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    <title><![CDATA[Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi]]></title>
    <description><![CDATA[Latest News in Hindi, Breaking Hindi News, Hindi News Headlines, ताज़ा ख़बरें, Prabhasakshi.com पर]]></description>
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      <title><![CDATA[Taiwan Strait में नहीं थम रही चीनी ड्रैगन की दादागिरी, 24 घंटे में दर्जनों Warships-Jets Active]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/taiwan-on-high-alert-as-chinese-warplanes-breach-zone]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>दुनिया की निगाहें इन दिनों जहां अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव पर टिकी हुई हैं, वहीं दूसरी तरफ ताइवान को भी चीन के हमले का डर सता रहा है। ताइवान के आस-पास चीन की सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। आए दिन ताइवान के क्षेत्र में चीनी लड़ाकू विमान और युद्धपोत देखे जा रहे हैं, जिससे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है।</div><div><br></div><h2><b>क्या है पूरा मामला?</b></h2><div>ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को जानकारी दी कि स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे तक चीन के चार लड़ाकू विमान और छह नौसैनिक जहाज ताइवान के आस-पास सक्रिय पाए गए। मंत्रालय के मुताबिक, इन चार में से तीन चीनी लड़ाकू विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार किया और ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी व दक्षिण-पूर्वी एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन में घुस गए।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/marco-rubio-cites-major-progress-in-us-iran-talks" target="_blank">Iran पर जल्द होगा Big Announcement? अमेरिकी मंत्री Marco Rubio बोले- आखिरी फैसला Donald Trump लेंगे</a></h3><div><br></div><h2><b>चीनी गतिविधियों पर ताइवान की पैनी निगाह</b></h2><div>चीनी सेना की इस हरकत के बाद ताइवान की सेना भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश की सेनाएं पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रही हैं और स्थिति को देखते हुए उचित जवाबी कार्रवाई की गई है।</div><div><br></div><h2><b>शनिवार को भी चीन ने की थी घुसपैठ की कोशिश</b></h2><div>आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी चीन की तरफ से बड़े स्तर पर सैन्य हलचल देखी गई थी। तब ताइवान के आस-पास चीन के 16 विमानों और 8 नौसैनिक जहाजों का पता चला था। उन 16 विमानों में से 13 ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा को पार कर उकसाने वाली कार्रवाई की थी।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-defends-us-to-india-amid-racism-concerns" target="_blank">भारत-अमेरिका दोनों देशों में मौजूद हैं बेवकूफ लोग, USA में Racism पर बोले Marco Rubio</a></h3><div><br></div><h2><b>ताइवान और चीन के बीच विवाद की वजह</b></h2><div>दरअसल, ताइवान पर चीन का दावा एक बेहद पुराना और जटिल मुद्दा है। बीजिंग का हमेशा से यह दावा रहा है कि ताइवान चीन का ही एक हिस्सा है और वह इसे अपने में मिलाना चाहता है। दूसरी तरफ, ताइवान खुद को एक पूरी तरह आजाद देश मानता है। ताइवान की अपनी लोकतांत्रिक सरकार, अलग सेना और खुद की मजबूत अर्थव्यवस्था है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ताइवान की यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस का एक बड़ा मुद्दा बनी हुई है और इसी वजह से दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:26:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/taiwan-on-high-alert-as-chinese-warplanes-breach-zone</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[Iran पर जल्द होगा Big Announcement? अमेरिकी मंत्री Marco Rubio बोले- आखिरी फैसला Donald Trump लेंगे]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/marco-rubio-cites-major-progress-in-us-iran-talks]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र के हालातों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, "ईरान की स्थिति को लेकर मेरा मानना है कि आज इस विषय पर कुछ ही देर में और भी खबरें सामने आ सकती हैं। हालांकि इस पर आगे की कोई भी बड़ी घोषणा करने का काम मैं अपने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर छोड़ता हूं।"</div><div><br></div><div>उन्होंने आगे बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत में काफी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन अभी इसे आखिरी फैसला नहीं माना जा सकता। रूबियो ने दुनिया को याद दिलाते हुए कहा कि अमेरिका का अंतिम लक्ष्य यही सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हों और वह इन्हें कभी हासिल न कर पाए।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-defends-us-to-india-amid-racism-concerns" target="_blank">भारत-अमेरिका दोनों देशों में मौजूद हैं बेवकूफ लोग, USA में Racism पर बोले Marco Rubio</a></h3><div><br></div><h2><b>अंतरराष्ट्रीय जहाजों को डराना पूरी तरह गैर-कानूनी</b></h2><div>मार्को रूबियो ने होर्मुज जलडमरूमध्य&nbsp; का जिक्र करते हुए ईरान के रुख की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। ईरान अभी वहां जो कुछ भी कर रहा है, वह असल में अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का इस्तेमाल करने वाले व्यापारिक जहाजों को तबाह करने की धमकी देना है। यह हरकत अंतरराष्ट्रीय कानून के किसी भी नियम के तहत पूरी तरह से गैर-कानूनी है।"</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-on-us-visa-changes-not-targeting-india" target="_blank">भारत टारगेट नहीं, US Visa Policy में बदलाव के बीच Marco Rubio ने की Indians की तारीफ</a></h3><div><br></div><h2><b>बिना किसी टोल के खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य</b></h2><div>खाड़ी देशों के साथ चल रही बातचीत की जानकारी देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "पिछले 48 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हमारे सहयोगियों के साथ मिलकर एक नए फ्रेमवर्क पर काम किया गया है और इसमें अच्छी प्रगति हुई है। अगर हमारा यह प्लान पूरी तरह सफल रहता है, तो इसका आखिरी नतीजा यह होगा कि हमें न केवल पूरी तरह से खुला हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य मिलेगा, बल्कि यह रास्ता बिना किसी टोल के पूरी दुनिया के व्यापार के लिए हमेशा खुला रहेगा।"</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:13:45 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/marco-rubio-cites-major-progress-in-us-iran-talks</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[भारत-अमेरिका दोनों देशों में मौजूद हैं बेवकूफ लोग, USA में Racism पर बोले Marco Rubio]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-defends-us-to-india-amid-racism-concerns]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>दिल्ली में, अमेरिका के भीतर भारतीय-अमेरिकियों के प्रति की गई नस्लवादी टिप्पणियों से जुड़े एक सवाल के जवाब में, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं इस तरह की टिप्पणियों को बहुत गंभीरता से लूंगा। मुझे पूरा यकीन है कि कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने ऑनलाइन और दूसरी जगहों पर ऐसी गलत टिप्पणियां की हैं, क्योंकि दुनिया के हर देश में बेवकूफ लोग होते हैं।"</div><div><br></div><h2><b>अमेरिका में भी हैं बेवकूफी करने वाले लोग</b></h2><div>मार्को रूबियो ने साफ शब्दों में कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि यहां (भारत में) भी कुछ बेवकूफ लोग हैं और अमेरिका में भी ऐसे बेवकूफ लोग हैं जो हर समय इस तरह की बेवकूफी भरी टिप्पणियां करते रहते हैं। लेकिन ऐसे कुछ लोगों की वजह से पूरे देश को नहीं आंका जा सकता।"</div><div><br></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-on-us-visa-changes-not-targeting-india" target="_blank">भारत टारगेट नहीं, US Visa Policy में बदलाव के बीच Marco Rubio ने की Indians की तारीफ</a></h3><div><br></div><h2><b>प्रवासियों ने अमेरिका को बनाया समृद्ध</b></h2><div>अमेरिकी विदेश मंत्री ने अमेरिका की तारीफ करते हुए आगे कहा, "अमेरिका एक बहुत ही मेहमाननवाज देश है। हमारा देश हमेशा से उन लोगों की वजह से आगे बढ़ा और समृद्ध हुआ है, जो दुनिया भर से हमारे देश में आते हैं और यह आकर अपना योगदान देते हैं।"</div><div><br></div>


<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Delhi: On being asked about racist remarks against Indian Americans in the United States, US Secretary of State Marco Rubio says, "I'll take that very seriously about the comments. I'm sure that there are people who have made comments online and in other places because… <a href="https://t.co/JZBZv1L94Y">pic.twitter.com/JZBZv1L94Y</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/2058457090650526079?ref_src=twsrc%5Etfw">May 24, 2026</a></blockquote>]]></description>
      <pubDate>Sun, 24 May 2026 15:03:05 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-defends-us-to-india-amid-racism-concerns</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Quetta Train Blast:  ईद की खुशियां मातम में बदलीं, Suicide Bomber ने ट्रेन के उड़ाए परखच्चे, 24 जवानों की मौत]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/bla-suicide-attack-on-pakistan-train-kills-24]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत रविवार सुबह एक भयानक बम धमाके से हिल गया। प्रांतीय राजधानी क्वेटा में 'क्वेटा-चमन फाटक' के पास यह आत्मघाती हमला हुआ। आतंकियों ने ईद की छुट्टियों के लिए अपने घर जा रहे सुरक्षाकर्मियों से भरी एक शटल ट्रेन को निशाना बनाया। इस दर्दनाक आतंकी हमले में कम से कम 24 लोगों की जान चली गई है, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और स्पेशल ट्रेन की तीनों बोगियां पूरी तरह से बर्बाद हो गईं।</div><div><br></div><h2><b>ईद पर घर लौट रहे थे जवान</b></h2><div>मिली जानकारी के मुताबिक, जिस ट्रेन पर हमला हुआ वह क्वेटा कैंटोनमेंट के अंदर बने रेलवे स्टेशन से यात्रियों को लेकर शहर की तरफ आ रही थी। यह स्टेशन एफसी हॉस्पिटल और सीएमए क्वेटा के बीच में है। नवंबर 2024 में क्वेटा के मुख्य रेलवे स्टेशन पर हुए बड़े हमले के बाद, सुरक्षा को देखते हुए पाकिस्तानी सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को मुख्य स्टेशन के बजाय सीधे सैन्य छावनी के अंदर से ही ट्रेनों में बैठाया जा रहा था।</div><div><br></div><div>यह ट्रेन आने वाली बकरीद की छुट्टियों पर अपने घर लौट रहे पाकिस्तानी सैनिकों और उनके परिवारों को ले जा रही थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि ट्रेन को एक पैरामिलिट्री कैंप के पास नई बोगियां जोड़ने के लिए रोका गया था, तभी रविवार सुबह करीब 8:00 बजे चमन फाटक के पास यह आत्मघाती धमाका हो गया।</div><div><br></div>




<blockquote class="twitter-tweet" data-media-max-width="560"><p lang="en" dir="ltr"><a href="https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#WATCH</a> | Quetta, Pakistan: An explosion took place at the Quetta railway track, injuring more than 50 people and atleast 24 people died in this accident. The blast derailed a cargo train, and gunfire was heard afterwards: Reuters<br><br>(Video Source: Reuters) <a href="https://t.co/j72GwiTTUe">pic.twitter.com/j72GwiTTUe</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/2058463096264671532?ref_src=twsrc%5Etfw">May 24, 2026</a></blockquote>




<div><br></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-on-us-visa-changes-not-targeting-india" target="_blank">भारत टारगेट नहीं, US Visa Policy में बदलाव के बीच Marco Rubio ने की Indians की तारीफ</a></h3><div><br></div><h2><b>BLA के 'मजीद ब्रिगेड' ने ली जिम्मेदारी</b></h2><div>इस बड़े हमले के तुरंत बाद बलूचिस्तान के प्रतिबंधित और कुख्यात अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने इसकी जिम्मेदारी ले ली है। बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने मीडिया के लिए जारी एक बयान में कहा, "आज सुबह, बलूच लिबरेशन आर्मी की फिदायीन शाखा 'मजीद ब्रिगेड' ने क्वेटा कैंट से सेना के जवानों को ले जा रही एक ट्रेन को एक सोचे-समझे फिदायीन हमले में निशाना बनाया है। बीएलए इस ऑपरेशन की पूरी जिम्मेदारी लेता है।"</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/trump-iran-deal-looms-sidelines-israel" target="_blank">America और Iran के बीच डील करीब-करीब पक्की, Donald Trump जल्द कर सकते हैं बड़ा ऐलान</a></h3><div><br></div><h2><b>मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका</b></h2><div>धमाके के बाद घटना वाली जगह पर भारी अफरा-तफरी मच गई। खबर मिलते ही पाकिस्तानी सुरक्षा बल और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। शवों और गंभीर रूप से घायल लोगों को तुरंत क्वेटा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी लागू कर दी है और सभी डॉक्टरों को ड्यूटी पर तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 24 May 2026 14:42:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/bla-suicide-attack-on-pakistan-train-kills-24</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[भारत टारगेट नहीं, US Visa Policy में बदलाव के बीच Marco Rubio ने की Indians की तारीफ]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-on-us-visa-changes-not-targeting-india]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>वीजा नियमों (जे1, एफ1 और एच-1बी वीजा) में हाल ही में हुए बदलावों के सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने दिल्ली में अपनी बात रखी। उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय प्रवासियों के योगदान की खुलकर तारीफ की। रूबियो ने कहा, "सबसे पहले, मैं अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीयों के योगदान को स्वीकार करता हूं। भारतीय कंपनियों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 20 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है और हम चाहते हैं कि यह निवेश लगातार बढ़ता रहे।"</div><div><br></div><h2><b>यह बदलाव सिर्फ भारत के लिए नहीं है</b></h2><div>वीजा नियमों में आ रहे बदलावों को समझाते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "अमेरिका में हमारी इमिग्रेशन प्रणाली को आधुनिक बनाने के लिए जो बदलाव किए जा रहे हैं, वे सिर्फ भारत के लिए नहीं हैं। यह एक वैश्विक बदलाव है, जिसे पूरी दुनिया पर लागू किया जा रहा है। असल में, हम अपनी पूरी वीजा और इमिग्रेशन व्यवस्था को सुधारने के दौर से गुजर रहे हैं।"</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/india-us-renew-10-year-defense-deal-boost-security" target="_blank">India-US की दोस्ती में नया अध्याय, 10 साल के लिए Defence Deal रिन्यू, Underwater निगरानी पर करार</a></h3><div><br></div><h2><b>अमेरिका के सामने है अवैध प्रवासन का बड़ा संकट</b></h2><div>मार्को रूबियो ने अमेरिका के मौजूदा हालातों का जिक्र करते हुए कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका इस समय प्रवासन के एक बड़े संकट से जूझ रहा है। यह संकट भारत की वजह से नहीं है, बल्कि पिछले कुछ सालों में 2 करोड़ से ज्यादा लोग अवैध रूप से अमेरिका में घुस आए हैं। हमें एक देश के रूप में उस बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा है।"