'कांटे' और 'शूटआउट एट लोखंडवाला' फेम निर्देशक Sanjay Gupta का 57 वर्ष की उम्र में निधन, सिर में चोट लगने से हुआ हादसा

Sanjay Gupta
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रेनू तिवारी । Oct 31 2026 12:41PM

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा 30 अक्टूबर की दोपहर लगभग 2:30 बजे घटा। संजय गुप्ता अपने घर के किचन में अचानक गिर पड़े, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आ गई। हादसे के समय उनकी पत्नी और दोनों बेटे घर पर ही मौजूद थे, लेकिन शुरुआत में किसी को भी स्थिति की गंभीरता या अचानक हुए हादसे का अंदाज़ा नहीं हो पाया।

हिंदी सिनेमा जगत के मशहूर निर्देशक और निर्माता संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर 2026 को 57 वर्ष की आयु में अचानक निधन हो गया। अपनी अनूठी शैली, स्टाइलिश एक्शन दृश्यों और सस्पेंस से भरपूर क्राइम ड्रामा फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले संजय गुप्ता के आकस्मिक निधन से पूरा बॉलीवुड स्तब्ध और शोक में है। 'फिल्म इंफॉर्मेशन' और उनके करीबी मित्र व फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है।

घर के किचन में गिरने से लगी सिर पर गंभीर चोट

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा 30 अक्टूबर की दोपहर लगभग 2:30 बजे घटा। संजय गुप्ता अपने घर के किचन में अचानक गिर पड़े, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आ गई। हादसे के समय उनकी पत्नी और दोनों बेटे घर पर ही मौजूद थे, लेकिन शुरुआत में किसी को भी स्थिति की गंभीरता या अचानक हुए हादसे का अंदाज़ा नहीं हो पाया। घटना के विस्तृत कारणों और परिस्थितियों की अभी जांच की जा रही है, परंतु सिर में आई इसी चोट के कारण उन्होंने अंतिम सांस ली।

तीन दशकों का शानदार फिल्मी सफर और संजय दत्त संग हिट जोड़ी

संजय गुप्ता का निधन बॉलीवुड के एक बेहद अनूठे और प्रयोगधर्मी फिल्म निर्माण दौर का अंत है। उन्होंने अपने करियर में अक्सर शहरी अपराध, अंडरवर्ल्ड और क्राइम थ्रिलर विषयों पर फिल्में बनाईं।

वे खासतौर पर बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के साथ अपनी बेहतरीन ऑन-स्क्रीन ट्यूनिंग के लिए जाने जाते थे। दोनों की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस पर कई यादगार फिल्में दीं:

'कांटे' (2002): मल्टी-स्टारर यह फिल्म अपने बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी और एक्शन के लिए आज भी कल्ट मानी जाती है।

'मुसाफिर' (2004) व 'जिंदा' (2006): इन फिल्मों में गुप्ता की अनूठी और डार्क प्रेजेंटेशन शैली देखने को मिली।

'शूटआउट एट लोखंडवाला' (2007): मुंबई के 1991 लोखंडवाला एनकाउंटर पर आधारित इस सुपरहिट फिल्म के वे निर्देशक, निर्माता और सह-लेखक थे।

इसके बाद उन्होंने साल 2013 में वास्तविक घटनाओं से प्रेरित 'शूटआउट एट वडाला' का निर्देशन कर क्राइम जॉनर में एक बार फिर अपनी धाक जमाई थी।

निर्माता के रूप में संजय गुप्ता का काम और शुरुआती करियर

संजय गुप्ता ने अपने बैनर 'व्हाइट फेदर फिल्म्स' के जरिए एक निर्माता के तौर पर भी अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 2001 में इस बैनर की शुरुआत की थी। इस प्रोडक्शन हाउस ने कई सालों तक कई फिल्मों को प्रोड्यूस किया। उनकी हालिया फिल्मों में 'द मिरांडा ब्रदर्स' (2024) शामिल है, जिसमें मीज़ान जाफ़री और हर्षवर्धन राणे हैं, और 'विस्फोट' (2024) है, जिसमें रितेश देशमुख और फरदीन खान ने काम किया है। फिल्म निर्माता के रूप में अपनी पहचान बनाने से पहले, गुप्ता ने पोस्ट-प्रोडक्शन और साउंड डिज़ाइन के क्षेत्र में काम किया। उन्होंने टीवी सीरीज़ 'करमचंद' और फिल्म 'जलवा' जैसे प्रोजेक्ट्स में निर्देशक पंकज पाराशर को असिस्ट भी किया था।

फिल्म जगत की कई हस्तियों ने सोशल मीडिया पर संजय गुप्ता के निधन पर शोक व्यक्त किया। तुषार कपूर और कमाल आर. खान जैसी मशहूर हस्तियों ने उन्हें याद किया और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अभिनेता तुषार कपूर ने अपने X (ट्विटर) हैंडल पर लिखा, "सुबह उठते ही मेरे प्रिय निर्देशक @_SanjayGupta के अचानक और दुखद निधन की खबर मिली... जिंदगी कितनी अनिश्चित है, हालांकि वे खुद पूरी तरह से जिंदगी जीने की एक मिसाल थे! उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, RIP सर!"

कमाल आर. खान ने अपने X पोस्ट में लिखा, "RIP संजय भाई। मुझे यकीन ही नहीं हो रहा कि आप हमें छोड़कर चले गए। हम लगभग हर दूसरे दिन फिल्मों और बॉलीवुड के बारे में बात करते थे। आपको हर चीज़ की इतनी गहरी जानकारी थी। मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ संजय, और भाई, मुझे आपकी हर दिन याद आएगी।"

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