भारत-UK Financial Markets Dialogue में व्यापार और निवेश बढ़ाने पर सहमति

लंदन में आयोजित चौथी वित्तीय बाजार वार्ता में भारत और ब्रिटेन ने द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया। बैठक के दौरान विजन 2035 और व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने वित्तीय सेवा संपर्कों को आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक समाधानों की पहचान की।
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर भारत और ब्रिटेन ने टिकाऊ आर्थिक वृद्धि, व्यापार तथा निवेश संबंधों और सुदृढ़ वित्तीय बाजारों के लिए वित्तीय बाजार वार्ता (एफएमडी) की महत्वपूर्ण भूमिका को दोहराया है। एक संयुक्त बयान के अनुसार दोनों पक्षों ने एफएमडी के तहत रचनात्मक चर्चा का स्वागत किया और वित्तीय सेवा संपर्कों को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक समाधानों तथा संभावित क्षेत्रों की पहचान करने में भारत-ब्रिटेन वित्तीय साझेदारी (आईयूकेएफपी) के योगदान को स्वीकार किया। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चौथी ब्रिटेन-भारत वित्तीय बाजार वार्ता (एफएमडी) 29 सितंबर को लंदन में आयोजित की गई।
प्रतिभागियों ने विशेष रूप से विजन 2035 की शुरुआत के संदर्भ में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया। इस दौरान उन्होंने व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) को लागू करने के महत्व पर बल दिया, जो 15 जुलाई, 2026 को प्रभावी हुआ था। दोनों पक्ष विभिन्न कार्यक्षेत्रों में प्रगति को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए, जिसकी समीक्षा संबंधित द्विपक्षीय तंत्रों के माध्यम से और अगली ब्रिटेन-भारत आर्थिक एवं वित्तीय वार्ता में की जाएगी।
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