</div><div><br></div><h2><b>राष्ट्रीय हित में नीतियां बनाना जरूरी</b></h2><div>उन्होंने कहा कि कोई भी देश जो कुछ भी करता है, वह उसके राष्ट्रीय हित में होना चाहिए और इसमें उसकी इमिग्रेशन पॉलिसी भी शामिल है। रूबियो ने कहा, "मेरा मानना है कि अमेरिका प्रवासियों का स्वागत करने के मामले में दुनिया का सबसे अच्छा देश है। हर साल लगभग दस लाख लोग अमेरिका के स्थायी निवासी बनते हैं। मेरे खुद के माता-पिता 1956 में क्यूबा से स्थायी निवासी बनकर अमेरिका आए थे। इस पूरी प्रक्रिया ने हमारे देश को मजबूत और समृद्ध बनाया है।"</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/us-india-diplomacy-jaishankar-rubio-talk-global-crises" target="_blank">Ukraine से West Asia तक... Delhi में S. Jaishankar और US नेता Rubio के बीच इन मुद्दों पर बनी सहमति</a></h3><div><br></div><h2><b>बदलाव के इस दौर में आ सकती हैं कुछ मुश्किलें</b></h2><div>उन्होंने आगे कहा कि इस व्यवस्था को आज के आधुनिक समय की सच्चाइयों के हिसाब से ढालना बेहद जरूरी है और इस सुधार की जरूरत बहुत पहले से थी। अमेरिका अभी एक ऐसी प्रणाली बना रहा है जिसके तहत यह तय किया जा सके कि देश में कितने लोग आएंगे, कौन आएगा और कब आएगा। रूबियो ने माना कि जब भी किसी व्यवस्था में कोई सुधार या बदलाव किया जाता है, तो एक शुरुआती दौर ऐसा आता है जिसमें कुछ रुकावटें और मुश्किलें आती हैं।</div><div><br></div><h2><b>भविष्य में मिलेगी एक बेहतर और कुशल प्रणाली</b></h2><div>अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ किया कि यह नया नियम भारत को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है, बल्कि इसे पूरी दुनिया में एक समान रूप से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी हम बदलाव के एक दौर से गुजर रहे हैं और किसी भी बदलाव की तरह इस रास्ते में भी कुछ उतार-चढ़ाव आएंगे। लेकिन हमारा मानना है कि आखिरकार हमारा लक्ष्य एक बेहतर, ज्यादा कुशल और मजबूत वीजा प्रणाली बनाना है, जो पहले की व्यवस्था से कहीं बेहतर तरीके से काम करेगी।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 24 May 2026 14:05:30 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/rubio-on-us-visa-changes-not-targeting-india</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[America और Iran के बीच डील करीब-करीब पक्की, Donald Trump जल्द कर सकते हैं बड़ा ऐलान]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/trump-iran-deal-looms-sidelines-israel]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए शनिवार को कहा कि ईरान के साथ डील करीब-करीब पक्की हो गई है और इसके बारे में वह जल्द ही घोषणा करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि इस समझौते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खोला जाना भी शामिल है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।</div><div><br></div><div>इस बीच, न्यूयॉर्क टाइम्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से दावा किया है कि ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप के बयान और मीडिया रिपोर्टों से डील होने के संकेत तो मिल रहे हैं, लेकिन कई मुद्दों पर अभी स्थिति साफ नहीं है। इस दावे पर ईरान और इजरायल की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/was-pakistan-army-chief-asim-munir-visit-to-tehran-a-success" target="_blank">पाक आर्मी चीफ Asim Munir की तेहरान यात्रा सफल? USA को उम्मीद, Iran आज मान लेगा डील</a></h3><div><br></div><h2><b>ईरान ने रखी हैं ये चार शर्तें</b></h2><div>बताया जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच इस बातचीत में सीजफायर को 60 दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है। इस बढ़ी हुई अवधि में दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे। ट्रंप का कहना है कि डील को लेकर उनकी सऊदी अरब, यूएई और कतर समेत नौ देशों के साथ बातचीत हुई है। इस बातचीत में पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, डील के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने चार प्रमुख शर्तें रखी हैं। इनमें अपने बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने, जब्त संपत्तियों को वापस पाने, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अस्थायी रूप से खोलने की मांग शामिल है।</div><div><br></div><h2><b>क्या डील पर ट्रंप ने इजरायल को छोड़ दिया है?</b></h2><div>इस समझौते के शुरुआती ड्राफ्ट में ईरान के खतरनाक बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को रोकने पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है, जो इजरायल के लिए एक सीधा और बड़ा खतरा हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी बातचीत में इजरायल कहीं नजर नहीं आ रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि ट्रंप इस बातचीत में इजरायल को शामिल क्यों नहीं कर रहे हैं, जबकि 28 फरवरी को ईरान पर हमला अमेरिका और इजरायल दोनों ने मिलकर किया था। इसके अलावा, इस डील में इजरायल और मिडिल ईस्ट की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं, इस पर भी सस्पेंस बरकरार है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/crash-of-civilization-learn-from-indians-iran-advises-rubio-upon-his-arrival-in-delhi" target="_blank">सभ्यता का क्रैश क्रोर्स भारतीयों से सीख लो...दिल्ली पहुंचने पर ईरान ने रुबियो को दी सलाह</a></h3><div><br></div><h2><b>डील पर इजरायल का क्या रुख होगा?</b></h2><div>अपनी सुरक्षा चिंताओं के समाधान के बिना इस डील पर इजरायल का क्या रुख रहता है, यह देखना अहम होगा। इस बीच, अमेरिका के वरिष्ठ राजनेता लिंडसे ग्राहम ने ईरान के साथ होने वाली इस डील को लेकर अमेरिकी सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान में मौजूदा शासन को बनाए रखने वाली डील अमेरिका और इजरायल के हित में नहीं है, क्योंकि इससे ईरान को खुद को दोबारा मजबूत करने का समय मिल जाएगा। सैन्य और आर्थिक रूप से ताकतवर होने के बाद ईरान अपने प्रॉक्सी संगठनों (जैसे लेबनान में हिज्बुल्ला और इराक में शिया मिलिशिया) के जरिए इजरायल और खाड़ी देशों के लिए नया संकट खड़ा कर सकता है।</div><div><br></div><h2><b>एक पेज पर नहीं हैं ट्रंप और नेतन्याहू?</b></h2><div>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के साथ आगे कैसे निपटा जाए, इस बात पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच साफ तौर पर मतभेद हैं। हालांकि, ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि नेतन्याहू 'वही करेंगे जो मैं उनसे करवाना चाहता हूं' और वे 'बहुत अच्छे इंसान' हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को फिर दोहराया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता काफी हद तक तय हो गया है, जिससे अब यह संभावना बन रही है कि ईरान युद्ध शायद दोबारा शुरू नहीं होगा।</div>]]></description>
      <pubDate>Sun, 24 May 2026 12:55:35 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/trump-iran-deal-looms-sidelines-israel</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[पाक आर्मी चीफ Asim Munir की तेहरान यात्रा सफल? USA को उम्मीद, Iran आज मान लेगा डील]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/was-pakistan-army-chief-asim-munir-visit-to-tehran-a-success]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान आज ही शांति समझौते को स्वीकार कर सकता है। यह बयान पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर के शनिवार को ईरान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद वहां से रवाना होने के बाद आया है। भारत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते के संदर्भ में कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि अभी जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तब भी कुछ काम चल रहा है... जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा है, इस मुद्दे को किसी न किसी तरह हल करना होगा। ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता। जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोला जाना चाहिए। उन्हें अपना संवर्धित यूरेनियम, उन्हें अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम सौंपना होगा। अगर हमें उस मुद्दे को हल करना है, तो हमें संवर्धन के मुद्दे को हल करना होगा। ये राष्ट्रपति के लगातार मुद्दे रहे हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा कूटनीतिक तरीके से इस मामले को निपटाना रही है। राष्ट्रपति की प्राथमिकता हमेशा इस तरह की समस्याओं को कूटनीतिक बातचीत के जरिए हल करना रही है। हम अभी इसी पर काम कर रहे हैं... हमें उम्मीद है कि यह कूटनीतिक मार्ग से ही हल हो जाएगा। हम इसी पर काम कर रहे हैं।&nbsp;</span></div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/crash-of-civilization-learn-from-indians-iran-advises-rubio-upon-his-arrival-in-delhi" target="_blank">सभ्यता का क्रैश क्रोर्स भारतीयों से सीख लो...दिल्ली पहुंचने पर ईरान ने रुबियो को दी सलाह</a></h3><h2>कम से कम 25 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे</h2><div>अमेरिका-ईरान युद्ध समाचार लाइव: ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) नौसेना के एक बयान के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में कम से कम 25 जहाज रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से सफलतापूर्वक गुजरे हैं। इन समुद्री जहाजों का गुजरना इस महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर बनाए गए कड़े निगरानी प्रोटोकॉल के बीच हुआ। आईआरजीसी के बयान में विस्तार से बताया गया है, "पिछले 24 घंटों में, तेल टैंकरों, कंटेनर जहाजों और अन्य वाणिज्यिक जहाजों सहित 25 जहाज आईआरजीसी नौसेना के समन्वय और सुरक्षा के तहत अनुमति प्राप्त करने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। फ़ार्स समाचार एजेंसी के अनुसार, ये नवीनतम आंकड़े शुक्रवार को आईआरजीसी नौसेना द्वारा की गई एक अलग घोषणा के बाद आए हैं, जिसमें बताया गया था कि तेल टैंकरों, कंटेनर जहाजों और विभिन्न मालवाहक जहाजों सहित 35 जहाज पिछले 24 घंटों के दौरान सीधे सुरक्षा और समन्वय की निगरानी में जलमार्ग से गुजरे थे।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/who-suddenly-showed-up-to-meet-modi-as-soon-as-he-returned-to-india" target="_blank">मोदी के भारत लौटते ही अचानक कौन मिलने आया? बड़ा खेल शुरू!</a></h3><h2>अब तक 100 ईरानी जहाजों का मार्ग बदला</h2><div>अमेरिकी केंद्रीय कमान ने शनिवार को बताया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अब तक 100 ईरानी जहाजों का मार्ग बदला है। कमान ने कहा कि अमेरिकी सेना ने राष्ट्रपति के आदेशानुसार 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ नाकाबंदी शुरू कर दी है। कमान ने आगे बताया कि पिछले छह हफ्तों में 15,000 से अधिक सैनिकों, नौसैनिकों, मरीन और वायुसैनिकों ने 100 जहाजों का मार्ग बदला, चार को निष्क्रिय किया और 26 मानवीय सहायता जहाजों को गुजरने दिया।<span style="font-size: 1rem;">&nbsp;</span></div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 19:39:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/was-pakistan-army-chief-asim-munir-visit-to-tehran-a-success</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[सभ्यता का क्रैश क्रोर्स भारतीयों से सीख लो...दिल्ली पहुंचने पर ईरान ने रुबियो को दी सलाह]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/crash-of-civilization-learn-from-indians-iran-advises-rubio-upon-his-arrival-in-delhi]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत पहुंचे, तो ईरान ने उन पर 'सभ्यता' वाली टिप्पणी करके तंज कसा। रुबियो शनिवार को भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के लिए नई दिल्ली पहुंचे। दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को फिर से व्यवस्थित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिनमें पिछले साल के मध्य से तनाव का सामना करना पड़ा है। ईरान के मुंबई वाणिज्य दूतावास ने एक्स पर पोस्ट में रुबियो के भारत आगमन पर उनके पोस्ट का हवाला देते हुए लिखा थोड़ा सीख लो यार... सभ्यता का क्रैश कोर्स" फ्री में मिल जाएगा!&nbsp; ईरान के दूतावास की एक पंक्ति वाली टिप्पणी को लेकर अभी भी अस्पष्टता बनी हुई है, लेकिन संभवतः यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अप्रैल की शुरुआत में की गई उस टिप्पणी का संदर्भ है, जिसमें उन्होंने धमकी देते हुए कहा था कि अगर ईरान शांति समझौते पर सहमत नहीं होता और होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है, तो "एक पूरी सभ्यता आज रात नष्ट हो जाएगी।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-secretary-marco-rubio-said-our-partnership-with-india-is-unprecedented" target="_blank">PM Modi से मुलाकात के बाद बोले US Secretary Marco Rubio- भारत के साथ हमारी साझेदारी अभूतपूर्व</a></h3><div>ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि एक पूरी सभ्यता आज रात नष्ट हो जाएगी, जिसे फिर कभी पुनर्जीवित नहीं किया जा सकेगा। मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा ही होगा। हालांकि, अब जब हमारे यहां पूर्ण और व्यापक सत्ता परिवर्तन हो चुका है, जहां अलग, अधिक बुद्धिमान और कम कट्टरपंथी सोच वाले लोग हावी हैं, तो शायद कुछ क्रांतिकारी और अद्भुत हो सकता है, कौन जानता है? हमें आज रात पता चल जाएगा, विश्व के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण क्षणों में से एक। 47 वर्षों की जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और मौत का अंततः अंत होगा। ईरान के महान लोगों पर ईश्वर की कृपा हो।&nbsp; इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की गई, जिसे 'नरसंहार' तक कहा गया।</div><h3 class="readthish3" style="font-family: &quot;Source Sans Pro&quot;, -apple-system, BlinkMacSystemFont, &quot;Segoe UI&quot;, Roboto, &quot;Helvetica Neue&quot;, Arial, sans-serif, &quot;Apple Color Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Emoji&quot;, &quot;Segoe UI Symbol&quot;; color: rgb(0, 0, 0);">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.comhttps://cms9.prabhasakshi.com/international/us-secretary-marco-rubio-said-our-partnership-with-india-is-unprecedented" target="_blank">PM Modi से मुलाकात के बाद बोले US Secretary Marco Rubio- भारत के साथ हमारी साझेदारी अभूतपूर्व</a></h3><div>&nbsp;</div><h2>&nbsp;भारत में रुबियो</h2><div>रुबियो विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे और व्यापक वार्ता करेंगे। इसके अलावा, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे और नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री आज सुबह कोलकाता पहुंचे और राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने से पहले सेंट टेरेसा मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय मदर हाउस का दौरा किया। रुबियो जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और अमेरिकी दूतावास के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे। विदेश मंत्री सोमवार को आगरा और जयपुर की यात्रा करेंगे और मंगलवार सुबह क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए दिल्ली लौटेंगे।&nbsp;</div><div><br></div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="in" dir="ltr">Thoda seekh lo yaar… “sabhyata ka crash course” free mein mil jayega!<a href="https://twitter.com/hashtag/India?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#India</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Trump?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Trump</a> <a href="https://twitter.com/hashtag/Rubio?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Rubio</a> <a href="https://t.co/y6QnOO2IoZ">https://t.co/y6QnOO2IoZ</a></p>— Iran in Mumbai (@IRANinMumbai) <a href="https://twitter.com/IRANinMumbai/status/2058073599446327320?ref_src=twsrc%5Etfw">May 23, 2026</a></blockquote> ]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 19:00:00 +0530</pubDate>
