Sensex और Nifty में तेजी के बावजूद US Dollar के सामने कमजोर हुआ रुपया

Indian Rupee
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Ankit Jaiswal । Oct 26 2026 5:32PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 29 पैसे गिरकर 95.22 पर बंद हुआ। बीते तीन कारोबारी सत्रों में रुपये में कुल 84 पैसे की कमजोरी दर्ज की गई है। हालांकि शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए।

शेयर बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय रुपये की कमजोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 29 पैसे गिरकर 95.22 के स्तर पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव बनाया है। पिछले 3 कारोबारी सत्रों में भारतीय मुद्रा 84 पैसे कमजोर हो चुकी है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में सोमवार को रुपया 94.92 प्रति डॉलर पर खुला था। कारोबार के दौरान इसमें और गिरावट आई और यह 95.26 के निचले स्तर तक पहुंच गया। आखिर में यह 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले शुक्रवार, 23 अक्टूबर को रुपया 12 पैसे गिरकर 94.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। लगातार गिरावट से आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ गई है।

बाजार के जानकारों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी चिंताओं के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ब्याज मिलने की दरों में मामूली बढ़ोतरी ने भी रुपये को कमजोर किया है। हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में तेजी ने रुपये की गिरावट को कुछ हद तक सीमित रखने में मदद की।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से भी भारतीय मुद्रा कमजोर हो सकती है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जरूरत पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप रुपये को सहारा दे सकता है। उनके अनुमान के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपया 94.90 से 95.50 के दायरे में कारोबार कर सकता है।

इस बीच, वैश्विक तेल बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 1.41% गिरकर 115.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसके बावजूद तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है, इसलिए कच्चा तेल महंगा होने पर आयात बिल बढ़ता है। इससे डॉलर की मांग बढ़ सकती है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है।

गौरतलब है कि सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में अच्छी तेजी रही। सेंसेक्स 482.92 अंक चढ़कर 73,606.75 पर और निफ्टी 153.20 अंक की बढ़त के साथ 22,753.20 पर बंद हुआ। वहीं, 23 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 887.65 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.011 अरब डॉलर घटकर 721.016 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले वाले सप्ताह में भी इसमें 8.578 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक तनाव और डॉलर की चाल रुपये की दिशा तय करने वाले अहम कारक बने रह सकते हैं।

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