पंजाब में दहला देने वाला हत्याकांड! फेसबुक लाइव के दौरान ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर 'झोटा' की गोली मारकर हत्या

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ANI
रेनू तिवारी । Oct 13 2026 3:21PM

गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पंजाब के मानसा जिले में नशीले पदार्थों (ड्रग्स) के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार मुखर रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और एक्टिविस्ट परविंदर सिंह उर्फ झोटा की मंगलवार सुबह सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह पूरी खूनी वारदात उस वक्त हुई जब वह एक मेडिकल स्टोर पर कथित तौर पर 'चिट्टा' (हेरोइन) बेचे जाने का फेसबुक लाइव (Facebook Live) कर रहे थे। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

झोटा लंबे समय से मानसा में ड्रग्स के खिलाफ़ अभियान चला रहे थे और नशीले पदार्थों की खुलेआम बिक्री के दावों को उजागर करने के लिए अक्सर सोशल मीडिया पर लाइवस्ट्रीम करते थे। बताया जाता है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने ड्रग्स की कथित बिक्री को लेकर मेडिकल स्टोर के मालिक से सवाल किया। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने राज्य सरकार से जवाबदेही की मांग की है, वहीं झोटा की मां ने बताया कि उनके बेटे को अपनी जान का खतरा महसूस होता था।

मेडिकल स्टोर पर हुई बहस के दौरान क्या हुआ?
मंगलवार सुबह झोटा मानसा के एक मेडिकल स्टोर से लाइवस्ट्रीम कर रहे थे, तभी उन्होंने कथित तौर पर 'चिट्टा' बेचने को लेकर दुकान के मालिक से बहस की। ब्रॉडकास्ट के दौरान, उन्होंने कथित लेन-देन के बारे में मालिक से सवाल किया और CCTV फुटेज की मांग की। बहस के दौरान झोटा के दावों के मुताबिक, उनके साथ आए एक बुजुर्ग व्यक्ति ने दुकान से ड्रग्स खरीदी थी।

बहस तीखी हो गई और खबरों के अनुसार, दुकान के मालिक अश्वनी कुमार ने गोली चलाने से पहले पिस्तौल निकाली। लाइवस्ट्रीम में बहस और गोली चलने की आवाज़ रिकॉर्ड हो गई। झोटा को कई गोलियां लगीं और उन्हें मानसा सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई। खबरों में यह भी कहा गया है कि उनके चार साथियों को भी गोली लगी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

गोलीबारी के बाद मेडिकल स्टोर का मालिक फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। गोलीबारी की वजह और ड्रग्स की कथित बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

झोटा ने बार-बार आरोप लगाया था कि इलाके में लोग 'चिट्टा' और नशीली दवाएं खुलेआम बेच रहे हैं। अपनी मौत से कुछ दिन पहले, उन्होंने कथित तौर पर मानसा में ड्रग्स के कारोबार की CBI जांच की मांग भी की थी।

विपक्ष के नेताओं ने भगवंत मान सरकार को दोषी ठहराया
इस हत्या पर विपक्ष के नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और ड्रग्स की समस्या तथा पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सरकार के रवैये पर सवाल उठाए।

शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने झोटा की "बेरहमी से की गई हत्या" पर गहरा सदमा जताया। उन्होंने एक्टिविस्ट के परिवार के प्रति एकजुटता दिखाई और कहा कि झोटा ने ड्रग्स के खिलाफ लगातार आवाज़ उठाई थी, लेकिन "किसी ने ध्यान नहीं दिया और किसी ने उनका साथ नहीं दिया"।

बादल ने इस हत्या को इस बात का कड़ा संकेत बताया कि उनकी नज़र में पंजाब में कानून-व्यवस्था खत्म हो चुकी है। उन्होंने राज्य सरकार के ड्रग-विरोधी अभियान 'युद्ध नशे के विरुद्ध' को भी एक दिखावा और पूरी तरह विफल बताया। AAP सरकार पर राज्य के खर्च पर खुद को अमीर बनाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की कथित लापरवाही ने पंजाब के लोगों को मुश्किल में डाल दिया है और उन्होंने इसे "जंगल राज" बताते हुए इसे खत्म करने की मांग की।

अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी झोटा की मौत को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किए। उन्होंने कहा कि एक्टिविस्ट ड्रग्स के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ रहे थे और एक मेडिकल स्टोर पर हेरोइन की कथित बिक्री का लाइव प्रसारण के दौरान खुलासा करते समय उनकी हत्या कर दी गई।

मजीठिया ने पूछा, "भगवंत मान, क्या जो कोई भी बोलने की हिम्मत करेगा, उसे मार दिया जाएगा?" उन्होंने पंजाब के लोगों से एकजुट होने, जवाब मांगने और सरकार के इस्तीफे की मांग करने का आग्रह किया।

बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी हत्या की निंदा की और इसे राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति का नतीजा बताया। इस घटना को सरकार के दावों की "पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट" बताते हुए उन्होंने सवाल किया कि अगर ड्रग्स के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले लोग ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोग कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।

कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी ने AAP सरकार पर गैंगस्टर्स और ड्रग्स के कारोबार में शामिल लोगों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि इससे उनके हौसले बुलंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार हत्याएं हो रही थीं और आरोप लगाया कि झोटा ड्रग्स की समस्या को उजागर करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि सरकार और ड्रग्स बेचने में शामिल लोग उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रहे थे। झोटा की माँ का कहना है कि उन्हें डर था कि उनकी हत्या कर दी जाएगी।

बेटे की मौत के बाद भावुक होते हुए झोटा की माँ ने बताया कि उन्होंने कई बार उन्हें चेतावनी दी थी कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने कहा, "मेरा बेटा मुझसे कहता था, 'माँ, वे मुझे मार डालेंगे।' घर से निकलने से पहले उसने मेरे पैर छुए और कहा, 'माँ, मेरा खाना तैयार रखना।'"

उन्होंने अपने बेटे को खोने पर दुख जताते हुए कहा, "उन्होंने मेरे प्यारे बेटे को छीन लिया। सरकार ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है।" उनकी बातों ने झोटा की मौत से जुड़े दुख को और बढ़ा दिया है, क्योंकि गोलीबारी के हालात और पंजाब में कथित ड्रग्स के कारोबार के ख़िलाफ़ मुहिम चलाने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं।

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