By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 25, 2019
नयी दिल्ली। महाराष्ट्र मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को संसद के भीतर एवं बाहर जमकर विरोध किया। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य में भाजपा और अजित पवार के मिलकर रातोंरात सरकार बनाने सहित पूरे घटनाक्रम को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया।
इसे भी पढ़ें: संसदीय लोकतंत्र की सफलता विपक्ष की राय का सम्मान करने पर निर्भर है: ओम बिरला
इस सत्र में पहली बार सदन में पहुंचे गांधी ने सवाल पूछने से इनकार करते हुए कहा, ‘‘महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या हुई है, ऐसे में मेरे सवाल पूछने का कोई मतलब नहीं है।’’ इसी बीच स्पीकर बिरला ने बड़ा पोस्टर लहरा रहे इडेन और प्रतापन को ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी। सदस्यों के नहीं मानने पर स्पीकर ने मार्शलों को दोनों कांग्रेस सदस्यों को सदन से बाहर करने का आदेश दिया। इसके बाद मार्शल इन दोनों सदस्यों को सदन से बाहर ले जाने के लिए पहुंचे तो उनके साथ इडेन, प्रतापन और अन्य कांग्रेस सदस्यों की धक्कामुक्की हो गयी। महाराष्ट्र मुद्दे पर हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही भी नहीं चल सकी और पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
इसे भी पढ़ें: झारखंड में भाजपा सरकार ने पांच सूत्रों पर काम किया: नरेन्द्र मोदी
सोमवार को सदन की कार्यवाही आरंभ होने से पहले संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने कांग्रेस सांसदों ने महाराष्ट्र के मुद्दे पर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर लिए कांग्रेस नेताओं ने ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ ‘प्रधानमंत्री होश में आओ’ और ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाए। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम में राज्यपाल ने शनिवार की सुबह भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री और राकांपा नेता अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी। इसके बाद से शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा ने अपने-अपने विधायकों को मुंबई के अलग-अलग होटलों में ठहराया है। फडणवीस और अजित पवार के शपथग्रहण के बाद इन तीनों दलों ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया है जिस पर शीर्ष अदालत मंगलवार को फैसला सुनाएगी।