Punjab DA केस: High Court को गुमराह करने पर Chief Secretary KAP Sinha को अवमानना नोटिस, 9 अक्टूबर को पेशी का आदेश

By अभिनय आकाश | Oct 07, 2026

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को नोटिस जारी कर उनसे पूछा कि राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ते से जुड़े एक मामले में अदालत को कथित तौर पर "जानबूझकर गुमराह" करने के आरोप में उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही क्यों शुरू न की जाए। अदालत ने उन्हें अगली सुनवाई की तारीख 9 अक्टूबर को उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की पीठ ने सर्वोच्च न्यायालय रजिस्ट्री की एक रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की, जिसमें राज्य सरकार के अपील की स्थिति पर दिए गए रुख का खंडन किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब की अपील में कई खामियां अभी तक दूर नहीं की गई थीं, जबकि मुख्य सचिव के हलफनामे में कहा गया था कि खामियों को दूर कर दिया गया है और अपील दोबारा दायर कर दी गई है।

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अदालत ने आगे टिप्पणी की, दोषपूर्ण अपील दायर किए जाने के लगभग एक महीने बाद उसे दोबारा दायर करना, प्रथम दृष्टया यह दर्शाता है कि इस अदालत के समक्ष तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का ही प्रयास किया गया था। अदालत ने कहा, रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से, हम प्रथम दृष्टया पाते हैं कि मुख्य सचिव द्वारा इस अदालत के समक्ष जानबूझकर तथ्यों का गलत बयान दिया गया है। इसलिए हम पंजाब के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हैं कि वे स्पष्ट करें कि झूठे बयान देकर जानबूझकर इस अदालत को गुमराह करने के लिए उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना ​​की कार्यवाही क्यों शुरू न की जाए।” पीठ ने यह भी कहा कि सर्वोच्च न्यायालय रजिस्ट्री की रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि सोमवार को उसके समक्ष झूठा बयान दिया गया था।

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उच्च न्यायालय ने अपनी रजिस्ट्री को राज्य सरकार की अपील की स्थिति पर सर्वोच्च न्यायालय से तुरंत रिपोर्ट प्राप्त करने का निर्देश दिया था। पीठ ने पंजाब सरकार को अदालत के साथ “लुका-छिपी” खेलने के लिए फटकार लगाई और उसके इस दावे पर सवाल उठाया कि खामियों को दूर कर दिया गया है। जबकि राज्य के वकील ने जोर देकर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष अपील सही थी, याचिकाकर्ताओं ने इस दावे का पुरजोर खंडन किया।

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