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      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[धड़ाधड़ ड्रोन-मिसाइल बना रहा ईरान, इजरायल-अमेरिका हैरान!]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/iran-is-rapidly-manufacturing-drones-and-missiles-leaving-israel--america-shocked]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिका और इजराइल के बीच भीषण हवाई हमलों के बाद यह दावा किया जा रहा था कि ईरान का सैन्य ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है और उसे दोबारा खड़े होने में सालों का वक्त लगेगा। लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की एक ताजा और बेहद गोपनीय रिपोर्ट ने इन दावों की हवा निकाल दी। अंतरराष्ट्रीय मीडिया द्वारा सार्वजनिक की गई रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2026 में हुए युद्ध विराम का फायदा उठाकर ईरान उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से अपनी सैन्य क्षमताओं को दोबारा बहाल कर रहा है। इसने वाशिंगटन और यरूशलम में सुरक्षा रणनीतिकारों के बीच खलबली मचा दी है। खुफ़िया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ईरान ने अपने सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों के बावजूद बेहद कम समय में ड्रोन उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बैलेस्टिक मिसाइलों की तुलना में ड्रोन निर्माण क्षमता को नष्ट करना बेहद मुश्किल होता है क्योंकि इसके लिए किसी विशालकाय इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं होती। इसे छोटे और छिपे हुए ठिकानों से भी अंजाम दिया जा सकता है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/who-suddenly-showed-up-to-meet-modi-as-soon-as-he-returned-to-india" target="_blank">मोदी के भारत लौटते ही अचानक कौन मिलने आया? बड़ा खेल शुरू!</a></h3><div>अनुमान है कि अगले कुछ ही महीनों के भीतर ईरान अपनी पूर्ण ड्रोन हमलावर क्षमता को वापस हासिल कर लेगा। इसके अलावा अमेरिकी और इजराइली बमबारी के बावजूद ईरान अपने लगभग 2 तिहाई मिसाइल लांचर्स को सुरक्षित बचाने में कामयाब रहा है। जमीन के सैकड़ों फीट नीचे बनी उसकी मिसाइल सिटीज और सुरंगे भी पूरी तरह सुरक्षित हैं। जहां मिसाइल साइट और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों को युद्ध स्तर पर फिर से तैयार किया जा रहा है। ईरान की इस अप्रत्याशित रफ्तार के पीछे रूस और चीन की गुप्त रणनीतिक मदद को बड़ा कारण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रतिबंधों और अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद चीन लगातार ईरान को ऐसे संवेदनशील उपकरण और कंपोनेंट सप्लाई कर रहा है जो मिसाइल और ड्रोन बनाने के लिए जरूरी है। वहीं रूस के साथ ईरान का बढ़ता सैन्य सहयोग उसे इस संकट से उभरने में तकनीकी और ढांचागत मजबूती प्रदान कर रहा है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/marco-rubio-met-modi-amid-the-possibility-of-a-resumption-of-the-iran-war" target="_blank">Iran War फिर शुरू होने की संभावना के बीच Modi से मिले Marco Rubio, PM को दिया Trump का खास संदेश</a></h3><div>अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इसी विदेशी मदद के बूते ईरान सालों के बजाय महज कुछ महीनों में अपनी सैन्य ताकत दोबारा हासिल करने की स्थिति में आ गया है। इस नई रिपोर्ट ने अमेरिका के ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की सफलता पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों और खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले यह दावा किया था कि हमलों ने ईरान के करीब 90% डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को तबाह कर दिया है और वह लंबे समय के लिए कमजोर हो गया है। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत निकली है। जिससे साफ होता है कि ईरान का रक्षा तंत्र बेहद लचीला है। वर्तमान में चल रहा छह हफ्तों का युद्ध विराम अब खत्म होने की कगार पर है। राष्ट्रपति&nbsp; ट्रंप ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान शांति समझौते की शर्तों को नहीं मानता है तो अमेरिका दोबारा हमले शुरू कर सकता है। लेकिन इस नई खुफिया रिपोर्ट का सीधा मतलब यह है कि अगर जंग दोबारा छिड़ती है तो ईरान पूरी तरह से लाचार नहीं होगा बल्कि उसके पास मिसाइल और अत्याधुनिक ड्रोंस का एक बड़ा जखीरा पहले से ही मौजूद होगा। सुरक्षित बचे लांचरों और नए ड्रोनों के दम पर ईरान अब भी इजराइल और खाड़ी देशों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 18:33:37 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/iran-is-rapidly-manufacturing-drones-and-missiles-leaving-israel--america-shocked</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[मोदी के भारत लौटते ही अचानक कौन मिलने आया? बड़ा खेल शुरू!]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/who-suddenly-showed-up-to-meet-modi-as-soon-as-he-returned-to-india]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे ही पांच देशों की यात्रा से भारत लौटे, उससे एक दिन पहले ही यह खास शख्स पीएम मोदी से मिलने पहुंच गए। पीएम मोदी एक बहुत बड़े खेल की तैयारी में लग गए हैं। पीएम मोदी के साथ खड़े यह शख्स भारत के दुश्मन के सबसे बड़े दुश्मन है। लेकिन भारत के पक्के दोस्त इनके देश पर बहुत बड़ा संकट आने वाला है। उसी सिलसिले में इन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की है। यह शख्स है एक छोटे मगर भारत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण देश साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टो डेलिड्स। दरअसल साइपरस तुर्की का सबसे बड़ा दुश्मन है और तुर्की भारत का भी दुश्मन है। यहां पर इजराइल भी एक बहुत बड़ा खेल करने वाला है क्योंकि इजराइल भी तुर्की का दुश्मन है। दरअसल खबर है कि तुर्की आने वाले दिनों में एक ऐसा कानून लाने वाला है जो अगर पास हो गया तो साइप्रेस हमेशा के लिए बर्बाद हो सकता है और तुर्की के इस कानून का भारत पर भी बहुत बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में साइप्रेस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के सामने खड़े होकर जो बयान दिया है, उसने तुर्की में भूचाल ला दिया है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/marco-rubio-met-modi-amid-the-possibility-of-a-resumption-of-the-iran-war" target="_blank">Iran War फिर शुरू होने की संभावना के बीच Modi से मिले Marco Rubio, PM को दिया Trump का खास संदेश</a></h3><div>दरअसल जिस तरह से पाकिस्तान ने कश्मीर के एक हिस्से पर अवैध कब्जा कर रखा है, ठीक वैसे ही तुर्की ने भी साइप्रस के 35% उत्तरी इलाके में कब्जा कर रखा है। तुर्की लगातार कश्मीर पर बयान देता आया है। जिसके बाद पीएम मोदी ने भी ऐलान कर दिया कि भारत साइप्रस की संप्रभुता और सुरक्षा का समर्थन करता है। यानी पीएम मोदी ने ऐलान कर दिया कि साइप्रस के जिस हिस्से पर तुर्की का कब्जा है, वह इलाका साइप्रस का ही है। पिछले साल 16 जून को साइप्रस के राष्ट्रपति पीएम मोदी को अपनी वही जमीन दिखाने ले गए जो तुर्की के कब्जे में थी। इसी घटना के बाद तुर्की में बवाल मच गया। पिछले कुछ महीनों से इसी का बदला लेने के लिए तुर्की प्लान बना रहा था। अब तुर्की ने ऐलान किया है कि वह अपनी ब्लू होमलैंड पॉलिसी को लागू करेगा। ब्लू होमलैंड सिद्धांत तुर्की का आक्रामक समुद्री सिद्धांत है जिसका उद्देश्य आसपास के समुद्री इलाकों और संसाधनों पर पूर्ण कब्जा करना है। साइप्रस का कहना है कि ब्लू होमलैंड के जरिए तुर्की हमारे गैस भंडारों पर अपना दावा ठोकता है। हमारे समुद्री इलाकों पर कब्जा करने की तैयारी कर रहा है। साइप्रस ने बताया कि तुर्की ऐसा करके मेडिटरेनियन सी के रणनैतिक इलाकों पर कब्जा चाहता है। यह वही इलाका है जहां से भारत और इजराइल का आईमैक कॉरिडोर यूरोप तक पहुंचेगा। इस इलाके को यूरोप का गेटवे कहा जाता है। इसी समुद्री इलाके पर कब्जा करने के लिए तुर्की अपनी संसद में ब्लू होमलैंड सिद्धांत पर कानून ला रहा है। लेकिन इसी बीच साइप्रस के राष्ट्रपति भारत आ गए।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/now-france-will-buy-weapons-from-india-a-big-meeting-was-held-at-drdo-headquarters" target="_blank">अब भारत से हथियार खरीदेगा फ्रांस? DRDO मुख्यालय में हुई बड़ी बैठक</a></h3><div>साइप्रस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के सामने खड़े होकर बयान दिया कि हम धन्यवाद करते हैं कि भारत हमारी स्वतंत्रता और संप्रभुता का समर्थन करता है। हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के लिए परमानेंट सीट की मांग करते हैं। खबर है कि तुर्की को निपटाने के लिए साइप्रस, भारत, इजराइल और ग्रीस एक मेडिटरेनियन क्वाड बना रहे हैं। जिसको लेकर बातचीत तेज हो गई है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 18:17:11 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/who-suddenly-showed-up-to-meet-modi-as-soon-as-he-returned-to-india</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[अब भारत से हथियार खरीदेगा फ्रांस? DRDO मुख्यालय में हुई बड़ी बैठक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/now-france-will-buy-weapons-from-india-a-big-meeting-was-held-at-drdo-headquarters]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारत की रक्षा ताकत अब सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं है बल्कि दुनिया के बड़े-बड़े देश भी भारत की डिफेंस टेक्नोलॉजी और रिसर्च क्षमता को गंभीरता से ले रहे हैं और इसकी सबसे बड़ी मिसाल हाल ही में देखने को मिली जब फ्रांस का एक हाई लेवल डेलीगेशन डीआरडीओ मुख्यालय पहुंचा और भारत के साथ एडवांस डिफेंस टेक्नोलॉजी पर चर्चा की। यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं थी बल्कि आने वाले समय में भारत और फ्रांस की रक्षा साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाला एक बड़ा संकेत है। दरअसल फ्रांस की रक्षा खरीद और टेक्नोलॉजी एजेंसी डीजीए यानी कि डायरेट जनरल ऑफ आर्मामेंट्स के डेलीगेट जनरल पैट्रिक पैक्स के नेतृत्व में एक डेलीगेशन 20 मई को डीआरडीओ मुख्यालय के दौरे पर पहुंचा। यहां पर उनकी मुलाकात डीआरडीओ चेयरमैन डॉ. समीर कामत के साथ हुई। इस मुलाकात की जानकारी खुद डीआरडीओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए दी है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/india-quietly-destroyed-a-chinese-missile-and-what-was-found-inside-shocked-the-world" target="_blank">भारत ने चुपचाप तोड़ा चीनी मिसाइल, अंदर जो मिला, उसने हिलाई दुनिया!</a></h3><div>डीआरडीओ के मुताबिक दोनों देशों के बीच डिफेंस टेक्नोलॉजी में सहयोग को और मजबूत बनाने पर गंभीर चर्चा हुई। यानी अब भारत और फ्रांस सिर्फ हथियार खरीद बिक्री तक सीमित नहीं रहना चाहते हैं। बल्कि नई पीढ़ी के रक्षा तकनीकों को साथ मिलकर विकसित करना चाहते हैं। एक समय था जब भारत रक्षा उपकरणों के लिए बाकी देशों पर निर्भर रहता था। लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदलती जा रही है। डीआरडीओ लगातार ऐसी हाईटेक तकनीक विकसित कर रहा है जिसने दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है। और अब यहां समझने वाली बात यह है कि फ्रांस जैसा देश जिसके पास दुनिया की बेहतरीन मिलिट्री टेक्नोलॉजी है वो भी बार-बार डीआरडीओ के पास क्यों आ रहा है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/rapid-fire-production-of-ballistic-missiles-in-india-is-something-big-about-to-happen" target="_blank">भारत में बैलेस्टिक मिसाइलों का ताबड़तोड़ प्रोडक्शन, कुछ बड़ा होगा?</a></h3><div>इसका जवाब है डीआरडीओ की बढ़ती हुई क्षमता। आज डीआरडीओ सिर्फ मिसाइल नहीं बना रहा बल्कि वो क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंडर वाटर रोबोटिक जैसे भविष्य के क्षेत्रों में लीड कर रहा है। दुनिया को समझ आ गया है कि भारत के पास ना सिर्फ टैलेंट है बल्कि रिसर्च के लिए जबरदस्त इकोसिस्टम भी है।&nbsp; यही वजह है कि अब फ्रांस जैसे बड़े रक्षा साझेदार भी भारत के साथ मिलकर रिसर्च और टेक्नोलॉजी शेयरिंग को बढ़ाना चाहते हैं। पिछले साल डीआरडीओ और फ्रांस के डीजीए के बीच एक बड़ा टेक्निकल एग्रीमेंट भी साइन हुआ था। इस समझौते का मकसद भविष्य की रक्षा चुनौतियों के लिए मिलकर नई तकनीक विकसित करना था। इस समझौते के तहत दोनों देश एयरनॉटिकल प्लेटफॉर्म्स, अनमैन व्हीकल्स, एडवांस मटेरियल, साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्पेस टेक्नोलॉजी, नेविगेशन सिस्टम, एडवांस सेंसर क्वांटम टेक्नोलॉजीस और अंडर वाटर वेफेयर जैसी कई अहम टेक्नोलॉजीस पर एक साथ काम कर रहे हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 18:11:19 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/now-france-will-buy-weapons-from-india-a-big-meeting-was-held-at-drdo-headquarters</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[PM Modi से मुलाकात के बाद बोले US Secretary Marco Rubio- भारत के साथ हमारी साझेदारी अभूतपूर्व]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/us-secretary-marco-rubio-said-our-partnership-with-india-is-unprecedented]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे। उन्होंने अपनी पहली भारत यात्रा की शुरुआत कोलकाता में रुककर की, जहां उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय और उससे जुड़े एक बाल गृह का दौरा किया। अपनी पत्नी जेनेट रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ, रुबियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा सहयोग और हिंद-प्रशांत रणनीति पर व्यापक चर्चा करेंगे। उनकी चार दिवसीय यात्रा, जिसमें आगरा और जयपुर भी शामिल हैं, 26 मई को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले हो रही है। रुबियो की कोलकाता यात्रा 14 वर्षों में किसी अमेरिकी विदेश मंत्री की शहर की पहली यात्रा थी।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/trump-sent-a-special-message-through-marco-rubio" target="_blank">वक्त मिले तो व्हाइट हाउस आइए...