सहारनपुर की आयशा मस्जिद में अजान पर रोक न लगाए प्रशासन, Allahabad High Court का निर्देश

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सहारनपुर जिला प्रशासन और पुलिस को आयशा मस्जिद में पांच वक्त की अजान देने में दखल न देने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस दौरान ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों और लाउडस्पीकर के प्रयोग पर 2020 के अदालती फैसले का कड़ाई से पालन होना चाहिए। पीठ ने यह फैसला स्थानीय निवासियों की याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुनाया।
प्रयागराज (उप्र), छह अक्टूबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सहारनपुर पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वे आयशा मस्जिद में दिन में पांच बार अजान दिए जाने में हस्तक्षेप न करें। हालांकि अदालत ने इसके लिए यह शर्त रखी है कि अजान के दौरान ध्वनि से जुड़े नियमों और अजान में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर अदालत के 2020 के फैसले का पालन किया जाएगा। न्यायमूर्ति अजीत कुमार और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने एक अक्टूबर को सहारनपुर जिले के शाहनवाज खान और पांच अन्य निवासियों की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ताओं ने मस्जिद में दिन में पांच बार अजान दिए जाने और इसके लिए लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा था कि अदालत के फैसलों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति होने के बावजूद अधिकारी उन्हें अजान के लिए लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दे रहे। हालांकि, राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ताओं को अजान दिए जाने से नहीं रोका गया है और रोक केवल लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने के तरीके पर है।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे न तो ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करेंगे और न ही पहले दिए गए अदालत के फैसले का। उन्होंने कहा कि वे अजान के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से जुड़े तय नियमों और निर्देशों का सख्ती से पालन करेंगे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वे अजान दिए जाने में हस्तक्षेप न करें।
अन्य न्यूज़













