अब गोलियां भी मेड इन इंडिया, भारत-रूस की ऐतिहासिक डील!
आज के दौर में जब दुनिया में युद्धों की वजह से सप्लाई चेन टूट रही है तब भारत ने यह सुनिश्चित किया है कि हमारी राइफल्स के लिए गोला बारूद की कमी नहीं होनी चाहिए। यह आत्मनिर्भरता का वो मॉडल है जहां हथियार बनाने वाली संस्था और गोला बारूद बनाने वाली संस्था एक साथ भारत को बाहरी दबाव से मुक्त कर रहे हैं। अब भारत को रूस या किसी देश से बाहर से बार-बार गोलियां मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।



























