मार्को रुबियो के हाथों ट्रंप ने भिजवाया खास मैसेज</a></h3><h2>अमेरिकी राजदूत ने मोदी से मुलाकात के बाद भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बताया</h2><div>भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि भारत-अमेरिका संबंध मजबूत आधार पर हैं। अमेरिकी दूतावास के सपोर्ट एनेक्स भवन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए, गोर ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 20.5 अरब डॉलर के निवेश के लिए भारतीय कंपनियों की सराहना की और कहा कि ये निवेश अमेरिकी श्रमिकों और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में विश्वास को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि यह नया भवन अमेरिकी समुदायों में रोजगार का समर्थन करने वाले नवप्रवर्तकों के लिए अमेरिका का प्रवेश द्वार बनेगा और आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। गोर ने विदेशों में सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं और नागरिक सहायता सुनिश्चित करने में कांसुलर पेशेवरों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और भारत-अमेरिका संबंधों में मौजूद "असाधारण संभावनाओं" पर जोर दिया।&nbsp;</div><div>प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद मार्को रुबियो ने मीडिया को संबोधित किया</div><div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर प्रकाश डाला।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-secretary-of-state-arrives-in-delhi-talks-with-pm-modi-today" target="_blank">Marco Rubio India Visit Updates:अमेरिकी विदेश मंत्री दिल्ली पहुंचे, आज PM मोदी से बातचीत, कल जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम, जानें पूरा शेड्यूल</a></h3><h2>रुबियो और पीएम मोदी ने मिशन 500 व्यापार लक्ष्य की प्रगति की समीक्षा की</h2><div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में द्विपक्षीय उपलब्धियों और 2030 तक भारत-अमेरिका व्यापार को दोगुना करने के उद्देश्य से शुरू की गई "मिशन 500" पहल को आगे बढ़ाने के लिए किए गए महत्वपूर्ण निवेशों पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने के प्रयासों के तहत आर्थिक सहयोग बढ़ाने, निवेश को बढ़ावा देने और वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 17:56:27 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/us-secretary-marco-rubio-said-our-partnership-with-india-is-unprecedented</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ईरान ने आसमान पर बिठाया तगड़ा पहरा, ट्रंप ने बेटे की शादी में जाने का प्रोग्राम किया कैंसिल, मिडिल ईस्ट में अब क्या बड़ा होने वाला है?]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/iran-has-put-a-heavy-guard-on-the-sky-trump-has-cancelled-his-son-wedding]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने न्यू जर्सी का अपना मेमोरियल डे वीकेंड का दौरा अचानक रद्द कर दिया है। इस बेहद जरूरी फैसले की वजह से ट्रंप अपने बेटे डोनाल्ड जूनियर की शादी में भी शामिल नहीं हो पाएंगे। व्हाइट हाउस के मुताबिक, 'सरकारी और सुरक्षा मामलों' और खासकर ईरान की स्थिति को देखते हुए ट्रंप को अपना गोल्फ क्लब का ट्रिप छोड़कर तुरंत वाशिंगटन लौटना पड़ा है, जहां वे शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठकें करेंगे। ट्रंप के इस कदम से साफ है कि अमेरिका इस संकट को लेकर इस वक्त कितने हाई अलर्ट पर है। सीबीएस और एक्जोस की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को ट्रंप ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ व्हाइट हाउस में अहम बैठक की। बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ और चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-iran-talks-intensify-behind-the-scenes-asim-munir-leaves-for-tehran" target="_blank">US-Iran में पर्दे के पीछे बातचीत तेज, तेहरान के लिए निकले आसिम मुनीर</a></h3><h2>अमेरिका ईरान पर नए हमले करने पर विचार कर रहा है</h2><div>सीबीएस और एक्सियोस की रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ संभावित नई सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, जिसके चलते सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने अपनी छुट्टियां रद्द कर दी हैं। ट्रंप रुकी हुई बातचीत से निराश हैं और बातचीत विफल होने की स्थिति में 'निर्णायक' अभियान पर विचार कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने ईरान की परमाणु क्षमताओं पर अपनी सीमा रेखा दोहराई है, साथ ही सभी विकल्प खुले रखे हैं।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/india-quietly-destroyed-a-chinese-missile-and-what-was-found-inside-shocked-the-world" target="_blank">भारत ने चुपचाप तोड़ा चीनी मिसाइल, अंदर जो मिला, उसने हिलाई दुनिया!</a></h3><h2>वार्ता से कोई सफलता नहीं मिली</h2><div>अप्रैल की शुरुआत से लागू मौजूदा युद्धविराम, अमेरिका-ईरान-इजराइल के बीच छह सप्ताह के तीव्र संघर्ष के बाद हुआ है। पाकिस्तानी मध्यस्थों के माध्यम से अप्रत्यक्ष वार्ता से कोई सफलता नहीं मिली है, ईरान अप्रत्यक्ष चैनलों पर जोर दे रहा है जबकि अमेरिका प्रत्यक्ष वार्ता के लिए दबाव बना रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है, जहां से वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का 20% हिस्सा गुजरता है, और किसी भी व्यवधान से बाजारों में उथल-पुथल मच सकती है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/attempt-to-kill-trump-daughter-iran-connection" target="_blank">Trump की बेटी को जान से मारने की कोशिश, IRGC से जुड़ा कनेक्शन</a></h3><h2>ईरान का प्रस्ताव और अमेरिका की प्रतिक्रिया</h2><div>ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से एक व्यापक शांति योजना प्रस्तुत की है, जिसमें सैन्य अभियानों को समाप्त करने, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और अमेरिकी सेनाओं की वापसी की मांग की गई है। अमेरिकी अधिकारी इस नवीनतम प्रस्ताव पर ईरान की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कूटनीति को प्राथमिकता देने के साथ-साथ सैन्य कार्रवाई के लिए तत्परता भी व्यक्त की है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अमेरिका या इज़राइल द्वारा कोई भी नया हमला संघर्ष को और बढ़ा सकता है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/now-qatar-has-taken-the-lead-in-getting-strait-of-hormuz-opened-sending-delegation-to-tehran" target="_blank">Pakistan की तो कोई सुन ही नहीं रहा...अब होर्मुज खुलवाने के लिए कतर ने संभाला मोर्चा, तेहरान भेजा अपना डेलीगेशन</a></h3><h2>ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया</h2><div>अमेरिका द्वारा नए सिरे से हमले किए जाने की आशंकाओं के बीच, ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह से बंद कर दिया है, और दोनों देशों के बीच शांति वार्ता ठप पड़ी है। सीबीएस न्यूज़ की एक रिपोर्ट के अनुसार, योजना की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले सूत्रों का हवाला देते हुए, अमेरिका ईरान पर सैन्य हमलों का एक नया दौर शुरू करने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति अगले 24 घंटों के भीतर किसी नाटकीय राजनयिक सफलता के अभाव में बड़े नए अभियानों को मंजूरी देने के लिए तेजी से इच्छुक दिख रहे हैं। हालांकि, सूत्रों ने सीबीएस न्यूज को बताया कि हमलों की एक नई श्रृंखला पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना और खुफिया समुदाय के कई सदस्यों ने मेमोरियल डे सप्ताहांत के लिए अपनी योजनाएं रद्द कर दी हैं क्योंकि प्रशासन तेहरान के खिलाफ नए हमलों पर विचार कर रहा है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ गया, जिसके चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को न्यू जर्सी में अपने नियोजित सप्ताहांत प्रवास को रद्द करना पड़ा और वाशिंगटन वापस लौटना पड़ा।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:48:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/iran-has-put-a-heavy-guard-on-the-sky-trump-has-cancelled-his-son-wedding</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[वक्त मिले तो व्हाइट हाउस आइए...मार्को रुबियो के हाथों ट्रंप ने भिजवाया खास मैसेज]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/trump-sent-a-special-message-through-marco-rubio]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच यह बेहद अहम बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इस हाई-लेवल मीटिंग की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें पीएम मोदी के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने घोषणा की कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निकट भविष्य में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया है। यह घोषणा प्रधानमंत्री मोदी और रुबियो के बीच हुई बैठक के बाद की गई, जिसमें दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/marco-rubio-india-visit-meet-with-pm-modi-in-seva-tirth" target="_blank">ट्रेड एंड टैरिफ से ऊर्जा सुरक्षा तक...अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की पीएम मोदी से मुलाकात</a></h3><h2>रुबियो कल विदेश मंत्री जयशंकर से मिलेंगे</h2><div>रविवार को विदेश मंत्री मार्को रुबियो विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और अमेरिकी दूतावास के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी शामिल होंगे।</div><h2>सर्जियो गोर ने मार्को रुबियो का स्वागत किया</h2><div>आज सुबह, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो का स्वागत किया और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक दूरदर्शी एजेंडा प्रस्तुत किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, भारत में अपने मित्र @SecRubio का स्वागत करते हुए मुझे गर्व हो रहा है! हमारे सामने एक महत्वाकांक्षी एजेंडा है, जिसमें क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक भी शामिल है, जिसका उद्देश्य अमेरिका-भारत साझेदारी को और भी मजबूत बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है। शानदार बातचीत और साथ मिलकर वास्तविक प्रगति करने के लिए उत्सुक हूं!</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:30:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/trump-sent-a-special-message-through-marco-rubio</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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      <title><![CDATA[एहसान फरामोश निकला ताइवान! पहले ली मदद, फिर दिया भारत को धोखा]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/taiwan-proved-ungrateful-first-it-asked-for-help-then-betrayed-india]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>जिस ताइवान को भारत ने हमेशा चीन के दबाव के खिलाफ डिप्लोमेटिक सपोर्ट दिया। आज उसी ताइवान में आपको बता दें कि भारतीयों के खिलाफ पोस्टर लगाए जा रहे हैं। पोस्टर में भारत का झंडा उल्टा दिखाया गया। एक भारतीय आदमी को पगड़ी में दिखाया गया और इतना ही नहीं बड़े अक्षरों में लिखा गया इंडियंस डोंट कम हियर। यानी अब इंडियंस के खिलाफ भारतीयों के खिलाफ नफरत ताइवान में साफ नजर आ रही है और यह सीधा चुनावी मुद्दा यहां पर बन गया है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या ताइवान भी अब भारत विरोधी राजनीति से वोट बटोरना चाहता है क्योंकि यह कोई आइसोलेटेड घटना नहीं है। साल 2023 में भी ताइवान में भारतीय वर्कर्स के खिलाफ प्रोटेस्ट हुए। सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाया गया। इंडियंस डोंट कम हियर। यह सब तब हुआ जब ताइवान खुद भारत से 1 लाख स्किल्ड वर्कर्स बुलाने की तैयारी कर रहा था।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/column/global-challenges-facing-india-arising-from-china-us-rapprochement" target="_blank">चीन-अमेरिका की निकटता से भारत के सामने वैश्विक चुनौतियाँ</a></h3><div>ताइवान को भारतीय इंजीनियर्स चाहिए। भारतीय वर्कर्स चाहिए, भारतीय टैलेंट चाहिए। लेकिन सवाल ऐसे में यह उठ रहा है कि क्या भारतीय वर्कर्स को लेकर ताइवान के एक हिस्से में असहजता बढ़ रही है? बता दें कि ताइवान की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उसकी आबादी लगातार घट रही है। जापान, साउथ कोरिया और चीन की तरह ताइवान में भी फर्टिलिटी रेट तेजी से गिर रहा है। काम करने वाले लोग कम पड़ रहे हैं। आबादी कम पड़ रही है और इसी वजह से उन्हें बाहर से वर्कर्स चाहिए। और सबसे बड़ा विकल्प कौन है ताइवान के पास में वो है भारत। लेकिन भारतीयों को लेकर जिस तरह का रेसिज्म यहां पर खुलकर सामने आ रहा है, उसने भारत में भी नाराजगी बढ़ा दी है। सबसे हैरानी की बात तो यह है कि जिस समय चीन लगातार ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है, उसी समय भारत जैसे संभावित पार्टनर के लोगों को टारगेट करना ताइवान के लिए रणनीतिक गलती भी माना जा रहा है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/norwegian-journalist-serious-allegation-meta-suspended-his-account" target="_blank">मोदी के सामने बदतमीजी करने वाली पत्रकार के साथ हुआ बड़ा खेल! क्या मिली सवाल पूछने की सजा?</a></h3><div>ताइवान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी जोसेफ व्यू ने खुद इस कैंपेन की आलोचना की। उन्होंने यह कहा कि कुछ लोकल नेता सिर्फ अटेंशन पाने के लिए यह सब कुछ कर रहे हैं। लेकिन सवाल अब भी यह है कि अगर सरकार गंभीर है तो फिर बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों सामने आ रही हैं और क्यों हो रही है? याद कीजिए कुछ समय पहले ताइवान के एक मंत्री ने यह कहा था कि उन्हें भारत से खासतौर पर नॉर्थ ईस्ट इंडियन वर्कर्स चाहिए क्योंकि उनका स्किन कलर ताइवानी लोगों जैसा है। सोचिए 2026 में भी इंसानों के स्किन कलर के आधार पर उन्हें जज किया जा रहा है और यही सबसे खतरनाक बात है क्योंकि ऑनलाइन शुरू हुई नफरत धीरे-धीरे रियल लाइफ में उतरने लगती है।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 16:12:14 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/taiwan-proved-ungrateful-first-it-asked-for-help-then-betrayed-india</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[ट्रेड एंड टैरिफ से ऊर्जा सुरक्षा तक...अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की पीएम मोदी से मुलाकात]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/marco-rubio-india-visit-meet-with-pm-modi-in-seva-tirth]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार 23 मई 2026 को अपने चार दिवसीय भारत दौरे की शुरुआत करते हुए वाया कोलकाता दिल्ली पहुंचे। करीब 14 वर्षों बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा हुआ। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। दोनों नेताओं की यह बैठक दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में हुई। आपको बता दें कि करीब 14 वर्षों बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का कोलकाता दौरा हो रहा है। यह दौरा भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और क्वाड देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने वाली है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-secretary-of-state-arrives-in-delhi-talks-with-pm-modi-today" target="_blank">Marco Rubio India Visit Updates:अमेरिकी विदेश मंत्री दिल्ली पहुंचे, आज PM मोदी से बातचीत, कल जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम, जानें पूरा शेड्यूल</a></h3><div>नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच गहराते सामरिक रिश्तों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह यात्रा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने का काम करेगी। गौरतलब है कि मुख्य कार्यक्रमों से पहले रुबियो ने कोलकाता का रुख किया था, जो इस दौरे के व्यापक दायरे को दर्शाता है। यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि इस समय क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर वैश्विक भू-राजनीति के तमाम अहम मुद्दों पर भारत और अमेरिका की सोच और आपसी कदम पहले से कहीं ज्यादा एक सुर में नजर आ रहे हैं।