Midlife Crisis या Menodivorce? 50 की उम्र में Hormones कैसे बन रहे हैं तलाक की बड़ी वजह?

By एकता | Jan 02, 2026

आजकल रिश्तों से जुड़े नए शब्द सुनने को मिल रहे हैं। पहले ग्रे डिवोर्स और साइलेंट डिवोर्स की चर्चा होती थी, अब एक नया शब्द सामने आया है, वो है मेनो डिवोर्स। यह शब्द खास तौर पर 45 से 65 साल की उम्र के कपल्स से जुड़ा है, जहां महिलाएं कई साल की शादी के बाद अलग होने का फैसला कर रही हैं।

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इसके कारण क्या हैं?

मिडलाइफ में एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन कम हो जाते हैं, जिससे चिड़चिड़ापन, थकान, नींद की कमी और तनाव बढ़ सकता है। जो बातें पहले नजरअंदाज हो जाती थीं, वे अब बड़ी लगने लगती हैं। बच्चे बड़े होकर घर छोड़ देते हैं और महिला खुद से पूछती है, क्या यह रिश्ता अब भी मुझे खुश रख रहा है? इसके अलावा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समाज में सोच का बदलना भी एक बड़ा कारण है। भारत में भी अब महिलाएं केवल समझौते के लिए रिश्ते में बने रहना जरूरी नहीं समझतीं।

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मेनो डिवोर्स से कैसे बचा जा सकता है?

खुलकर बातचीत करना सबसे जरूरी है। पार्टनर को अपनी परेशानी समझाएं। जरूरत पड़े तो डॉक्टर या काउंसलर की मदद लें। साथ समय बिताएं, जिम्मेदारियां बांटें और सबसे अहम, अपनी सेहत और खुशी को प्राथमिकता दें। मेनो डिवोर्स तलाक की मजबूरी नहीं है बल्कि यह आत्म-मंथन का दौर है, जिसमें सही समझ और सहयोग से रिश्ते को बचाया भी जा सकता है।

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