Ather Energy को दूसरी तिमाही में पहली बार 1.5 करोड़ का Net Profit, Revenue 62.9 फीसदी बढ़ा

Ather Energy
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Ankit Jaiswal । Oct 26 2026 7:13PM

एथर एनर्जी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1.5 करोड़ रुपये का पहला शुद्ध मुनाफा हासिल किया है, जबकि पिछले साल कंपनी को 154 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस दौरान राजस्व 62.9 प्रतिशत बढ़कर 1,464 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी अब होसुर और छत्रपति संभाजीनगर में क्षमता विस्तार के साथ नई बैटरी लाइन पर निवेश करेगी।

इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग बढ़ने के बीच वाहन बनाने वाली कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। इसी बीच एथर एनर्जी के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पहली बार मुनाफा दर्ज किया है। इस खबर के बाद सोमवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में 10% तक की तेजी देखने को मिली। इससे कंपनी के कारोबार को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ने के संकेत मिले हैं।

एथर एनर्जी ने सितंबर में समाप्त हुई दूसरी तिमाही में 1.5 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 154 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी के लिए यह बदलाव इसलिए अहम है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी जगह मजबूत करने के लिए कंपनियों को बिक्री बढ़ाने के साथ लागत पर भी नियंत्रण रखना पड़ रहा है।

मौजूद जानकारी के अनुसार, दूसरी तिमाही में एथर एनर्जी का राजस्व सालाना आधार पर 62.9% बढ़कर 1,464 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बताया कि कच्चे माल की ऊंची कीमतों के बावजूद उसकी कमाई में सुधार हुआ है। इसके पीछे स्कूटरों की बिक्री में उत्पादों की हिस्सेदारी और कीमत तय करने से जुड़े फैसलों की अहम भूमिका रही। यानी कंपनी ने ऐसे उत्पादों और कीमतों पर ध्यान दिया, जिनसे लागत के दबाव के बीच भी मुनाफे को बेहतर बनाने में मदद मिली।

कंपनी अब अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। तमिलनाडु के होसुर स्थित संयंत्र में दिसंबर में सालाना 75,000 अतिरिक्त वाहन बनाने की क्षमता जोड़ी जाएगी। वहीं, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित प्लांट में वित्त वर्ष 2028 की दूसरी तिमाही में सालाना 1,50,000 वाहनों की अतिरिक्त क्षमता विकसित करने की योजना है। कंपनी के मुताबिक, उसके स्कूटरों की मांग उपलब्ध उत्पादन क्षमता से ज्यादा रही है। होसुर प्लांट का इस्तेमाल 98% क्षमता के साथ हो रहा है, जिससे उत्पादन बढ़ाने की जरूरत साफ दिखाई देती है।

होसुर प्लांट के विस्तार में कंपनी नई बैटरी उत्पादन लाइन पर 53 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका मकसद बैटरी की आपूर्ति के लिए अलग-अलग स्रोत तैयार करना और किसी एक आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता कम करना है। गौरतलब है कि मध्य पूर्व में युद्ध के कारण आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से एथर समेत कई वाहन कंपनियों को कच्चे माल की ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ रहा है।

दूसरी ओर, पेट्रोल की ऊंची कीमतें भी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर लोगों का ध्यान खींच रही हैं। भारत में 20% इथेनॉल मिले ई20 पेट्रोल को देशभर में लागू करने को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच भी कुछ ग्राहक इलेक्ट्रिक स्कूटरों को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के साथ कंपनियों के सामने बैटरी, कच्चे माल और उत्पादन क्षमता से जुड़ी चुनौतियां भी बनी हुई हैं।

एथर एनर्जी ने इस तिमाही में कोनार्क नाम का नया स्कूटर भी पेश किया है। कंपनी के अनुसार, इसका ढांचा बड़े स्तर पर उत्पादन करना आसान बनाता है और इसे बनाने में भी कम जटिलता रहती है। ऐसे में कंपनी को उम्मीद है कि बढ़ती मांग के साथ उत्पादन बढ़ाने और लागत संभालने में मदद मिलेगी।

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