</div><h2>कोलकाता में 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो!&nbsp;</h2><div>अपने कोलकाता दौरे के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' जाकर मदर टेरेसा को याद किया। इस अनुभव को उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे अपने लिए गर्व की बात बताया। रुबियो ने एक्स पर लिखा मदर टेरेसा ने सेवा और करुणा की एक महान विरासत बनाई है। आज उनके इस काम को श्रद्धांजलि देने और कैथोलिक आस्था को जमीन पर काम करते देखने के लिए मिशनरीज ऑफ चैरिटी जाना मेरे लिए सम्मान की बात रही।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:31:25 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/marco-rubio-india-visit-meet-with-pm-modi-in-seva-tirth</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[शो खत्म होते ही Donald Trump का 'बदला'! Stephen Colbert को कचरे में फेंका? शेयर किया कौन सा Video]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/donald-trump-revenge-as-soon-as-show-ends-throwing-stephen-colbert-in-trash]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक्स अकाउंट पर एक हैरान करने वाला एआई-एडिटेड वीडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में ट्रंप, लेट-नाइट शो के पॉपुलर होस्ट स्टीफन कोल्बर्ट को कचरे के डिब्बे में डालते हुए दिख रहे हैं। दोनों के बीच का पुराना विवाद इस वीडियो के बाद एक बार फिर गरमा गया है। दिलचस्प बात यह है कि यह वीडियो सीबीएस पर 'द लेट शो विद स्टीफन कोल्बर्ट' के आखिरी एपिसोड के प्रसारित होने के ठीक बाद आया है। इसके साथ ही कोल्बर्ट का 11 साल का होस्टिंग सफर भी थम गया है, जिसकी शुरुआत उन्होंने 2015 में डेविड लेटरमैन के रिटायरमेंट के बाद की थी। एआई द्वारा बनाया गया यह वीडियो कोलबर्ट के टेलीविजन से विदाई का मज़ाक उड़ाता हुआ प्रतीत होता है और तेज़ी से ऑनलाइन वायरल हो गया, जिससे अमेरिका के सबसे लोकप्रिय लेट-नाइट शो में से एक के रद्द होने पर चल रही बहस के बीच कई प्रतिक्रियाएं सामने आईं। ट्रम्प ने वर्षों से कोलबर्ट की लगातार आलोचना की है, उन्हें प्रतिभाहीन कहा है और द लेट शो के रद्द होने पर खुशी जताई है। इस सप्ताह कोलबर्ट के अंतिम एपिसोड के बाद, ट्रम्प ने कथित तौर पर पोस्ट किया कि उन्हें खुशी है कि होस्ट आखिरकार चला गया।&nbsp;&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/attempt-to-kill-trump-daughter-iran-connection" target="_blank">Trump की बेटी को जान से मारने की कोशिश, IRGC से जुड़ा कनेक्शन</a></h3><h2>स्टीफन कोलबर्ट का शो क्यों बंद हुआ?</h2><div>सीबीएस ने पहले घोषणा की थी कि स्टीफन कोलबर्ट का 'द लेट शो' मई 2026 में समाप्त हो जाएगा। कंपनी ने इसके पीछे पारंपरिक लेट-नाइट टेलीविजन पर पड़ रहे वित्तीय दबावों को कारण बताया, जबकि कोलबर्ट अपने टाइम स्लॉट में रेटिंग में सबसे आगे थे। विज्ञापन राजस्व में गिरावट, दर्शकों की आदतों में बदलाव और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव ने लेट-नाइट टीवी उद्योग को तेजी से प्रभावित किया है। हालांकि, यह रद्द होना राजनीतिक रूप से विवादास्पद हो गया क्योंकि यह कोलबर्ट द्वारा ट्रंप से जुड़े एक कानूनी समझौते को लेकर सीबीएस की मूल कंपनी पैरामाउंट की आलोचना करने के बाद हुआ, जबकि पैरामाउंट उसी समय एक बड़े विलय के लिए नियामक मंजूरी मांग रही थी। सीबीएस ने राजनीतिक प्रभाव से इनकार किया और कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से आर्थिक कारणों से लिया गया था।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/india-quietly-destroyed-a-chinese-missile-and-what-was-found-inside-shocked-the-world" target="_blank">भारत ने चुपचाप तोड़ा चीनी मिसाइल, अंदर जो मिला, उसने हिलाई दुनिया!</a></h3><h2>कोल्बर्ट के आखिरी एपिसोड को मिले रिकॉर्ड व्यूज</h2><div>स्टीफन कोल्बर्ट का आखिरी शो सिर्फ एक विदाई नहीं, बल्कि एक ब्लॉकबस्टर इवेंट साबित हुआ! रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फेयरवेल एपिसोड को करोड़ों लोगों ने देखा, जिसने शो की सामान्य टीआरपी को बहुत पीछे छोड़ दिया। इस खास मौके पर कई मशहूर हस्तियां और उनके साथी लेट-नाइट होस्ट्स भी उन्हें गुडबाय कहने पहुंचे। सभी ने कोल्बर्ट की उस बेबाकी को सलाम किया, जिसके दम पर उन्होंने हमेशा बिना डरे बड़े-बड़े राजनेताओं और ताकतवर चेहरों पर तीखे और बेबाक तंज कसे।</div><blockquote class="twitter-tweet"><p lang="zxx" dir="ltr"><a href="https://t.co/LU644jFVH2">pic.twitter.com/LU644jFVH2</a></p>— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) <a href="https://twitter.com/realDonaldTrump/status/2057968277062582378?ref_src=twsrc%5Etfw">May 22, 2026</a></blockquote>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 14:07:30 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/donald-trump-revenge-as-soon-as-show-ends-throwing-stephen-colbert-in-trash</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Marco Rubio India Visit Updates:अमेरिकी विदेश मंत्री दिल्ली पहुंचे, आज PM मोदी से बातचीत, कल जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता का कार्यक्रम, जानें पूरा शेड्यूल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/us-secretary-of-state-arrives-in-delhi-talks-with-pm-modi-today]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार को भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर कोलकाता पहुंचे। वे आज ही नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। उनके आगमन की पुष्टि करते हुए भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग और क्वाड साझेदारी सहित प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। राजदूत गोर ने पोस्ट किया विदेश मंत्री मार्को रुबियो कोलकाता पहुंच गए हैं। यह उनकी भारत की पहली यात्रा है। आज बाद में, हम नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, क्वाड और कई अन्य मुद्दों पर अगले कुछ दिनों में चर्चा होगी और उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा! अमेरिका के शीर्ष राजनयिक रविवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ व्यापक चर्चा करेंगे, जिसमें व्यापार, ऊर्जा सहयोग, निवेश, उभरती प्रौद्योगिकियां और जन-संबंधों पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। यह दौरा क्वाड समूह के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं, क्योंकि ये चारों देश समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं और उभरती वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग को और मजबूत कर रहे हैं।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-iran-talks-intensify-behind-the-scenes-asim-munir-leaves-for-tehran" target="_blank">US-Iran में पर्दे के पीछे बातचीत तेज, तेहरान के लिए निकले आसिम मुनीर</a></h3><h2>अमेरिकी दूतावास के कार्यक्रम के लिए दिल्ली पहुंचे</h2><div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शनिवार को कोलकाता का अपना दौरा पूरा करने के बाद दिल्ली पहुंचे। राष्ट्रीय राजधानी में अपने दौरे के दौरान, रुबियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। वे अमेरिकी दूतावास के सहायक भवन के उद्घाटन समारोह में भी भाषण देंगे और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर द्वारा आयोजित रूजवेल्ट हाउस के स्वागत समारोह में भी शामिल होंगे।&nbsp;</div><h2>रुबियो ने कहा, शानदार यात्रा की उम्मीद है!</h2><div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को अपनी पत्नी जेनेट डी. रुबियो के साथ भारत पहुंचने के बाद एक पोस्ट साझा किया। वे कोलकाता और नई दिल्ली में होने वाली महत्वपूर्ण राजनयिक बैठकों में भाग लेने वाले हैं। एयरपोर्ट से एक तस्वीर साझा करते हुए रुबियो ने लिखा, "भारत पहुंच गया हूं। शानदार यात्रा की उम्मीद है!&nbsp;</div><div>&nbsp;सर्जियो गोर ने मार्को रुबियो के साथ तस्वीर साझा की</div><div>भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उनकी पत्नी जेनेट डी. रुबियो के साथ कोलकाता दौरे के बाद दिल्ली की यात्रा के दौरान ली गई एक तस्वीर साझा की। तस्वीर को फेसबुक पर पोस्ट करते हुए गोर ने लिखा, दिल्ली के लिए उड़ान!</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/india-quietly-destroyed-a-chinese-missile-and-what-was-found-inside-shocked-the-world" target="_blank">भारत ने चुपचाप तोड़ा चीनी मिसाइल, अंदर जो मिला, उसने हिलाई दुनिया!</a></h3><h2>यात्रा का शेड्यूल</h2><div>कोलकाता में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह दोपहर के समय प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। आज दोपहर 2 बजे उनकी पीएम मोदी संग मुलाकात होगी। रविवार को उनका जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने का कार्यक्रम है और वह अमेरिकी दूतावास द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी शामिल होंगे। रुबियो सोमवार को आगरा और जयपुर की यात्रा करेंगे। फिर मंगलवार सुबह क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए दिल्ली लौटेंगे।</div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:22:21 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/us-secretary-of-state-arrives-in-delhi-talks-with-pm-modi-today</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Pakistan की तो कोई सुन ही नहीं रहा...अब होर्मुज खुलवाने के लिए कतर ने संभाला मोर्चा, तेहरान भेजा अपना डेलीगेशन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/now-qatar-has-taken-the-lead-in-getting-strait-of-hormuz-opened-sending-delegation-to-tehran]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच सीजफायर कराने की पाकिस्तान की कोशिश कोई ज्यादा रंग नहीं लाती दिख रही है। ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा शुरू कराने के लिए कतर ने एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भारी तनाव को सुलझाने के लिए कतर की एक मध्यस्थ टीम तेहरान भेजी गई है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से न सिर्फ खाड़ी देशों की इकोनॉमी को भारी नुकसान पहुंचा है, बल्कि ग्लोबल ऑयल मार्केट पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। अब देखना होगा कि कतर की इस मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच समझौते की राह कितनी आसान होती है। रॉयटर्स को बताया कि कतर की एक वार्ता टीम शुक्रवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के समन्वय से तेहरान पहुंची, ताकि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने और लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए एक समझौता कराने में मदद मिल सके।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-iran-talks-intensify-behind-the-scenes-asim-munir-leaves-for-tehran" target="_blank">US-Iran में पर्दे के पीछे बातचीत तेज, तेहरान के लिए निकले आसिम मुनीर</a></h3><div>गाजा युद्ध और अंतरराष्ट्रीय तनाव के अन्य क्षेत्रों में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले दोहा ने अब तक ईरान युद्ध में मध्यस्थता की भूमिका निभाने से खुद को दूर रखा था, क्योंकि हालिया संघर्ष के दौरान उस पर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया गया था। सूत्रों के अनुसार, कतर की एक वार्ता टीम शुक्रवार को तेहरान में है। उन्होंने आगे बताया कि यह टीम संयुक्त राज्य अमेरिका के समन्वय से वहां पहुंची है और इसका उद्देश्य युद्ध को समाप्त करने और ईरान के साथ लंबित मुद्दों को सुलझाने वाले अंतिम समझौते तक पहुंचने में मदद करना है। कतर के विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/business/hormuz-crisis-creates-earthquake-in-oil-market-brent-crude-in-danger-of-crossing-120" target="_blank">Hormuz संकट से तेल बाज़ार में भूचाल, Brent Crude के $120 पार जाने का मंडरा रहा खतरा</a></h3><div>हालांकि पाकिस्तान युद्ध शुरू होने के बाद से आधिकारिक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, कतर की पुनः भागीदारी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी और वाशिंगटन तथा तेहरान के बीच विश्वसनीय गुप्त संपर्क सूत्र के रूप में उसकी दीर्घकालिक भूमिका को दर्शाती है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के साथ शुरू हुए इस युद्ध में एक अस्थिर युद्धविराम लागू है, लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। अमेरिकी नाकाबंदी और तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने से वार्ता जटिल हो गई है। एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने गुरुवार को रॉयटर्स को बताया कि कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन मतभेद कम हो गए हैं। ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन और जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण अभी भी कुछ अड़चनों के मुख्य बिंदु हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:10:35 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/now-qatar-has-taken-the-lead-in-getting-strait-of-hormuz-opened-sending-delegation-to-tehran</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Pakistan सरकार ने किया बड़ा ऐलान, 6 रुपये सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/pakistan-government-made-a-big-announcement-petrol-and-diesel-became-cheaper-by-rs-6]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>पेट्रोलियम विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पाकिस्तान की सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत में 6 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमत में 6.80 रुपये प्रति लीटर की कमी की। इस कमी के बाद, पेट्रोल की कीमत 403.78 रुपये प्रति लीटर और एचएसडी की कीमत 402.78 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोलियम विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में इस कमी की सूचना देते हुए कहा गया है कि नई कीमतें 23 मई (शनिवार) से प्रभावी होंगी। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब सरकार ने ईंधन की कीमतों में कमी की है। पिछले सप्ताह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 रुपये की कमी की गई थी। पेट्रोल का उपयोग मुख्य रूप से निजी परिवहन, छोटे वाहनों, रिक्शा और दोपहिया वाहनों में होता है और यह मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के बजट पर सीधा प्रभाव डालता है। हाई-स्पीड डीजल का उपयोग मुख्य रूप से भारी परिवहन क्षेत्र और बड़े जनरेटरों में होता है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/terrorists-parade-in-pakistan-salahuddin-attends-pulwama-mastermind-funeral-with-isi" target="_blank">Pakistan में आतंकियों की परेड! Pulwama मास्टरमाइंड के जनाजे में ISI संग पहुंचा सलाहुद्दीन</a></h3><div>28 फरवरी को शुरू हुए और अब स्थगित हो चुके अमेरिका-इजरायल के ईरान पर युद्ध के बाद से सरकार हर शुक्रवार की रात को पेट्रोलियम की कीमतों में संशोधन कर रही है। इस युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक ईंधन संकट भी पैदा हो गया, जिससे शांति काल में दुनिया के एक-पांचवें तेल और गैस की आपूर्ति होती थी। अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध शुरू होने के बाद, सरकार ने 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की और 9 मार्च को अभूतपूर्व मितव्ययिता उपायों की घोषणा की। अगले हफ्तों में, प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा कि उन्होंने वैश्विक बाजार में कीमतों में वृद्धि के बावजूद तीन बार ईंधन की कीमतों में वृद्धि की सिफारिशों को खारिज कर दिया था।