फिच रेटिंग्स का अनुमान, वित्तवर्ष 2021-22 में 11 फीसदी वृद्धि दर्ज करेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 14, 2021   11:06
  • Like
फिच रेटिंग्स का अनुमान, वित्तवर्ष 2021-22 में 11 फीसदी वृद्धि दर्ज करेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

फिच रेटिंग्स ने कहा भारत की वृद्धि दर शुरुआती पुनरोद्धार के बाद मध्यम अवधि में सुस्त पड़कर 6.5 प्रतिशत रहेगी।फिच ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से भारत में मंदी की स्थिति दुनिया में सबसे गंभीर है।

नयी दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था को कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव लंबे समय तक झेलना होगा। फिच रेटिंग्स ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगले वित्त वर्ष (2021-22) में भारतीय अर्थव्यवस्था 11 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्ज करेगी। लेकिन उसके बाद 2022-23 से 2025-26 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सुस्त पड़कर 6.5 प्रतिशत के आसपास रहेगी। भारतीय अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी में फिच रेटिंग्स ने कहा, ‘‘आपूर्ति पक्ष के साथ मांग पक्ष की अड़चनों...मसलन वित्तीय क्षेत्र की कमजोर स्थिति की वजह से भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर महामारी के पूर्व के स्तर से नीचे रहेगी।’’ फिच ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से भारत में मंदी की स्थिति दुनिया में सबसे गंभीर है।

इसे भी पढ़ें: Paytm Money जल्द पेश करेगी Futures and Options ट्रेडिंग, जानिए इसके बारे में

सख्त लॉकडाउन और सीमित वित्तीय समर्थन की वजह से ऐसी स्थिति बनी है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति अब सुधर रही है। अगले कुछ माह के दौरान वैक्सीन आने कीवजह से इसे और समर्थन मिलेगा। ‘‘हमारा अनुमान है कि 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करेगी। चालू वित्त वर्ष 2020-21 में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 9.4 प्रतिशत की गिरावट आएगी।’’ फिच रेटिंग्स ने कहा कि कोविड-19 संकट शुरू होने से पहले ही भारतीय अर्थव्यवस्थानीचे आ रही थी।

इसे भी पढ़ें: बर्ड फ्लू का कहर: सोया खली की घरेलू खपत में आ सकती है एक लाख टन की गिरावट

2019-20 में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 4.2 प्रतिशत पर आ गई थी। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 6.1 प्रतिशत रही थी। इस महामारी की वजह से देश में 1.5 लाख लोगों की जान गई है। हालांकि, यूरोप और अमेरिका की तुलना में भारत में महामारी की वजह से मृत्यु दर कम है, लेकिन आर्थिक प्रभाव कहीं अधिक गंभीर है। चालू वित्त वर्ष की पहली अप्रैल-जून की तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी। वहीं जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.5 प्रतिशत नीचे आई थी। इससे एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था मंदी की गिरफ्त में आ गई थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




सेंसेक्स ने लगाई एतिहासिक उछाल, पहली बार पार किया 50,000 का स्तर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   11:32
  • Like
सेंसेक्स ने लगाई एतिहासिक उछाल, पहली बार पार किया 50,000 का स्तर

सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 300 अंक की बढ़त के सथ पहली बार 50,000 अंक के पार हुआ है।सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर सबसे अधिक करीब चार प्रतिशत चढ़ गया। बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर भी लाभ में थे।

मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में तेजी से बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 300 अंक की बढ़त के साथ पहली बार 50,000 अंक के पार निकल गया। सकारात्मक वैश्विक रुख से भी बाजार धारणा मजबूत हुई। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 50,126.73 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचा। बाद में यह 300.09 अंक या 0.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,092.21 अंक पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 85.40 अंक या 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 14,730.10 अंक पर पहुंच गया।

इसे भी पढ़ें: HDFC ने गुड होस्ट से किया करार, 232.81 करोड़ में बेचेगी अपनी हिस्सेदारी

इससे पहले निफ्टी भी 14,738.30 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर तक गया। सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फिनसर्व का शेयर सबसे अधिक करीब चार प्रतिशत चढ़ गया। बजाज फाइनेंस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडसइंड बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर भी लाभ में थे। वहीं दूसरी ओर टीसीएस, एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी के शेयर नुकसान में कारोबार कर रहे थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




HDFC ने गुड होस्ट से किया करार, 232.81 करोड़ में बेचेगी अपनी हिस्सेदारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 21, 2021   11:27
  • Like
HDFC ने गुड होस्ट से किया करार, 232.81 करोड़ में बेचेगी अपनी हिस्सेदारी

