Microtek का बड़ा कदम, Jaipur में Solar Panel फैक्ट्री और Battery सिस्टम पर निवेश

माइक्रोटेक सौर ऊर्जा कारोबार के विस्तार के लिए 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है। इसके तहत जयपुर में नई सौर पैनल फैक्ट्री स्थापित की जाएगी, जिसके नवंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना है। साथ ही कंपनी नई बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली पेश कर वित्त वर्ष 2026-27 में 5,000 करोड़ रुपये राजस्व का लक्ष्य बना रही है।
देश में सौर ऊर्जा और बिजली को जमा करके रखने वाली तकनीक की मांग बढ़ने के बीच माइक्रोटेक ने अपने कारोबार के विस्तार की तैयारी तेज कर दी है। कंपनी सौर ऊर्जा क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है। इसके तहत जयपुर में सौर पैनल बनाने की नई फैक्ट्री लगाई जा रही है, जिसके नवंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य घरों और कारोबारों तक भरोसेमंद बिजली समाधान पहुंचाना है।
माइक्रोटेक ने शनिवार को समाप्त हुए नवीकरणीय ऊर्जा एक्सपो 2026 में अपने विस्तार की योजनाओं और नए उत्पादों की जानकारी दी। कंपनी के मुताबिक, वह अपनी ‘हर घर बिजली घर’ सोच के तहत बिजली बनाने, उसे बांटने, वोल्टेज को स्थिर रखने और जरूरत के समय इस्तेमाल के लिए जमा करने से जुड़े उत्पादों पर ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में कंपनी अपनी नई बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी पेश करेगी, जिसे बीईएसएस के नाम से जाना जाता है।
इस तकनीक की मदद से बिजली को बैटरियों में जमा करके रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे घरों और कारोबारों को बिजली की आपूर्ति में रुकावट के दौरान मदद मिल सकती है। सौर पैनलों से दिन में बनने वाली बिजली को जमा करके बाद में इस्तेमाल करना भी इसका एक अहम उपयोग है। हालांकि, ऐसी व्यवस्था का फायदा उसकी क्षमता, लागत और बिजली की जरूरत पर निर्भर करता है।
माइक्रोटेक के संस्थापक और अध्यक्ष एनके अग्रवाल ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य लोगों को अपनी बिजली बनाने और उसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद देना है। उनके मुताबिक, बिजली उत्पादन, वितरण, बिजली की गुणवत्ता सुधारने और भंडारण से जुड़े उत्पादों के जरिए कंपनी देश की बदलती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि लिथियम बैटरी और नई भंडारण तकनीक पर काम करने से कंपनी की क्षमता मजबूत होगी।
करीब 4 दशक से बिजली प्रबंधन के क्षेत्र में काम कर रही माइक्रोटेक के उत्पादों में घरेलू इन्वर्टर, निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रणाली, बैटरियां, बिजली के तार, सौर पैनल, सौर इन्वर्टर और लिथियम बैटरियां शामिल हैं। कंपनी ने ऊर्जा एक्सपो में इन उत्पादों को प्रदर्शित किया। बता दें कि निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रणाली का इस्तेमाल बिजली जाने पर कंप्यूटर और दूसरे जरूरी उपकरणों को कुछ समय तक चालू रखने के लिए किया जाता है।
कंपनी की योजनाएं केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से भी जुड़ती हैं। इस योजना का लक्ष्य 1 करोड़ घरों तक छत पर सौर ऊर्जा लगाने की सुविधा पहुंचाना है। सौर पैनल के जरिए घर अपनी बिजली बना सकते हैं और जरूरत के मुताबिक उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। बिजली जमा करने की सुविधा होने पर दिन में बनी ऊर्जा का उपयोग बाद में भी किया जा सकता है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, माइक्रोटेक का वितरण नेटवर्क देशभर में 1,00,000 से अधिक विक्रेताओं के जरिए फैला हुआ है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसका राजस्व दोगुने से ज्यादा बढ़कर 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इसके बाद अगले 2 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य है।
गौरतलब है कि सौर ऊर्जा के साथ बैटरी स्टोरेज की मांग बढ़ने से इस क्षेत्र में कंपनियों के लिए नए अवसर बन रहे हैं। माइक्रोटेक का जयपुर संयंत्र और ऊर्जा भंडारण से जुड़े नए उत्पाद उसकी विस्तार योजना के अहम हिस्से हैं। हालांकि, कंपनी अपने कारोबार के तय लक्ष्य तक कितनी जल्दी पहुंचती है, यह उत्पादन शुरू होने, ग्राहकों की मांग और बाजार में प्रतिस्पर्धा जैसे कारकों पर निर्भर करेगा।
अन्य न्यूज़