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/raze-for-cockroaches-in-pakistan-too-with-people-taking-a-dig-at-the-indian-model" target="_blank">Pakistan में भी 'कॉकरोच' का क्रेज, इंडिया की कॉपी करने पर लोगों ने कसा तंज</a></h3><div>लेकिन 2 अप्रैल को, पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक और वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में क्रमशः 43 प्रतिशत और 55 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि की घोषणा की। मंत्रियों ने एक लक्षित ईंधन सब्सिडी कार्यक्रम की भी घोषणा की। हालांकि, ठीक एक दिन बाद, प्रधानमंत्री शहबाज ने पेट्रोलियम शुल्क में 80 रुपये प्रति लीटर की कटौती की और पेट्रोल की कीमत को घटाकर 378 रुपये प्रति लीटर कर दिया। 10 अप्रैल को, प्रधानमंत्री शहबाज ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में क्रमशः 135 रुपये और 12 रुपये प्रति लीटर की और कमी की।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 13:00:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/pakistan-government-made-a-big-announcement-petrol-and-diesel-became-cheaper-by-rs-6</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Pakistan में भी 'कॉकरोच' का क्रेज, इंडिया की कॉपी करने पर लोगों ने कसा तंज]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/raze-for-cockroaches-in-pakistan-too-with-people-taking-a-dig-at-the-indian-model]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारत में व्यंग्य के रूप में शुरू हुआ वायरल कॉकरोच मूवमेंट अब सीमा पार करके पाकिस्तानी राजनीतिक परिदृश्य में भी छा गया है। पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर भारत की तिलचट्टा जनता पार्टी (सीजेपी) से प्रेरित अकाउंट उभर रहे हैं, जिसने 16 मई को लॉन्च होते ही इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था। भारत में इस व्यंग्यात्मक समूह नेएक सप्ताह से भी कम समय में लाखों ऑनलाइन फॉलोअर्स को आकर्षित कर लिया है। पाकिस्तान में कॉकरोच जनता पार्टी के कई रूप हैं, जैसे कॉकरोच अवामी पार्टी, कॉकरोच अवामी लीग और मुत्तहिदा कॉकरोच मूवमेंट। कॉकरोच अवामी पार्टी का परिचय कहता है युवाओं का, युवाओं द्वारा, पाकिस्तान के लिए एक राजनीतिक मोर्चा। इसी तरह के एक अन्य संगठन का परिचय कहता है,"जिन्हें सिस्टम ने कॉकरोच समझा, हम उन्हीं की आवाज हैं।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/womenarticles/life-hack-kill-cockroaches-with-ginger-and-lemon" target="_blank">घर में बनाएं देसी Cockroach Killer, ये DIY Hack करेगा कॉकरोच की पूरी पलटन का सफाया</a></h3><div>इन पृष्ठों का लोगो अपने भारतीय समकक्ष के लोगो से काफी मिलता-जुलता है, हालांकि इसमें हरे और सफेद रंग की योजना अपनाई गई है, जो एक जानबूझकर किया गया ब्रांडिंग विकल्प है जो इसे इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई), पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) जैसी स्थापित राजनीतिक ताकतों के एक विशिष्ट विकल्प के रूप में स्थापित करता है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/bollywood/did-konkona-sen-sharma-unfollow-cockroach-janta-party-anurag-kashyap-and-dia-mirza-still-remain" target="_blank">Konkona Sen Sharma ने Cockroach Janta Party को किया अनफॉलो? अनुराग कश्यप और दीया मिर्जा अब भी हैं फॉलोअर्स की लिस्ट में</a></h3><h2>तिलचट्टा जनता पार्टी की शुरुआत किसने की?</h2><div>भारत की तिलचट्टा जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके हैं, जो अमेरिका के बोस्टन विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले 30 वर्षीय भारतीय छात्र हैं। वे पहले आम आदमी पार्टी में राजनीतिक संचार रणनीतिकार के रूप में काम कर चुके हैं। पार्टी का एक घोषणापत्र और एक आधिकारिक वेबसाइट भी है। हालांकि, पाकिस्तानी पार्टी कहीं अधिक विकेंद्रीकृत है, जहां कई स्वतंत्र संस्थापकों ने आंदोलन के अपने-अपने अलग-अलग संस्करण स्थापित किए हैं। तिलचट्टा जनता पार्टी की शुरुआत तब हुई जब भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं और कार्यकर्ताओं की तुलना तिलचट्टे और परजीवी से की थी।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:49:51 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/raze-for-cockroaches-in-pakistan-too-with-people-taking-a-dig-at-the-indian-model</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[China के कोयला खदान में भीषण विस्फोट, 90 लोगों की गई जान, जिनपिंग ने व्यापक बचाव अभियान के आदेश दिए]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/massive-explosion-in-china-coal-mine-90-people-killedjinping-orders-massive-rescue-operation]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>उत्तरी चीन के शानक्सी प्रांत में एक कोयला खदान में हुए गैस विस्फोट में मरने वालों की संख्या बढ़कर 90 हो गई है। सरकारी मीडिया शिन्हुआ ने दिन में पहले बताया था कि यह गैस विस्फोट शुक्रवार देर रात किंयुआन काउंटी की लियुशेन्यु कोयला खदान में हुआ, जहां 247 मजदूर काम कर रहे थे। शिन्हुआ के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अधिकारियों से घायलों के इलाज और खोज एवं बचाव अभियान में कोई कसर न छोड़ने का आह्वान किया और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच और कानून के अनुसार दोषियों को कड़ी सजा देने का आदेश दिया। प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी निर्देशों का समर्थन करते हुए समय पर और सटीक जानकारी जारी करने और कड़ी जवाबदेही तय करने का आह्वान किया। किनयुआन के स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बचाव अभियान जारी था और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही थी।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/denmark-tehelka-for-modi-norway-media-destroyed" target="_blank">मोदी के लिए डेनमार्क का तहलका, Norway की मीडिया को मिट्टी में मिलाया!</a></h3><div>चीन ने 2000 के दशक की शुरुआत से ही कड़े नियमों और सुरक्षित प्रक्रियाओं के माध्यम से कोयला खदान दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को काफी हद तक कम कर दिया है - ये दुर्घटनाएं अक्सर गैस विस्फोट या बाढ़ के कारण होती थीं। हालांकि, लियुशेन्यु घटना पिछले एक दशक में चीन में दर्ज की गई सबसे घातक घटनाओं में से एक थी। शिन्हुआ ने बताया कि खदान के लिए जिम्मेदार कंपनी के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है। इससे पहले शिन्हुआ ने केवल आठ लोगों की मौत की खबर दी थी, जबकि 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित रूप से सतह पर लाया गया था। उसने मृतकों की संख्या में अचानक हुई वृद्धि का कारण नहीं बताया।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:30:55 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/massive-explosion-in-china-coal-mine-90-people-killedjinping-orders-massive-rescue-operation</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    <item>
      <title><![CDATA[Pakistan में आतंकियों की परेड! Pulwama मास्टरमाइंड के जनाजे में ISI संग पहुंचा सलाहुद्दीन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/terrorists-parade-in-pakistan-salahuddin-attends-pulwama-mastermind-funeral-with-isi]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>इस्लामाबाद में शहीद आतंकी कमांडर हमजा बुरहान की जनाजे की नमाज में हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन और अल-बद्र सरगना बख्त जमीन खान समेत पाकिस्तान स्थित कई शीर्ष वांछित आतंकवादी शामिल हुए। हमजा बुरहान, जिसे अर्जुमंद गुलजार डार और 'डॉक्टर' कोडनेम से भी जाना जाता था, को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा गोली मारे जाने के एक दिन बाद इस्लामाबाद में दफनाया गया। स्थानीय लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए दृश्यों के अनुसार, वरिष्ठ आतंकी सदस्यों के अलावा, पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े अधिकारी भी जनाजे की नमाज में मौजूद थे। अंतिम संस्कार की प्रार्थनाओं के दौरान सभा के चारों ओर, विशेष रूप से अल-बद्र प्रमुख बख्त ज़मीन खान के आसपास, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था स्पष्ट रूप से दिखाई दी। दृश्यों में समारोह के दौरान उनके चारों ओर भारी हथियारों से लैस आतंकवादी AK-47 राइफल और अन्य अत्याधुनिक हथियारों के साथ तैनात दिखाई दिए।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/hizbul-chief-salahuddin-and-al-badr-kingpin-attend-funeral-of-pulwama-attack-mastermind" target="_blank">पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड के जनाजे में पहुंचे हिजबुल चीफ सलाहुद्दीन और अल-बद्र सरगना! ISI अधिकारियों की भी रही मौजूदगी</a></h3><div>सुरक्षा व्यवस्था में की गई भारी तैनाती अज्ञात हमलावरों द्वारा संभावित हमलों की आशंकाओं को भी दर्शाती है, क्योंकि हाल ही में पाकिस्तान और कश्मीर राज्य में आतंकवादियों की लक्षित हत्याओं की घटनाएं बढ़ गई हैं। बुरहान कथित तौर पर 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था, जिसमें फरवरी 2019 में 40 से अधिक केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान शहीद हो गए थे। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा का निवासी बुरहान बाद में वैध दस्तावेजों के आधार पर पाकिस्तान चला गया और अल-बद्र आतंकी संगठन में शामिल हो गया। जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे आतंकवादी घोषित किया था। अधिकारियों के अनुसार, बुरहान ने युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, आतंकवादियों की भर्ती करने और पाकिस्तान से अल-बद्र की गतिविधियों को वित्तपोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/india-quietly-destroyed-a-chinese-missile-and-what-was-found-inside-shocked-the-world" target="_blank">भारत ने चुपचाप तोड़ा चीनी मिसाइल, अंदर जो मिला, उसने हिलाई दुनिया!</a></h3><div>हाल के वर्षों में वह पीओके में छुपकर रह रहा था और एक शिक्षक के रूप में काम कर रहा था। पुलिस ने बताया कि वह इस्लामाबाद से लगभग 135 किलोमीटर दूर मुजफ्फरबाद के एक निजी कॉलेज में प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत था। स्थानीय पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह बुरहान पर उस समय हमला हुआ जब वह कॉलेज परिसर से बाहर निकला। अज्ञात बंदूकधारियों ने करीब से गोलियां चलाईं, जिससे उसके सिर में कई गोलियां लगीं। हमले के बाद पाकिस्तानी पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया, प्रिंसिपल के सिर में तीन गोलियां लगीं। उन्हें गंभीर हालत में पास के अस्पताल ले जाया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया है। सूत्रों ने बाद में पुष्टि की कि बुरहान की चोटों के कारण मौत हो गई। पुलिस ने बाद में दावा किया कि उन्होंने इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद कर लिया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी मोटरसाइकिल पर भागने की कोशिश कर रहा था तभी स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और बाद में अधिकारियों के हवाले कर दिया।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:23:05 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/terrorists-parade-in-pakistan-salahuddin-attends-pulwama-mastermind-funeral-with-isi</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Trump की बेटी को जान से मारने की कोशिश, IRGC से जुड़ा कनेक्शन]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/attempt-to-kill-trump-daughter-iran-connection]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>यूएस मीडिया न्यूयॉर्क पोस्ट के हवाले से बड़ी खबर मिल रही है। इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश रची गई थी। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी है इवांका ट्रंप जिनकी हत्या की साजिश रची गई थी। यह बड़ा दावा फिलहाल किया गया है। यूएस मीडिया न्यूयॉर्क पोस्ट के हवाले से यह बड़ी खबर मिल रही है। इसके बारे में और आगे यह लिखा गया है कि इराकी नागरिक पर यह आरोप लगाया गया है। आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ यह आरोपी है। संदिग्ध को तुर्की से गिरफ्तार करके अमेरिका लाया गया है और इस युवक पर यह आरोप लगा है कि इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश रची जा रही थी। गिरफ्तार किए गए शख्स को वाशिंगटन लाया जाएगा। इसके अमेरिका में इसकी और पूछताछ की जाएगी। इसे इंटेरोगेट किया जाएगा और ये बहुत ही संगीन मामला है क्योंकि अगर देखा जाए तो अगर&nbsp; ट्रंप के परिवार की बात करें या डोनाल्ड ट्रंप की बात करें जिस तरीके से पिछले दिनों से लगातार वेस्ट कॉन्फ्लिक्ट चल रहा है उसके बाद से पूरे परिवार पर ऑलरेडी ही खतरा मंडरा रहा है।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/us-iran-talks-intensify-behind-the-scenes-asim-munir-leaves-for-tehran" target="_blank">US-Iran में पर्दे के पीछे बातचीत तेज, तेहरान के लिए निकले आसिम मुनीर</a></h3><div>बहुत सारी कोशिशें की गई है और यही वजह है कि इनकी सिक्योरिटी को बढ़ा दिया गया है। जब से ये वेस्ट एशिया कॉन्ट्रैक्ट चल रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध की पहचान 32 साल के मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है। उसने कथित तौर पर 2020 के उस अमेरिकी ड्रोन हमले का बदला लेने की कोशिश की, जिसका आदेश राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने पिछले कार्यकाल में दिया था। इस हमले में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी मारे गए थे।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/india-quietly-destroyed-a-chinese-missile-and-what-was-found-inside-shocked-the-world" target="_blank">भारत ने चुपचाप तोड़ा चीनी मिसाइल, अंदर जो मिला, उसने हिलाई दुनिया!</a></h3><div>मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अल-सादी के पास इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा वाले घर का ब्लूप्रिंट था और उसने कथित तौर पर ऑनलाइन धमकियां पोस्ट की थीं, जिनमें अमेरिकियों को चेतावनी दी गई थी, न तो तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हारी रक्षा कर पाएगी। इराक के पूर्व राजनयिक एंटिफाध कानबर ने अखबार को बताया कि अल-सादी बार-बार इवांका ट्रंप की हत्या करने की बात करता था, ताकि ट्रंप का घर भी उसी तरह जला दिया जाए, जिस तरह उसने हमारा घर जलाया था।&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:17:14 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/attempt-to-kill-trump-daughter-iran-connection</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Marco Rubio India Visit: 14 साल में पहली बार अमेरिकी विदेश मंत्री क्यों गए बंगाल? पीएम नरेंद्र मोदी से होगी मुलाकात, एस. जयशंकर संग करेंगे बैठक]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/why-did-the-us-secretary-of-state-visit-bengal-for-the-first-time-in-14-years]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारत के दौरे पर हैं विदेश के यूएस के विदेश मंत्री। चार दिनों के दौरे पर पहुंचे हैं मार्क रूबियो भारत पहुंचे हैं। कोलकाता में रूबियो ने लैंडिंग की है।