Budget 2026: चीन की दादागिरी पर लगेगी लगाम, रेयर अर्थ मिनरल के लिए बनेगा कॉरिडोर

वित्त मंत्री ने कहा कि इन कॉरिडोरों से खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी और अब सरकार इन राज्यों को सहयोग देकर पूरे वैल्यू-चेन को मजबूत करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल नवंबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹7,280 करोड़ के परिव्यय वाली सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट निर्माण योजना को मंजूरी दी थी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 पेश करते हुए बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों में ‘रेयर अर्थ कॉरिडोर’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री ने कहा कि इन कॉरिडोरों से खनन, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना शुरू की गई थी और अब सरकार इन राज्यों को सहयोग देकर पूरे वैल्यू-चेन को मजबूत करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल नवंबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹7,280 करोड़ के परिव्यय वाली सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट निर्माण योजना को मंजूरी दी थी।
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इस पहल के तहत देश में 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता की इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग स्थापित की जाएगी, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और भारत वैश्विक बाजार में मजबूत खिलाड़ी बनेगा। पिछले साल नवंबर में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7,280 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ 'सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना' को मंजूरी दी।
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यह भारत में प्रति वर्ष 6,000 मीट्रिक टन (एमटीपीए) एकीकृत रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (आरईपीएम) उत्पादन स्थापित करने की अपनी तरह की पहली पहल थी, जिससे आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और भारत वैश्विक आरईपीएम बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम के माध्यम से भारत के बायोफार्मा क्षेत्र को बढ़ावा देने का प्रस्ताव रखा है।
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