BPCL का दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ 22.5 प्रतिशत गिरकर 4993 करोड़ रुपये रहा

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। ईंधन की खुदरा कीमतों में बदलाव न होने और अन्य नुकसानों के चलते कंपनी का एकल शुद्ध लाभ घटकर 4,993 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की परिचालन आय में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) का एकल आधार पर शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में 22.5 प्रतिशत घटकर 4,993 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में एकल आधर पर उसका शुद्ध लाभ 6,443 करोड़ रुपये था। कंपनी ने बयान में कहा कि इस दौरान उसकी परिचालन आय बढ़कर 1.58 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1.22 लाख करोड़ रुपये थी।
वहीं, कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) करीब 14 प्रतिशत घटकर 9,437 करोड़ रुपये रह गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 10,968 करोड़ रुपये थी। देश की दूसरी सबसे बड़ी ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में कच्चे तेल के प्रत्येक बैरल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में बदलने से 32.53 डॉलर का सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) अर्जित किया।
पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 10.78 डॉलर प्रति बैरल था। हालांकि, लागत बढ़ने के बावजूद पिछले पांच महीने से खुदरा ईंधन कीमतों में बदलाव नहीं होने के कारण हुए नुकसान ने इस लाभ को काफी हद तक बेअसर कर दिया। कंपनी ने विपणन एवं भंडार से जुड़े नुकसान के रूप में 330 करोड़ रुपये और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के कारण 397 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया।
बीपीसीएल का एकीकृत आधार पर भी शुद्ध लाभ 21.5 प्रतिशत घटकर 4,863 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 6,191 करोड़ रुपये था। इस दौरान एकीकृत राजस्व 29.8 प्रतिशत बढ़कर 1.58 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि ईबीआईटीडीए 13.4 प्रतिशत घटकर 9,647 करोड़ रुपये रहा। बीपीसीएल ने बताया कि जुलाई-सितंबर तिमाही में उसकी रिफाइनरियों का कुल प्रसंस्करण 1.04 करोड़ टन रहा, जो उनकी स्थापित क्षमता का 118 प्रतिशत है।
इस दौरान घरेलू बाजार में 1.34 करोड़ टन ईंधन की बिक्री हुई। बीपीसीएल ने आंध्र प्रदेश के रामायपत्तनम में एक करोड़ टन सालाना क्षमता वाली नयी रिफाइनरी एवं पेट्रोरसायन परिसर परियोजना की योजनाओं को भी आगे बढ़ाया है।
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