By अंकित सिंह | Nov 23, 2022
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लगातार कई कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से वैश्विक निवेशक सम्मेलन की भी तैयारियां जोरों पर है। इसी को लेकर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने तंज कसा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यह प्रयास सिर्फ कृषि भूमि के अधिग्रहण और राजनीति तथा चुनावी स्वार्थ तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मायावती ने कई ट्वीट किए। अपने ट्वीट में मायावती ने लिखा कि उत्तर प्रदेश में बीएसपी सरकार में लोगों को रोजगार तथा बुनियादी सुविधाओं से युक्त नए पक्के मकान व भूमि आदि भी फ्री में लाखों परिवारों को आवंटित करके यहाँ गरीबों का जीवन धन्य होते हुए सभी ने देखा। उन्होंने सवाल किया कि पहले सपा व अब भाजपा सरकार में भी वैसी खास प्रगति क्यों नहीं?
दूसरी ओर मंगलवार को उत्तर प्रदेश को देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023” के आयोजन की औपचारिक घोषणा की है। जीआईएस 2023 के लोगो का अनावरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश आज एक प्रगतिशील परिवर्तनकारी यात्रा के शिखर पर है। प्रधानमंत्री जी द्वारा निर्धारित 'आत्मनिर्भर भारत' का विजन इस कायाकल्प का प्रमुख स्तंभ है। भारत को $5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का देश बनाने के प्रधानमंत्री जी के विजन का अनुकरण करते हुए, उत्तर प्रदेश ने अपने लिए $1 ट्रिलियन का लक्ष्य रखा है। इस क्रम में हमारी सरकार 10 से 12 फरवरी, 2023 तक लखनऊ में एक ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर रही है, ताकि राज्य में उपलब्ध असीम व्यावसायिक अवसरों से देश और दुनिया लाभान्वित हो सके।