क्रिप्टो करेंसी को लेकर मोदी सरकार का पूरा प्लान तैयार, कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है बिल

क्रिप्टो करेंसी को लेकर मोदी सरकार का पूरा प्लान तैयार, कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है बिल

अगर क्रिप्टोकरंसी विधेयक को संसद की मंजूरी मिल जाती है तो कर आय के इरादे को औपचारिक रूप दिए जाने के बाद इसके कार्यान्वयन के प्रावधान को बजट सत्र के दौरान घोषित किया जा सकता है।

29 नवंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। माना जा रहा है कि इस शीतकालीन सत्र में सरकार क्रिप्टो करेंसी से जुड़ी एक विधेयक को पेश कर सकती है। खबर के अनुसार क्रिप्टो करेंसी पर एक व्यापक बिल को मंजूरी के लिए इससे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि क्रिप्टो करेंसी के नियमन उनके वर्गीकरण और उनसे आने वाले कर का पूरा विवरण इस विधेयक में शामिल है जिसे कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। अगर इस विधेयक को कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है तो इसे संसद के शीतकालीन सत्र में पारित कराया जा सकता है।

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अगर क्रिप्टोकरंसी विधेयक को संसद की मंजूरी मिल जाती है तो कर आय के इरादे को औपचारिक रूप दिए जाने के बाद इसके कार्यान्वयन के प्रावधान को बजट सत्र के दौरान घोषित किया जा सकता है। हाल में ही भाजपा नेता जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली एक संसदीय समिति ने विभिन्न हित धारकों के साथ क्रिप्टो वित्त और क्रिप्टोकरंसी के गुण दोष पर चर्चा की थी। इस बैठक में एक बात जो सामने निकल कर आई कि कई सदस्य क्रिप्टो करेंसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बजाय इसे बाजार को विनियमित करने के पक्ष में है। आपको बता दें कि अभी देश में क्रिप्टो करेंसी को लेकर कोई विशेष नियमन नहीं हैं। न ही देश में इस पर प्रतिबंध ही लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को क्रिप्टो करेंसी पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी। 

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लोकतांत्रिक देश सुनिश्चित करें क्रिप्टो-करेंसी गलत हाथों में ना जाए: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी लोकतांत्रिक देशों से साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि वे क्रिप्टो-करेंसी गलत हाथों में ना जाने दें, अन्यथा युवाओं का भविष्य बर्बाद हो सकता है। उन्होंने डिजिटल क्रांति से उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए समान सोच वाले देशों के एकजुट होने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने डिजिटल युग में डाटा को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत में हमने डाटा सुरक्षा, निजता और सुरक्षा के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। साथ ही साथ हम इसका उपयोग लोगों के सशक्तिकरण के स्रोत के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने क्रिप्टो-करेंसी या बिटकॉइन का उदाहरण देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि सभी लोकतांत्रिक देश साथ काम करें और यह सुनिश्चित करें कि यह गलत हाथों में ना जाए, जो हमारे युवाओं को बर्बाद कर सकता है।