अमेरिका के विदेश मंत्री माको रूबियो पहुंचे हैं अपने परिवार के संग भारत के दौरे पर। उनके साथ एक बड़ा प्रतिनिधि मंडल भी अमेरिका से सीधा भारत पहुंचा। आज पीएम मोदी से उनकी मुलाकात होनी है।&nbsp; कोलकाता में उनकी लैंडिंग हुई है। इसके साथ ही पहली बार है जब माकू रूबियो भारत के दौरे पर पहुंच रहे हैं। इस समय जो स्थिति है मिडिल ईस्ट में उसके बाद यह जो दौरा है मार्को रूबियों का वो बहुत अहम बताया जा रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना, क्वाड गठबंधन के तहत सहयोग बढ़ाना और व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा को आगे बढ़ाना है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/quad-is-not-ending-a-big-meeting-of-the-anti-china-grand-alliance-will-be-held-in-delhi" target="_blank">QUAD खत्‍म नहीं हो रहा, दिल्‍ली में होगी चीन विरोधी महा गठबंधन की बड़ी बैठक, इस वर्ष का एजेंडा क्या है?</a></h3><div>अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने नयी दिल्ली की अपनी पहली यात्रा से पहले कहा कि अमेरिका भारत को उतनी ही ऊर्जा बेचने के लिए तैयार है जितनी भारत खरीदने को तैयार होगा। स्वीडन और भारत की यात्रा पर रवाना होते समय मियामी में पत्रकारों के साथ बातचीत में रूबियो ने नयी दिल्ली को एक महान साझेदार बताया और कहा कि उनकी यह यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उन्हें क्वाड देशों के मंत्रियों से मिलने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम उन्हें उतनी ऊर्जा बेचना चाहते हैं जितनी वे खरीद सकें। और जाहिर है, आपने देखा होगा कि मुझे लगता है कि हम अमेरिकी उत्पादन और निर्यात के ऐतिहासिक स्तर पर हैं। रूबियो 23 से 26 मई तक भारत में रहेंगे और कोलकाता, आगरा, जयपुर तथा नयी दिल्ली का दौरा करेंगे।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/iran-peace-talks-make-modest-progress-marco-rubio-says-trump-disappointed-with-nato-allies" target="_blank">Iran संग Peace Talks में 'मामूली प्रगति', Marco Rubio बोले- NATO सहयोगियों से निराश हैं Trump</a></h3><div>रूबियो ने कहा कि हम और अधिक करना चाहते हैं। हम पहले से ही उनसे और अधिक करने के लिए बातचीत कर रहे थे। हम चाहते हैं कि वे अपने पोर्टफोलियो में उनका बड़ा हिस्सा शामिल करें। हमें वेनेजुएला के तेल में भी अवसर दिखाई देते हैं।” वह होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण भारत पर ऊर्जा की ऊंची कीमतों के प्रभाव से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। रूबियो ने कहा कि वे हमारे महान सहयोगी और महान साझेदार हैं। हम उनके साथ मिलकर बहुत अच्छा काम करते हैं। इसलिए यह एक महत्वपूर्ण यात्रा है। मुझे खुशी है कि हम यह यात्रा कर पा रहे हैं क्योंकि मुझे लगता है कि हमें इस दौरान कई विषयों पर चर्चा करने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम वहां क्वाड के साथ भी बैठक करेंगे, जो महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि विदेश मंत्री के रूप में मेरी पहली बैठक क्वाड के साथ ही हुई थी। मुझे खुशी है कि हम अब भारत में ऐसा कर पा रहे हैं और हम इस साल के अंत में भी एक बैठक करेंगे।</div><div>रूबियो ने कहा कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज भी अगले सप्ताह भारत पहुंचने वाली हैं और नयी दिल्ली के साथ काम करने के कई अवसर मिलेंगे। क्वाड की बैठक 26 मई को होगी, जिसमें रूबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापानी विदेश मंत्री मोटेगी तोशिमित्सु के शामिल होने की उम्मीद है, जबकि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इसकी अध्यक्षता करेंगे। रूबियो की कोलकाता यात्रा लगभग चौदह वर्षों में किसी अमेरिकी विदेश मंत्री की पहली यात्रा होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने 2012 में कोलकाता की यात्रा की थी।</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 12:04:46 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/why-did-the-us-secretary-of-state-visit-bengal-for-the-first-time-in-14-years</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[China Coal Mine Explosion | चीन की कोयला खदान में भीषण गैस धमाका! मरने वालों की संख्या बढ़कर 82 हुई, अब भी 9 लोग लापता]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/massive-gas-explosion-in-chinese-coal-mine-death-toll-rises-to-82-still-9-missing]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>उत्तरी चीन के प्रमुख कोयला खनन क्षेत्र शानक्सी (Shanxi) प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। प्रांत की एक कोयला खदान में शुक्रवार देर रात हुए भीषण गैस विस्फोट (Gas Explosion) में मरने वाले मजदूरों की संख्या शनिवार (23 मई 2026) को बढ़कर कम से कम 82 हो गई है। चीनी सरकारी मीडिया 'शिन्हुआ' (Xinhua) ने इस दुखद आंकड़े की पुष्टि करते हुए बताया कि मलबे में दबे 9 अन्य मजदूर अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश में युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह हादसा किनयुआन (Qinyuan) काउंटी स्थित लियुशेन्यु (Liushenyu) कोयला खदान में हुआ। जिस वक्त यह जोरदार धमाका हुआ, उस समय खदान के भीतर कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/gurugram-power-supply-restored-rapid-metro-several-areas-paralyzed-after-transformer-blast" target="_blank">Gurugram Power Outage | भीषण पावर कट के बाद बिजली सप्लाई पूरी तरह बहाल! ट्रांसफॉर्मर में ब्लास्ट से ठप हुई थी रैपिड मेट्रो और कई इलाके</a></h3><div><br></div><div>शिन्हुआ के अनुसार, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अधिकारियों से घायलों के इलाज और खोज व बचाव अभियान में "कोई कसर न छोड़ने" का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने दुर्घटना के कारणों की गहन जांच और कानून के अनुसार सख्त जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया।</div><div><br></div><div>प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी इन निर्देशों को दोहराते हुए समय पर और सटीक जानकारी जारी करने तथा सख्त जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही।</div><div>किनयुआन के स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बचाव अभियान जारी थे और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही थी।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/crime/twisha-sharma-death-imposed-with-30000-bounty-husband-samarth-singh-arrested-brought-to-bhopal" target="_blank">Twisha Sharma Death | 30 हजार का इनामी पति समर्थ सिंह भोपाल लाया गया,  रिमांड की अपील करेगी पुलिस, AIIMS की टीम करेगी दोबारा पोस्टमार्टम</a></h3><div><br></div><div>चीन ने 2000 के दशक की शुरुआत से ही, अधिक सख्त नियमों और सुरक्षित कार्यप्रणालियों के माध्यम से कोयला खदानों में होने वाली मौतों (जो अक्सर गैस धमाकों या बाढ़ के कारण होती हैं) में काफी कमी लाई है। हालांकि, लियुशेन्यु की यह घटना पिछले एक दशक में चीन में रिपोर्ट की गई सबसे घातक घटनाओं में से एक थी।</div><div><br></div><div>शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, खदान के लिए जिम्मेदार कंपनी के अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है।</div><div><br></div><div>इससे पहले शिन्हुआ ने केवल आठ लोगों के मारे जाने की खबर दी थी, और बताया था कि 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित रूप से खदान से बाहर निकाल लिया गया था। उसने मरने वालों की संख्या में अचानक हुई इस बढ़ोतरी का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।</div><div><br></div><div>शानक्सी चीन के कोयला खनन उद्योग का केंद्र है। यह एक भू-आबद्ध (landlocked) प्रांत है, जो क्षेत्रफल में ग्रीस से भी बड़ा है और जिसकी आबादी लगभग 3.4 करोड़ है; इसे देश का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक क्षेत्र माना जाता है। अकेले पिछले साल, शानक्सी के खनिकों ने लगभग 1.3 अरब टन कोयले का खनन किया, जो चीन के कुल कोयला उत्पादन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा था।</div><div>&nbsp;</div><div><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">Stay updated with </span><a href="https://www.prabhasakshi.com/international" target="_blank" style="background-color: rgb(255, 255, 255); font-size: 1rem;"><span style="font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif; background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial;">International
News in Hindi </span></a><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">on Prabhasakshi</span>&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 11:51:27 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/massive-gas-explosion-in-chinese-coal-mine-death-toll-rises-to-82-still-9-missing</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Ivanka Trump की हत्या की खौफनाक साजिश! IRGC से ट्रेनिंग पाए आतंकी के पास मिला फ्लोरिडा वाले घर का ब्लूप्रिंट]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/chilling-plot-to-assassinate-ivanka-trump-terrorist-trained-by-irgc-found-with-blueprints-of]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><div>मेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू किए जाने के बीच, वाशिंगटन से एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाली अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश हुआ है। न्यूयॉर्क पोस्ट (New York Post) की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे बड़ी बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की एक भयावह साजिश रची गई थी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">इवांका, जो ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान उनकी वरिष्ठ सलाहकार भी रह चुकी हैं, उन्हें ईरान के शक्तिशाली संगठन 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' (IRGC) से प्रशिक्षित एक खतरनाक आतंकी ने अपना मुख्य निशाना बनाया था।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी, जिसे हाल ही में 15 मई को तुर्की में गिरफ़्तारी के बाद अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया था, वह अमेरिकी हमलों में अपने गुरु की हत्या का बदला लेना चाहता था।</span></div></div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/cjp-founder-claims-personal-instagram-account-hacked-backup-page-also-blocked" target="_blank">Cockroach Janta Party Controversy | CJP संस्थापक का दावा! पर्सनल इंस्टा अकाउंट हैक, बैकअप पेज भी हुआ ब्लॉक, सोशल मीडिया पर बढ़ी डिजिटल 'कॉकरोच' आंदोलन की रार</a></h3><div><br></div><div>32 वर्षीय इराकी नागरिक ने ट्रंप के अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान, 2020 में एक ड्रोन हमले में ईरानी सैन्य प्रमुख कासिम सुलेमानी को मार गिराने के जवाब में इवांका को मारने की "कसम" खाई थी। सुलेमानी, जो एक रहस्यमयी हस्ती थे और IRGC की कुद्स फ़ोर्स के प्रमुख थे, 3 जनवरी, 2020 को बगदाद हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन हमले में मारे गए थे।</div><div><br></div><h2><b>इवांका ट्रंप की हत्या की साज़िश</b></h2><div>अल-सादी की कसम कोई कोरा दिखावा नहीं थी। न्यूयॉर्क पोस्ट के सूत्रों के अनुसार, गिरफ़्तारी के समय उसके पास इवांका के फ़्लोरिडा स्थित घर का एक ब्लूप्रिंट मिला था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">2021 में, अल-सादी ने X पर एक नक्शे की तस्वीर भी पोस्ट की थी, जिसमें फ़्लोरिडा का वह इलाका दिखाया गया था जहाँ इवांका और उनके पति, जेरेड कुशनर का $24 मिलियन का घर है। इस तस्वीर के साथ उसने एक खौफ़नाक धमकी भी पोस्ट की थी: "बदला लेना बस समय की बात है"।&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मूल रूप से अरबी में पोस्ट किए गए इस संदेश में लिखा था&nbsp;</span><span style="font-size: 1rem;">मैं अमेरिकियों से कहता हूँ, इस तस्वीर को देखो और जान लो कि न तो तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हारी रक्षा कर पाएगी। हम अभी निगरानी और विश्लेषण के चरण में हैं।</span></div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/bollywood/cannes-2026-aishwarya-rai-bachchan-dazzles-in-a-royal-blue-gown-photos-go-viral" target="_blank">Cannes 2026 | रॉयल ब्लू गाउन में Aishwarya Rai Bachchan का जलवा! वायरल हुईं तस्वीरें, डिज़ाइनर ने बताया क्यों खास है यह 'Luminara' ऑउटफिट</a></h3><div><br></div><div>दरअसल, सुलेमानी की हत्या के बाद, अल-सादी, जो उन्हें अपना गुरु मानता था, ने अपने साथियों से कहा था कि वह "ट्रंप के घर को जलाकर राख कर देगा"। वॉशिंगटन में इराकी दूतावास के एक पूर्व सैन्य अधिकारी, एंटिफाध क़ानबर ने 'द पोस्ट' को बताया, "अल-सादी लोगों से घूम-घूमकर कह रहा था, 'हमें इवांका को मारना होगा, ताकि हम ट्रंप के घर को उसी तरह जला सकें, जिस तरह उसने हमारे घर को जलाया था।'"</div><div><br></div><div>हालांकि, यह पता नहीं चल पाया है कि अल-सादी ने इवांका को निशाना बनाने की योजना क्यों बनाई थी। गौरतलब है कि ट्रंप की 44 वर्षीय सबसे बड़ी बेटी ने, रियल एस्टेट टाइकून कुशनर से शादी करने से पहले, 2009 में ऑर्थोडॉक्स यहूदी धर्म अपना लिया था। इस दंपति के तीन बच्चे हैं। हाल ही में, ट्रंप 2.0 प्रशासन में विशेष दूत के तौर पर काम कर रहे कुशनर, ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल रहे हैं।</div><div><br></div><h2><b>कौन है दाऊद अल-सादी?</b></h2><div>इस चौंकाने वाले खुलासे ने अल-सादी और उसके आपराधिक इतिहास को सुर्खियों में ला दिया है। लंबे समय से अमेरिका की नज़र में रहा अल-सादी, अमेरिका और यहूदी ठिकानों पर हुए कई हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है; इनमें इस साल मार्च में एम्स्टर्डम स्थित 'बैंक ऑफ़ न्यूयॉर्क मेलन' पर हुआ बम धमाका भी शामिल है।</div><div><br></div><div>अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अल-सादी कथित तौर पर अप्रैल में लंदन में दो यहूदियों पर चाकू से किए गए हमले और इसी साल टोरंटो स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की इमारत पर हुई गोलीबारी की घटना में भी शामिल था।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अल-सादी न केवल ईरान के IRGC से जुड़ा था, बल्कि वह 'कताइब हिज़्बुल्लाह' नामक एक इराकी शिया अर्धसैनिक समूह का भी सक्रिय सदस्य था; इस समूह को तेहरान का समर्थन प्राप्त है। अमेरिका ने 'कताइब हिज़्बुल्लाह' को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है।</span></div><div><br></div><div>तो, आखिर अल-सादी सुलेमानी के इतना करीब कैसे आ गया कि उसने अमेरिकी राष्ट्रपति की बेटी की हत्या की साज़िश रचने तक की हिम्मत कर ली? यह समझने के लिए हमें उसके इतिहास और बचपन पर नज़र डालनी होगी।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">अल-सादी का जन्म बगदाद में हुआ था और उसकी परवरिश मुख्य रूप से उसकी इराकी माँ ने की थी। उसके पिता, अहमद काज़ेमी, ईरान की सेना में ब्रिगेडियर जनरल के पद पर कार्यरत थे।</span></div><div><br></div><div>बहुत कम उम्र में ही उसे प्रशिक्षण के लिए तेहरान भेज दिया गया, जहाँ उसने IRGC के साथ ट्रेनिंग ली; यह संगठन सीधे तौर पर 'सर्वोच्च नेता' (Supreme Leader) के प्रति जवाबदेह होता है और ईरानी सेना से स्वतंत्र रूप से कार्य करता है। हालांकि, वर्ष 2006 में अल-सादी के पिता के निधन के साथ ही उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।</div><div><br></div><div>इसके बाद, क़ानबर के अनुसार, सुलेमानी ही अल-सादी का सबसे बड़ा सहारा और मार्गदर्शक बन गया। आखिरकार वे एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए, और अल-सादी उन्हें पिता तुल्य मानने लगे। अमेरिकी हमलों में सुलेमानी की अचानक हुई मौत से अल-सादी पूरी तरह हिल गए, और तभी इवांका की हत्या की साज़िश ने आकार लेना शुरू कर दिया।</div><div>&nbsp;</div><div><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">Stay updated with </span><a href="https://www.prabhasakshi.com/international" target="_blank" style="background-color: rgb(255, 255, 255); font-size: 1rem;"><span style="font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif; background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial;">International
