Air India के नए CEO ने खर्च घटाने के लिए बनाई टीम, सुझाव देने वाले कर्मियों को मिलेगा इनाम

घाटे से जूझ रही विमानन कंपनी एयर इंडिया ने वित्तीय अनुशासन लाने के लिए विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों वाली एक विशेष लागत बचत टीम गठित की है। नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने कर्मियों से खर्च में मितव्ययिता अपनाने की अपील की है। कंपनी बेहतर उपाय सुझाने वाले कर्मचारियों को प्रभाव पुरस्कार से सम्मानित भी करेगी।
घाटे में चल रही एयर इंडिया ने लागत घटाने के अवसरों की पहचान करने के लिए एक बहु-विषयक दल गठित किया है। कंपनी के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने कर्मचारियों से अपने सभी कामकाज में लागत नियंत्रण और जवाबदेही वाली सोच अपनाने का आग्रह किया है। गेब्रेमरियम ने एक अक्टूबर को सीईओ एवं प्रबंध निदेशक (एमडी) का पदभार आधिकारिक रूप से संभाला था।
उन्होंने इस सप्ताह कर्मचारियों से कहा कि बचाया गया हर रुपया उन क्षेत्रों में दोबारा निवेश करने का अवसर पैदा करता है, जो सबसे अधिक मायने रखते हैं। इनमें परिचालन और ग्राहक अनुभव शामिल हैं। विमानन कंपनी ‘प्रभाव-मूल्य सृजन पुरस्कार’ भी शुरू करेगी।
इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों से लागत घटाने के सुझाव जुटाना है। इसमें जिन कर्मचारियों के सुझावों को लागू किया जा सकेगा, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। गेब्रेमरियम ने 12 अक्टूबर को कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा, ‘‘संगठन में लागत घटाने के अवसरों की पहचान के लिए पूर्णकालिक आधार पर एक बहु-विषयक और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों वाला लागत बचत दल गठित किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि यह दल सभी खर्चों की व्यवस्थित समीक्षा करेगा और विभिन्न विभागों में लागत बचाने के अवसरों की पहचान करेगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी परिचालन के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माहौल से गुजर रही है। गेब्रेमरियम ने कहा, ‘‘हवाई क्षेत्र पर लगातार लगी पाबंदियों, पश्चिम एशिया में संघर्ष और उससे पैदा हुई परिचालन संबंधी बाधाओं तथा विमान ईंधन की लगातार ऊंची कीमतों के कारण पूरे विमानन उद्योग की कंपनियों पर काफी दबाव बना हुआ है।’’ टाटा समूह और सिंगापुर एयरलाइंस के संयुक्त स्वामित्व वाली एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में 22,238.23 करोड़ रुपये का एकीकृत घाटा हुआ था। गेब्रेमरियम के अनुसार, ‘प्रभाव’ पहल के तहत कर्मचारियों से ऐसे सुझाव मांगे जाएंगे जिनसे काम करने के बेहतर तरीकों, संसाधनों के बेहतर उपयोग, प्रक्रियाओं में सुधार, अनुबंधों को बेहतर बनाने या उन पर फिर से बातचीत करने, ‘आउटसोर्स’ किए गए काम को कंपनी के भीतर करने और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के जरिये लागत घटाई जा सके।
एयर इंडिया ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों (एसओडी) के लिए मंजूरी की व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं। गेब्रेमरियम ने संदेश में कहा कि एक अक्टूबर से सभी मंजूरियां विभागाध्यक्ष (एचओडी), मुख्य कार्यपालक अधिकारी स्तर (सीएक्सओ) और सीईओ के माध्यम से दी जाएंगी। इससे संगठन में निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक सख्त, पारदर्शी और एकरूप होगी।
लागत नियंत्रण के महत्व पर जोर देते हुए सीईओ ने कहा कि परिचालन में उत्कृष्टता के साथ-साथ ‘‘हमें अपने हर काम में खर्च में मितव्ययिता, जवाबदेही और सोच-समझकर निर्णय लेने की आदत विकसित करनी होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जवाबदेही, सोच-समझकर खर्च करने और परिचालन में उत्कृष्टता की संस्कृति अपनाकर हममें से हर कोई एयर इंडिया की दीर्घकालिक सफलता में सार्थक योगदान दे सकता है।’’ इथियोपियन एयरलाइंस में लंबे समय तक काम कर चुके गेब्रेमरियम एयर इंडिया का नेतृत्व करने वाले दूसरे विदेशी हैं। टाटा समूह ने जनवरी 2022 में एयर इंडिया को सरकार से अधिग्रहित किया था।
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