गुजरात के राज्यपाल ने इंडियन एनिमल हेल्थ अवॉर्ड 2022 के विजेताओं को किया सम्मानित

By प्रेस विज्ञप्ति | Jul 08, 2022

नई दिल्ली।गुजरात के माननीय राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने नई दिल्ली में एग्रीकल्चर इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा आयोजित इंडियन एनिमल हेल्थ अवॉर्ड, 2022 के विजेताओं के सम्मानित किया। उन्होंने पुरस्कार पाने वाले सभी लोगों के शुभकामनाएं दी एवं पशु स्वास्थ्य पर पहली बार इस प्रकार की गोष्ठी आयोजित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। 

इसे भी पढ़ें: 'किसी के साथ छोड़ने से खत्म नहीं होती पार्टी', उद्धव ठाकरे बोले- मुझे न्याय मंदिर पर है विश्वास, सत्यमेव जयते

राज्यपाल ने कार्यक्रम उपस्थित छात्रों एवं अन्य लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैंने 1982 में 3 गाय से अपनी डेयरी शुरू की थी और उनकी नस्ल में सुधार करता गया जिसके परिणामस्वरूप आज मेरे पास 40 किलो प्रतिदिन दूध देने वाली गाय हैं। सिर्फ गऊ माता की जय कहने से परिणाम नहीं मिलेंगे अपितु पशुधन के स्वास्थ्य में सामूहिक सुधारों से हम आगे बढ़ सकेंगे। जब पशु पालने वाला आत्मनिर्भर बनेगा तब देश आत्मनिर्भर बनेगा”।

पशुओं के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जंगलों के खत्म होने की वजह से पशुओं के आहार में पोषण तत्वों की कमी हो रही है इसलिए एक समय के बाद वो किसान के किसी काम का नहीं रहता। देशभर की गऊशालाएं की दशा जेल समान हैं जहां गायों की दुर्दशा हो रही है। पशु तभी लाभकारी होगा जब वह किसान के खूंटे से बंधा होगा और उसे उचित आहार मिलेगा। 

इसे भी पढ़ें: चंडीगढ़ के स्कूल में गिरा 250 साल पुराना विशालकाय पेड़, 1 बच्चे की मौत, कई घायल

उन्होंने प्राकृतिक खेती के माध्यम से पशु धन की स्वास्थ्य सुरक्षा करने पर ज़ोर देते हुए कहा, “गत वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के आणंद ज़िले से ज़ीरो बजट फार्मिंग करने के लिए देशभर के किसानों का आह्वाहन किया और आज प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्राकृतिक खेती में देसी गाय के गोबर का इस्तेमाल करके जीवमृत बनाया जाता है जिससे धरती में ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा बढ़ती है। वैज्ञानिकों की रिसर्च से ये बात सामने आई है कि भारतीय नस्ल की गाय के गोमूत्र एवं गोबर में जीवाणुओं का भंडार होता है जिसे जब धरती में खाद के रूप में प्रयोग किया जाता है तो उसकी क्षमता बढ़ती है। 

इसे भी पढ़ें: भारत हर मोर्चे पर चीन को उसकी औकात बताने में लगा, PM मोदी के इस कदम से बुरी तरह बौखलाया ड्रैगन

राज्यपाल ने गुजरात के 100 प्रतिशत प्राकृतिक खेती वाले डांग ज़िले का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां हर किसान ने गाय पालना शुरू कर दिया है और जो गाय पहले 2000 रु. की भी नहीं बिकती थी अब उनकी क़ीमत 20000 रु. से भी अधिक है। किसान जब अपनी गायों का ध्यान रखेंगे और उन्हें उचित आहार देंगे तो गाय भी उन्हें दुगुना लाभ देगी। प्राकृतिक खेती से ना खरपतवार की समस्या होगी और भूजल भी संरक्षित होगा। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित किसानों एवं कृषि के जानकारों को प्राकृतिक खेती एवं पशुधन के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का आग्रह करते हुए नारा दिया, “फैमिली डॉक्टर नहीं, फैमिली फार्मर ढूंढिए”, क्योंकि जब किसान और पशु स्वस्थ होंगे तभी स्वस्थ आहार होगा।

प्रमुख खबरें

Florida Private Jet Crash | फ्लोरिडा में Donald Trump के आवास Mar-a-Lago के पास दर्दनाक विमान हादसा, बिजनेस जेट क्रैश होने से सवार सभी 9 लोगों की मौत, मची अफरा-तफरी

BJP अध्यक्ष नितिन नवीन Bihar और Bengal में निकालेंगे पदयात्रा, INDIA गठबंधन के आरोपों पर पलटवार

Georgia के Forsyth County में Shuchita Patel लड़ रहीं चुनाव, 16 साल से काबिज प्रतिद्वंद्वी को चुनौती

Delhi Pollution Update | दीवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई बहुत खराब, कई इलाकों में AQI 300 के पार... GRAP-1 की पाबंदियां लागू