News in Hindi </span></a><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">on Prabhasakshi</span>&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 11:06:00 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/chilling-plot-to-assassinate-ivanka-trump-terrorist-trained-by-irgc-found-with-blueprints-of</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड के जनाजे में पहुंचे हिजबुल चीफ सलाहुद्दीन और अल-बद्र सरगना! ISI अधिकारियों की भी रही मौजूदगी]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/hizbul-chief-salahuddin-and-al-badr-kingpin-attend-funeral-of-pulwama-attack-mastermind]]></guid>
      <description><![CDATA[<div><span style="font-size: 1rem;">हमज़ा बुरहान, जिसे अर्जुमंद गुलज़ार डार के नाम से भी जाना जाता था और जिसका कोडनेम 'डॉक्टर' था, को इस्लामाबाद में दफनाया गया। उसे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी थी, जिसके एक दिन बाद उसे दफनाया गया। स्थानीय लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक, जनाज़े में शामिल लोगों में सीनियर आतंकी ऑपरेटिव्स के अलावा, पाकिस्तान की ISI से जुड़े अधिकारी भी देखे गए। जनाज़े की नमाज़ के दौरान वहां मौजूद भारी सुरक्षा व्यवस्था साफ नज़र आ रही थी, खासकर अल-बद्र के चीफ बख्त ज़मीन खान के आस-पास। वीडियो में देखा जा सकता है कि समारोह के दौरान उनके आस-पास AK-47 राइफल और दूसरे आधुनिक हथियारों से लैस भारी हथियारों वाले आतंकवादी तैनात थे।</span></div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/massive-fire-at-delhi-shastri-park-furniture-market-fire-tenders-pelted-with-stones" target="_blank">Shastri Park Furniture Market Fire | दिल्ली के शास्त्री पार्क फर्नीचर बाजार में भीषण आग, लाखों का सामान खाक, दमकल गाड़ियों पर पथराव</a></h3><div><br></div><div>सुरक्षा की इस भारी मौजूदगी से अज्ञात हमलावरों द्वारा संभावित हमलों का डर भी झलकता है। यह डर पाकिस्तान और POK में हाल ही में आतंकवादियों की टारगेटेड किलिंग की बढ़ती घटनाओं के बीच सामने आया है।</div><div>&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/bollywood/cannes-2026-aishwarya-rai-bachchan-dazzles-in-a-royal-blue-gown-photos-go-viral" target="_blank">Cannes 2026 | रॉयल ब्लू गाउन में Aishwarya Rai Bachchan का जलवा! वायरल हुईं तस्वीरें, डिज़ाइनर ने बताया क्यों खास है यह 'Luminara' ऑउटफिट</a></h3><div><br></div><div>बुरहान पर आरोप था कि वह 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड्स में से एक था। इस हमले में फरवरी 2019 में सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 से ज़्यादा जवान शहीद हो गए थे। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा ज़िले के रत्नीपोरा का रहने वाला बुरहान बाद में वैध दस्तावेज़ों के ज़रिए पाकिस्तान चला गया और वहां अल-बद्र आतंकी संगठन में शामिल हो गया।</div><div><br></div><div>केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2022 में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में उसे आतंकवादी घोषित कर दिया था। अधिकारियों के मुताबिक, बुरहान ने युवाओं को कट्टरपंथी बनाने, नए ऑपरेटिव्स की भर्ती करने और पाकिस्तान से अल-बद्र की गतिविधियों के लिए फंडिंग करने में अहम भूमिका निभाई थी।</div><div><br></div><div>हाल के सालों में, वह POK में छिपकर रह रहा था और एक टीचर के तौर पर काम कर रहा था। पुलिस ने बताया कि वह इस्लामाबाद से करीब 135 किलोमीटर दूर मुज़फ़्फ़राबाद में एक प्राइवेट कॉलेज के प्रिंसिपल के तौर पर काम कर रहा था।</div><div><br></div><div>स्थानीय पुलिस के मुताबिक, गुरुवार सुबह जब बुरहान कॉलेज परिसर से बाहर निकला, तो उस पर हमला किया गया। अज्ञात बंदूकधारियों ने बहुत करीब से उस पर गोलियां चलाईं, जिससे उसके सिर में कई गोलियां लगीं। हमले के बाद पाकिस्तानी पुलिस अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया, "प्रिंसिपल के सिर में तीन गोलियां लगीं। उन्हें गंभीर हालत में पास के एक अस्पताल ले जाया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया।"</div><div><br></div><div>बाद में सूत्रों ने पुष्टि की कि बुरहान की चोटों के कारण मौत हो गई।&nbsp;<span style="font-size: 1rem;">बाद में पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है और हमले में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। चश्मदीदों ने बताया कि आरोपी मोटरसाइकिल पर भागने की कोशिश कर रहा था, तभी स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और फिर अधिकारियों के हवाले कर दिया।</span></div><div><br></div><div>बुरहान की हत्या के साथ ही उन घोषित आतंकवादियों और चरमपंथी गुर्गों की बढ़ती सूची में एक और नाम जुड़ गया है, जिन्हें पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में रहस्यमय तरीके से मार गिराया गया है।</div><div>&nbsp;</div><div><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">Stay updated with </span><a href="https://www.prabhasakshi.com/international" target="_blank" style="background-color: rgb(255, 255, 255); font-size: 1rem;"><span style="font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif; background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial;">International
News in Hindi </span></a><span style="background-image: initial; background-position: initial; background-size: initial; background-repeat: initial; background-attachment: initial; background-origin: initial; background-clip: initial; font-size: 1rem; font-family: &quot;Segoe UI&quot;, sans-serif;">on Prabhasakshi</span>&nbsp;</div>]]></description>
      <pubDate>Sat, 23 May 2026 10:57:06 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/hizbul-chief-salahuddin-and-al-badr-kingpin-attend-funeral-of-pulwama-attack-mastermind</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
    <item>
      <title><![CDATA[Sheikh Hasina को वापस भेजेगा भारत? बांग्लादेश के गृह मंत्री ने PM Modi से मांगी मदद!]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/will-india-send-sheikh-hasina-back-bangladesh-home-minister-seeks-help-from-pm-modi]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>बांग्लादेश की नई सरकार ने अब सीधे तौर पर नई मांग दिल्ली के सामने रख दी है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहाउद्दीन अहमद का वो बयान जिसने दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। तारिक रहमान की सरकार ने अब शेख हसीना को कानूनी प्रक्रिया के तहत वापस लाने की बात कही है। दरअसल ढाका में एक हाई लेवल मीटिंग होती है और इसके बाद गृह मंत्री बांग्लादेश के सलाउद्दीन अहमद ने साफ कह दिया कि शेख हसीना की वापसी अब केवल एक राजनीतिक मांग नहीं है बल्कि एक औपचारिक प्रक्रिया बन चुकी है।</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/india-cyprus-become-strategic-partners-pm-modi-friendship-open-new-avenues-for-india-in-the-eu" target="_blank">भारत-Cyprus बने Strategic Partner, PM Modi की दोस्ती EU में खोलेगी भारत के लिए नए रास्ते?</a></h3><div> अहमद ने साफ कहा कि विदेश मंत्रालय के जरिए नई दिल्ली को अनुरोध यानी रिक्वेस्ट भेजा जा चुका है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि वे हसीना को कानूनी माध्यमों से वापस लाना चाहते हैं। साल 2013 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई प्रत्यार्पण संधि का हवाला दिया जा रहा है। हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में नरसंहार जैसे दर्जनों मामले दर्ज किए गए हैं। जिनका सामना करने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी बताई जा रही है। याद कीजिए जरा 5 अगस्त 2024 वो दिन जब 15 साल तक बांग्लादेश पर राज करने वाली शेख हसीना को सिर्फ 45 मिनट के अल्टीमेटम पर देश छोड़ना पड़ा। हिंसक छात्र आंदोलन और बढ़ते दबाव के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और सुरक्षित शरण के लिए भारत का रुख अपना लिया। तब से वह गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस और उसके बाद किसी सुरक्षित स्थान पर भारत में रह रही हैं। लेकिन अब ढाका की गलियों से उठती नई मांग दिल्ली के गलियारों में गूंज रही है। इस पूरे मामले एक नाम है जो सबसे अहम है वो है तारिक रहमान।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/national/jhalmuri-seller-who-became-famous-after-meeting-pm-modi-is-facing-threats-pakistan-and-bangladesh" target="_blank">PM Modi से मिलकर मशहूर हुए Jhalmuri विक्रेता की जान खतरे में, Pak-Bangladesh से धमकियां</a></h3><div>बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान। लंबे समय से लंदन से राजनीति चला रहे थे और अब उनकी सरकार शेख हसीना को कटघरे में देखना चाहती है। इतना ही नहीं गृह मंत्री अहमद से जब पूछा गया कि क्या प्रतिबंधित आवामी लीग के नेताओं के भाषणों को दिखाया जा सकता है? तब उन्होंने साफ कर दिया कि यह अदालती आदेशों पर निर्भर करेगा और मोहम्मद यूनुस के शासन की बात करें तो उस वक्त आवामी लीग को लगभग हाशिए पर धकेल दिया गया था और उन पर कई प्रतिबंध ठोक दिए गए थे। अब सवाल यह है कि भारत क्या करेगा?</div><div>भारत के लिए यह स्थिति किसी डिप्लोमेटिक डिलेमा से कम नहीं है। शेख हसीना भारत की एक भरोसेमंद दोस्त रही हैं। मुश्किल समय में उन्हें वापस भेजना भारत की साख पर सवाल उठा सकता है और अगर बांग्लादेश प्रत्य संधि के तहत पुख्ता सबूत देता है तो भारत के लिए इंकार करना मुश्किल हो जाएगा। इतना ही नहीं दोस्तों बांग्लादेश में मौजूदा नई रहमान सरकार के साथ संबंध सुधारने के लिए भारत को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना ही होगा। खैर प्रतप की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। इसमें मानवाधिकारों और निष्पक्ष सुनवाई के पहलुओं को भी देखा जाता है। ऐसे में सवाल है कि क्या शेख हसीना को बांग्लादेश में निष्पक्ष ट्रायल मिलेगा?</div><div><br></div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 22 May 2026 19:42:47 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/will-india-send-sheikh-hasina-back-bangladesh-home-minister-seeks-help-from-pm-modi</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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    </item>
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      <title><![CDATA[भारत ने चुपचाप तोड़ा चीनी मिसाइल, अंदर जो मिला, उसने हिलाई दुनिया!]]></title>
      <guid isPermaLink="false"><![CDATA[https://www.prabhasakshi.com/international/india-quietly-destroyed-a-chinese-missile-and-what-was-found-inside-shocked-the-world]]></guid>
      <description><![CDATA[<div>भारत के हाथ एक ऐसा खजाना लग गया है जिसे पाने के लिए दुनिया के कई देश पागल हो रहे हैं। फ्रांस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने एक चीनी मिसाइल को खोल दिया और कुछ ही महीनों में इस मिसाइल ने भारत को होश उड़ा देने वाले सीक्रेट्स बता दिए हैं। दशकों की रिसर्च के बाद तैयार हुआ चीनी मिसाइल प्रोग्राम अब किसी काम का नहीं रहेगा। भारत ने चीन की एक सबसे लेटेस्ट मिसाइल टेक्नोलॉजी को डिकोड करने में सफलता हासिल कर ली है। आपको याद होगा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान में लगे चीनी एयर डिफेंस सिस्टम को नाकाम कर दिया था। मेड इन चाइना JF17 विमान को भी मार गिराया था। इसी JF7 लड़ाकू विमान ने एक चीनी मिसाइल PL15E को भारत की तरफ फायर किया था। PL15E चीन के एडवांस्ड मिसाइल प्रोग्राम की एयर टू एयर मिसाइल थी। जिसे भारत की बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट ने हवा में ही बेअसर कर दिया था।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/balen-shah-asked-for-help-india-took-a-big-decision" target="_blank">बालेन शाह ने मांगी मदद, भारत ने लिया बड़ा फैसला</a></h3><div>चीन की PL15 ई मिसाइल साबुत की साबुत पंजाब के होशियारपुर में आ गिरी। उसी दिन से भारत इस मिसाइल का ऑपरेशन कर रहा था। इसकी टेक्नोलॉजी को डिकोड करने की कोशिश कर रहा था और अब भारत को वह सफलता मिल गई है। ऐसा पहली बार हुआ था जब भारत को चीन की एक मिसाइल सही सलामत मिल गई थी। अब यही मिसाइल चीन को बर्बाद कर देगी। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने अब यह पता लगा लिया है कि चीन की PL1-15 ई मिसाइल कैसे टारगेट की पहचान करती थी और फिर टारगेट को ट्रैक करके कैसे आगे बढ़ती थी। चीन इस मिसाइल को भारत के रफाल और सुखोई लड़ाकू विमानों के लिए खतरे के रूप में पेश करता रहा है। लेकिन फ्रांस में छपी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने चीन की पीएल-15 मिसाइल के सीक्रेट कोड को अपने स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट से जोड़ दिया है। यह वॉरफेयर सूट अब भारत के स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान में लगाए गए हैं। इसके बाद अपग्रेड हो रहे Sukhoi 30 जेट्स में भी यह वॉरफेयर सूट लगाए जाएंगे।&nbsp;</div><h3 class="readthish3">इसे भी पढ़ें: <a href="https://www.prabhasakshi.com/international/marvel-of-robotics-modern-engineering-how--china-build-world-largest-railway-station-38-months" target="_blank">Chongqing East Railway Station | दंग रह गए एलन मस्क, जानिए कैसे चीन की 'रोबोट सेना' ने बनाया चोंगकिंग स्टेशन</a></h3><div>भारत के जिन लड़ाकू विमानों को टारगेट करने के लिए चीन ने पीएल15 ई मिसाइल बनाई थी, उन्हीं लड़ाकू विमानों में चीन की इस मिसाइल का काट लगा दिया गया है। इसके अलावा भारत भी अस्तरा नाम की हवा से हवा में मारने वाली मिसाइल बना रहा है। अब चीन की पीएल15 ई मिसाइल को स्टडी करके भारत ने अस्तरा को और भी ज्यादा घातक बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मिसाइल से मिली जानकारियों की मदद से भारत समेत अब कई देश पीएल 155 की काट बना सकेंगे। इसीलिए शायद दुनिया के बड़े-बड़े देश भारत से पीएल15 ई मिसाइल की टेक्नोलॉजी को हासिल करना चाहते हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, फ्रांस और जापान भारत से पीएल15 ई मिसाइल की टेक्नोलॉजी मांग रहे हैं।</div>]]></description>
      <pubDate>Fri, 22 May 2026 19:42:17 +0530</pubDate>
      <link>https://www.prabhasakshi.com/international/india-quietly-destroyed-a-chinese-missile-and-what-was-found-inside-shocked-the-world</link>
      <dc:creator><![CDATA[प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क]]></dc:creator>
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