आवास ऋण कंपनी एचडीएफसी ने गुड होस्ट में 24.48 प्रतिशत हिस्सेदारी 232.81 करोड़ रुपये में बेचने का करार किया है।यह गुड होस्ट की जारी और चुकता शेयर पूंजी का 24.48 प्रतिशत है। एचडीएफसी ने कहा कि उसकी कुल शेयर बिक्री 232.81 करोड़ रुपये रहेगी।

नयी दिल्ली।आवास ऋण कंपनी एचडीएफसी लि. ने गुड होस्ट में अपनी 24.48 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए करार किया है। गुड होस्ट छात्र-छात्राओं के लिए आवास सुविधाओं का प्रबंधन करती है। इस हिस्सेदारी बिक्री से एचडीएफसी को 232.81 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। एचडीएफसी लि. ने बुधवार को शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा कि उसने एक रुपये के 47,75,241 शेयरों की बिक्री का करार किया है।

इसे भी पढ़ें: ई-वाणिज्य क्षेत्र में एफडीआई नियमों में बदलाव करेगी सरकार

यह गुड होस्ट की जारी और चुकता शेयर पूंजी का 24.48 प्रतिशत है। एचडीएफसी ने कहा कि उसकी कुल शेयर बिक्री 232.81 करोड़ रुपये रहेगी। गुड होस्ट होस्टल सेवाएं, गेस्ट हाउस सेवाएं, सर्विस अपार्टमेंट और होस्टल सेवाओं के लिए पट्टे पर संपत्ति उपलब्ध कराती है। वित्त वर्ष 2019-20 में गुड होस्ट का कारोबार 112.60 करोड़ रुपये रहा था।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।




कृपया ध्यान दीजिए ! ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर बढ़ सकता है इंश्योरेंस प्रीमियम

  •  अनुराग गुप्ता
  •  जनवरी 20, 2021   16:03
  • Like
कृपया ध्यान दीजिए ! ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर बढ़ सकता है इंश्योरेंस प्रीमियम

कमेटी ने सुझाया है कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में पांचवी धारा को भी जोड़ा जाए। जिसमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। आपको जानकारी दे दें कि नया वाहन खरीदने पर ट्रैफिक नियमों के उल्लघंन वाला प्रीमियम नहीं भरना पड़ेगा।

नयी दिल्ली। वाहन चालको को अब सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने उन्हें भारी पड़ सकता है। क्योंकि इंश्योरेंस रेगुलेटर बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने कुछ सुझाव दिए हैं। ऐसे में ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों को ज्यादा मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम भरना पड़ सकता है। दरअसल, इरडा की एक वर्किंग कमेटी ने ज्यादा प्रीमियम वसूलने की सिफारिश की है।  

इसे भी पढ़ें: हेलमेट कंट्रोल करेगा आपकी मोटरसाइकिल, बाइक राइडिंग हुई सेफ 

कमेटी ने सुझाया है कि मोटर इंश्योरेंस प्रीमियम में पांचवी धारा को भी जोड़ा जाए। जिसमें ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है। आपको जानकारी दे दें कि नया वाहन खरीदने पर ट्रैफिक नियमों के उल्लघंन वाला प्रीमियम नहीं भरना पड़ेगा। दरअसल, शराब पीकर गाड़ी चलाने, गलत जगह पर पार्किंग करने इत्यादि जैसे उल्लंघनों के आधार पर प्रीमियम तय होगा। अभी सिर्फ इसकी सिफारिश की गई है। हालांकि, अंतिम निर्णय इरडा को ही लेना है।

बीमा कंपनियों को कैसे मिलेगी जानकारी ?

अब आप लोग सोच रहे होंगे कि किस वाहन ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया और किसने नहीं। इसके बारे में बीमा कंपनियों को कैसे पता चलेगा। ज्यादा मत सोचिए, इसकी भी पूरी व्यवस्था है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीमा कंपनियों को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े चालान के बारे में नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) से जानकारी मिल सकेगी। 

इसे भी पढ़ें: कृपया ध्यान दीजिए ! दोपहिया वाहन में रियर व्यू मिरर लगवा लीजिए नहीं तो कटेगा चलान 

ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को नंबर दिए जाएंगे। जैसे शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों को 100 प्वाइंट तो गलत जगह पर गाड़ी को पार्क करने पर 10 प्वाइंट दिए जाएंगे। इन्हीं नंबरों के आधार पर आप पर पेनाल्टी लगेगी और प्रीमियम की राशि तय की जाएगी। जिसका मतलब साफ है कि ज्यादा पेनाल्टी नंबर होने पर ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है।







This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept