नए वित्त वर्ष से ढांचागत परियोजनाएं पीएम गतिशक्ति एनपीजी के जरिये आगे बढ़ेंगी

नए वित्त वर्ष (2022-23) से प्रत्येक बुनियादी ढांचा परियोजना को पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत गठित नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा।
नयी दिल्ली। नए वित्त वर्ष (2022-23) से प्रत्येक बुनियादी ढांचा परियोजना को पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत गठित नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अनुराग जैन ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान काफी तेजी से अंतिम आकार ले रहा है और इसके क्रियान्वयन के बाद लॉजिस्टिक्स की लागत को कम करने में मदद मिलेगी। जैन ने पीटीआई-से कहा, ‘‘चीजें तैयार हैं।
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सचिवों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस) और एनपीजी का गठन किया गया है और तकनीकी समर्थन इकाई (टीएसयू) भी काफी हद तक तैयार है। ऐसे में इसके लिए ढांचा बन चुका है।’’ सचिव ने कहा कि डीपीआईआईटी केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के साथ एक दौर का प्रशिक्षण आयोजित कर चुका है। पूर्वोत्तर को छोड़कर विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। पूर्वोत्तर में भी जल्द इसका आयोजन होगा।
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उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में हम ‘पटरी’ पर हैं। हमने राज्यों को अपनी ओर से जरूरी चीजों या रिकॉर्ड को पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान पोर्टल पर डालने के लिए कहा है। हमारा मार्च तक राज्यों की ओर से अन्य जरूरी चीजें मसलन भूमि रिकॉर्ड आदि भी पोर्टल पर लाने का लक्ष्य है।’’ जैन ने कहा, ‘‘हमारा इरादा है कि एक अप्रैल से 500 करोड़ रुपये से अधिक की सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का क्रियान्वयन एनपीजी मार्ग से हो।’’ उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से योजना को अधिक कुशल और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि एनपीजी में संबंधित बुनियादी ढांचा मंत्रालयों के नेटवर्क योजना प्रकोष्ठ के प्रमुख शामिल हैं। यह कैबिनेट सचिव की अगुवाई वाले ईजीओएस की मदद करेगा। ईजीओएस में सदस्य के रूप में 18 मंत्रालयों के सचिव शामिल हैं। सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए एनपीजी के पास आना होगा और यहीं से उन्हें मंजूरी मिलेगी।
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उन्होंने कहा, ‘‘विभाग योजना के स्तर पर खुद सीधे डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) बनाने के बजाय एनपीजी से संपर्क करेंगे। इसकी मंजूरी के बाद परियोजना पर वित्त मंत्रालय की मंजूरी ली जाएगी।’’ उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मान लें कि रेलवे एक निर्दिष्ट मार्ग पर एक परियोजना की योजना बना रहा है, ऐसे में डीपीआर को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित जानकारी को पोर्टल पर डालकर रेलवे यह देख सकता है कि कहीं प्रस्तावित ट्रैक सार्वजनिक भूमि या निजी संपत्ति, वन, नहर या राजमार्ग क्षेत्र से तो नहीं गुजर रहा है।
सचिव ने बताया कि उन्होंने सभी राज्यों को जल्द से जल्द जानकारी पोर्टल पर डालने के लिए कहा है। भूमि का रिकॉर्ड डिजिटल करने से इसमें मदद मिलेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा था कि पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान आर्थिक वृद्धि और सतत विकास के लिए एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण है और यह सात इंजनों .....सड़क, रेलवे, हवाईअड्डा, बंदरगाह, जन परिवहन, जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स ढांचे पर आधारित है।
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