Vedanta में बड़ी Block Deal से हड़कंप, Share Price 8% लुढ़का, निवेशकों में मची खलबली।

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Ankit Jaiswal । Jun 23 2026 10:03PM

शेयर बाजार में वेदांता के शेयर 2,149 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील के बाद लुढ़क गए, जिसके पीछे प्रमोटर की हिस्सेदारी बिक्री को वजह माना जा रहा है। इस गिरावट के बावजूद, विश्लेषक कंपनी के हालिया डीमर्जर के बाद बनी नई सूचीबद्ध इकाइयों के प्रदर्शन और मूल्यांकन पर नजर बनाए हुए हैं।

कुछ ही दिनों पहले अपने बड़े कारोबारी पुनर्गठन को लेकर चर्चा में रही वेदांता लिमिटेड अब शेयर बाजार में आई तेज गिरावट की वजह से सुर्खियों में है। मंगलवार को कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके बाद निवेशकों के बीच हलचल बढ़ गई है।

मौजूद जानकारी के अनुसार वेदांता लिमिटेड का शेयर मंगलवार को 7.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 282.20 रुपये पर बंद हुआ। इससे पहले शेयर 305.85 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। बाजार में आई इस कमजोरी की बड़ी वजह ब्लॉक डील के जरिए कंपनी की करीब 1.8 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री को माना जा रहा है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक लगभग 7.3 करोड़ शेयर 292 रुपये प्रति शेयर के भाव पर कारोबार किए गए। इस सौदे का कुल मूल्य करीब 2,149 करोड़ रुपये आंका गया है। हालांकि सौदे में शामिल खरीदार और विक्रेता की आधिकारिक पहचान तत्काल सामने नहीं आई है, लेकिन बाजार में यह चर्चा रही कि प्रमोटर समूह की इकाई ट्विन स्टार होल्डिंग्स इस बिक्री से जुड़ी हो सकती है।

बता दें कि ट्विन स्टार होल्डिंग्स वेदांता लिमिटेड की सबसे बड़ी शेयरधारक इकाई है। 31 मार्च 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कंपनी में ट्विन स्टार होल्डिंग्स की हिस्सेदारी 40.02 प्रतिशत थी, जबकि पूरे प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी 56.38 प्रतिशत के आसपास थी। इससे पहले भी खबरें आई थीं कि ट्विन स्टार होल्डिंग्स ब्लॉक डील के जरिए लगभग 6.5 करोड़ शेयर बेच सकती है।

गौरतलब है कि इस संभावित बिक्री के लिए 291 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य तय किए जाने की चर्चा थी, जो सोमवार के बंद भाव से लगभग 4.9 प्रतिशत कम था। ऐसे में बाजार खुलते ही शेयर पर दबाव बढ़ गया और निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।

मौजूद जानकारी के अनुसार मंगलवार को वेदांता के शेयरों में सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक कारोबार हुआ। कारोबार की मात्रा पूरे सत्र के औसत स्तर से करीब छह गुना अधिक रही। इसके साथ ही कंपनी से जुड़े विकल्प सौदों में भी गतिविधि बढ़ी, जो निवेशकों की बढ़ती सतर्कता को दर्शाती है।

बता दें कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब वेदांता ने हाल ही में भारत के सबसे बड़े कॉरपोरेट पुनर्गठन में से एक को पूरा किया है। कंपनी ने अपने एल्युमिनियम, तेल एवं गैस, बिजली तथा लोहा एवं इस्पात कारोबार को अलग-अलग सूचीबद्ध इकाइयों के रूप में बाजार में उतारा है। इस डीमर्जर का उद्देश्य विभिन्न कारोबारों की वास्तविक कीमत को सामने लाना और निवेशकों को अधिक स्पष्ट मूल्यांकन उपलब्ध कराना बताया गया था।

हालांकि मंगलवार की गिरावट के बावजूद कंपनी का शेयर अभी भी 30 अप्रैल के डीमर्जर के बाद के बंद भाव 271.55 रुपये से ऊपर बना हुआ है। गौरतलब है कि डीमर्जर से पहले 29 अप्रैल को वेदांता का शेयर 773.60 रुपये पर बंद हुआ था।

विश्लेषकों का मानना है कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक अब नई सूचीबद्ध इकाइयों और मूल कंपनी की अलग-अलग संभावनाओं का आकलन कर रहे हैं। हाल के दिनों में वेदांता और उसकी चार नई सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्य डीमर्जर से पहले के मूल्यांकन से भी अधिक पहुंच चुका है, जिससे संकेत मिलता है कि बाजार इन अलग-अलग कारोबारों को बेहतर मूल्य दे रहा है। फिलहाल निवेशकों की नजर प्रमोटर हिस्सेदारी और कंपनी की आगे की रणनीति पर बनी हुई हैं।

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