे हैं। जैसे हर दो साल में संशोधन लाए जाते हैं, वैसा ही NEET के मामले में भी हुआ। जब भी कोई संकट आता है, तो BJP सरकार संशोधन लाकर ध्यान भटकाने की कोशिश करती है।
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