Sheikh Hasina के दिल्ली बयान से भारत ने बनाई दूरी, MEA बोले- सरकार की भूमिका नहीं

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की हालिया प्रेसवार्ता एक निजी मीडिया संस्थान का कार्यक्रम थी और उसमें भारत सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि सरकार उस मंच पर बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के संदर्भ में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती है। इसके साथ ही भारत ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले किसी भी घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा है।
नयी दिल्ली, सात अगस्त भारत ने शुक्रवार को नयी दिल्ली में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मीडिया से बातचीत से खुद को अलग करते हुए कहा कि न तो उसने इसमें कोई भूमिका निभाई और न ही बांग्लादेश सरकार के बारे में उनकी टिप्पणियों का समर्थन किया। बुधवार को अपनी ऑनलाइन प्रेस वार्ता में हसीना ने घोषणा की कि वह दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के लिए दृढ़ हैं ताकि लोकतंत्र बहाल करके देश को ‘‘सही रास्ते’’ पर लाया जा सके, भले ही उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करना पड़े। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हसीना की मीडिया से बातचीत पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।
छात्र आंदोलन के कारण हसीना की सरकार गिरने के बाद वह पांच अगस्त, 2024 को ढाका से भारत आ गई थीं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब बांग्लादेश की प्रतिक्रिया के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह कहना चाहता हूं कि प्रेसवार्ता से पहले ही मैं इस मुद्दे पर सरकार का रुख बता चुका हूं। मैं उसे यहां फिर से दोहरा रहा हूं।’’ जायसवाल ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था का था और इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।
सरकार उस मंच पर कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करती, खासकर बांग्लादेश की विधिवत गठित सरकार के संबंध में।’’ संबंधित प्रेसवार्ता में हसीना के बेटे साजिब वाजेद द्वारा की गई इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि बांग्लादेश ‘‘एक और पाकिस्तान’’ बनता जा रहा है, जायसवाल ने कहा कि भारत राष्ट्रीय सुरक्षा पर असर डालने वाले किसी भी घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखता है।
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