By एकता | Jan 08, 2026
क्या आपको लगता है कि रिश्ते में ज्यादा कोशिश आप ही कर रहे हैं? बात शुरू करना हो, कॉल करना हो या मिलने का प्लान—सब कुछ आप ही करते हैं? अगर ऐसा है, तो मुमकिन है कि आपका पार्टनर इमोशनली आपसे जुड़ा हुआ न हो। ऐसे लोग बुरे नहीं होते, लेकिन उनकी दूरी रिश्ते को एकतरफा बना देती है। धीरे-धीरे यही दूरी आपको अकेला, कन्फ्यूज और दुखी महसूस कराने लगती है।
ऐसे पार्टनर अक्सर दिल की बातों से बचते हैं। आप उनसे खुलकर बात करना चाहते हैं, लेकिन जवाब में सिर्फ 'हां', 'ठीक है' या चुप्पी मिलती है। बात गहरी होते ही वे टॉपिक बदल देते हैं, क्योंकि अपनी भावनाएं बताना उन्हें मुश्किल लगता है।
जब भविष्य की बात आती है, तो वे और भी असहज हो जाते हैं। साथ घूमने, परिवार से मिलवाने या रिश्ते को नाम देने की बात पर वे टालमटोल करते हैं। वे कहते हैं कि उन्हें बस आज में जीना है। यह अक्सर कमिटमेंट से डरने का संकेत होता है।
उनका प्यार भी स्थिर नहीं होता। कभी बहुत केयर दिखाते हैं, फिर अचानक कई दिनों तक गायब हो जाते हैं। इससे आप हर समय अनिश्चित और परेशान रहते हैं।
अगर आप अपनी भावनाएं बताते हैं और वे उसे 'ज्यादा सोच रही हो' या 'ड्रामा मत करो' कहकर टाल देते हैं, तो यह भी एक बड़ी चेतावनी है।
कई बार फिजिकल नजदीकी होती है, लेकिन दिल से जुड़ाव नहीं। याद रखें, सच्चा रिश्ता वही है जहां सामने वाला भावनाओं में भी आपके साथ खड़ा हो।