Meta Layoffs: छंटनी के लिए AI के इस्तेमाल पर US Court का बड़ा फैसला, फिलहाल कर्मचारियों को नहीं मिली राहत

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Ankit Jaiswal । Jul 19 2026 7:40PM

मेटा की छंटनी प्रक्रिया में एआई आधारित मूल्यांकन के आरोपों के बीच अमेरिकी अदालत का फैसला कॉर्पोरेट कार्यप्रणाली और तकनीकी पारदर्शिता के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर करता है। यह मामला भविष्य में मानव संसाधन प्रबंधन में एल्गोरिथम की भूमिका और कर्मचारियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी नजीर साबित हो सकता है। कीवर्ड्स: मेटा छंटनी, एआई मूल्यांकन विवाद, अमेरिकी कोर्ट फैसला, मेटा लेऑफ्स 2024, टेक न्यूज।

दुनिया की प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल मेटा एक बार फिर चर्चा में है। इस बार मामला एआई के इस्तेमाल और कर्मचारियों की छंटनी से जुड़ा हुआ है। अमेरिका की एक अदालत ने मेटा को अपने 26 कर्मचारियों की प्रस्तावित छंटनी आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी है। हालांकि अदालत ने यह भी कहा है कि यदि भविष्य में नए और ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो इस फैसले पर दोबारा विचार किया जा सकता है।

बता दें कि यह मामला उन 26 कर्मचारियों से जुड़ा है जिन्होंने मेटा के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने छंटनी के लिए कर्मचारियों का चयन करने में एआई आधारित मूल्यांकन प्रणाली का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया में ऐसे कर्मचारियों को नुकसान हुआ जो दिव्यांग थे या मेडिकल अवकाश अथवा परिवार की देखभाल के लिए छुट्टी पर गए थे।

मौजूद जानकारी के अनुसार कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित अमेरिकी जिला न्यायालय के न्यायाधीश विलियम ऑरिक ने कर्मचारियों की उस मांग को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने छंटनी पर तत्काल रोक लगाने की अपील की थी। न्यायाधीश ने अपने आदेश में कहा कि कर्मचारियों की ओर से ऐसा कोई पर्याप्त आधार पेश नहीं किया गया जिससे यह साबित हो सके कि छंटनी से उन्हें ऐसा अपूरणीय नुकसान होगा, जिसके लिए तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप आवश्यक हो।

हालांकि न्यायाधीश ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारियों की ओर से यह साबित करने वाले अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं कि कंपनी ने किस प्रकार और किस स्तर तक एआई का उपयोग किया, तो अदालत अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सकती है।

गौरतलब है कि कर्मचारियों की ओर से पेश वकीलों ने फैसले के बाद कहा कि अदालत ने स्वयं माना है कि यदि एआई के इस्तेमाल से जुड़े नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले की फिर से समीक्षा संभव है। दूसरी ओर मेटा ने इस फैसले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। कंपनी पहले ही किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर चुकी है और उसका कहना है कि छंटनी से जुड़े अंतिम फैसले किसी एआई ने नहीं बल्कि इंसानों ने लिए थे।

कर्मचारियों की शिकायत में दावा किया गया है कि मेटा ने उत्पादकता, एआई के उपयोग और नई तकनीकों को अपनाने जैसे कई मानकों का आकलन करने के लिए एआई आधारित प्रणालियों का सहारा लिया। आरोप है कि कंपनी ने मेटामेट नामक भाषा मॉडल सहायक, कर्मचारियों के संचार और दस्तावेजों का विश्लेषण करने वाली आंतरिक प्रणाली तथा कीबोर्ड उपयोग, स्क्रीन गतिविधि, ईमेल और ब्राउज़र इतिहास के आधार पर उत्पादकता का मूल्यांकन करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया।

कर्मचारियों का कहना है कि जब वे कानूनी रूप से स्वीकृत मेडिकल अवकाश या पारिवारिक अवकाश पर थे, तब भी इन प्रणालियों ने उनके प्रदर्शन से जुड़ा आंकड़ा इकठ्ठा किया। इससे उनके एआई उपयोग से जुड़े अंक कम हो गए और बाद में इन्हीं अंकों के आधार पर उन्हें छंटनी की सूची में शामिल कर लिया गया।

मौजूद जानकारी के अनुसार ये सभी कर्मचारी अभी भी मेटा के वेतन रिकॉर्ड में शामिल हैं, लेकिन मई महीने से उनका कंपनी की आंतरिक प्रणालियों तक पहुंच समाप्त कर दी गई है और तब से वे कोई काम नहीं कर रहे हैं। अधिकांश कर्मचारियों की छंटनी 22 जुलाई को पूरी होने की संभावना है, जबकि कुछ अन्य कर्मचारियों की छटनी जुलाई के अंत या अगस्त में हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी बड़ी अमेरिकी कंपनी के खिलाफ यह पहला प्रमुख मुकदमा माना जा रहा है, जिसमें कर्मचारियों के चयन और छंटनी की प्रक्रिया में एआई आधारित प्रणालियों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आने वाले समय में इस मामले का फैसला दुनिया भर की प्रौद्योगिकी कंपनियों की मानव संसाधन नीतियों और एआई के उपयोग पर व्यापक असर डाल सकता है।

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