अब गाड़ियों में लगाए जाएंगे सेंसर, ड्राइवर को नींद आई तो बजेगा अलार्म

अब गाड़ियों में लगाए जाएंगे सेंसर, ड्राइवर को नींद आई तो बजेगा अलार्म
प्रतिरूप फोटो

अब कमर्शल वाहनों में ऑन बॉर्ड स्लीप डिटेक्शन सेंसर लगाए जाएंगे जिसके तहत जैसे ही ड्राइवरों को नींद के झटके आएंगे वैसे ही सेंसर के जरिए अलार्म बच जाएगा। अलार्म के बजते ही ड्राइवरों की नींद खुल जाएगी और वह किसी हादसे से बच सकेंगे।

सड़क हादसों को कम करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्रकों के लिए ड्राइविंग घंटे निर्धारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। हाल ही में हुई राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद (NRSC) की बैठक में सड़क हादसों में कमी लाने के लिए अब कमर्शल वाहनों में ऑन बॉर्ड स्लीप डिटेक्शन सेंसर लगाए जाएंगे जिसके तहत जैसे ही ड्राइवरों को नींद के झटके आएंगे वैसे ही सेंसर के जरिए अलार्म बज जाएगा। अलार्म के बजते ही ड्राइवरों की नींद खुल जाएगी और वह किसी हादसे से बच सकेंगे।बता दें कि सरकार ने यूरोपीय मानकों के अनुरूप वाणिज्यिक वाहनों में ऑन-बोर्ड स्लीप डिटेक्शन सेंसर शामिल करने की नीति पर काम करने का निर्देश दिया है।

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इस निति को शुरू करने के पीछे का कारण  सड़क पर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना है। बता दें कि,  परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों को एनआरएससी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने और उनके सुझावों को प्राथमिकता से लागू करने का भी निर्देश दिया। एक खबर के मुताबिक, हर साल सड़क हादसों में करीब डेढ़ लाख लोगों की जान चली जाती है। नितिन गडकरी द्वारा की गई इस मिटिंग में यह भी निर्देश दिए गए है कि, ड्राइवरों के वाहन चलाने के घंटे भी तय किए जाना चाहिए। इस समय ट्रक ड्राइवर एक दिन में औसतन 15 घंटे तक ड्राइविंग करते है। ज्यादा देर तक ड्राइविंग करने से निंद और शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता है जिसके कारण वाहन हादसे ज्यादा होते है।