• होम लोन के जरिये टैक्स बचाने में आपकी बड़ी मदद करेंगी यह जरूरी बातें

इस कारण अगर आप अपने सपनों का घर खरीदना या बनवाना चाहते हैं तो होम लोन लेना आपके लिए एक कारगर उपाय साबित हो सकता है। यही नहीं, क्या आप जानते हैं कि लोन के द्वारा आप इन्कम टैक्स में भी भारी बचत पा सकते हैं ?

भारत में होम लोन लेने की प्रक्रिया अब और अधिक व्यापक और सरल हो गयी है। कम समय में वेरिफ़िकेशन और लोन वितरण, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर द्वारा अपने लिए उपयुक्त धनराशि की आसानी से गणना जैसी तमान खूबियाँ, होम लोन को एक आकर्षक विकल्प बनाती हैं। 

इस कारण अगर आप अपने सपनों का घर खरीदना या बनवाना चाहते हैं तो होम लोन लेना आपके लिए एक कारगर उपाय साबित हो सकता है। यही नहीं, क्या आप जानते हैं कि लोन के द्वारा आप इन्कम टैक्स में भी भारी बचत पा सकते हैं ? 

जी हाँ, लोन राशि वापस चुकाने पर आप इन्कम टैक्स की सेक्शन 80C, सेक्शन 24 (b) और सेक्शन 80EE (पूर्व में) के अंतर्गत टैक्स में कटौती के हकदार हैं। फिर चाहे आप मूलधन का भुगतान करें या फिर ब्याज का, दोनों ही सूरतों में आप इस छूट के अधिकारी होंगे। आइए हम होम लोन और उससे जुड़े कर लाभ के बारे में और गहराई से पड़ताल करें। 

1. सेक्शन 80C के अंतर्गत मूलधन की अदायगी पर टैक्स लाभ

यदि आप होम लोन के मूलधन को चुकाते हैं, तो आप सेक्शन 80C के तहत अधिकतम रु. 1,50,000 तक बचा सकते हैं। लेकिन, घर का निर्माण पूरा होने के बाद मूल ऋण राशि की अदायगी पर ही आप इस कर लाभ के भागीदारी बन सकते हैं। 

इसके अतिरिक्त, जो राशि आपने स्टैम्प ड्यूटी चार्जेस और रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में देते हैं, उस पर भी आप 80C के अंतर्गत छूट ले सकते हैं। स्टैम्प ड्यूटी चार्जेस और रजिस्ट्रेशन फीस देने पर आप बिना होम लोन लिए भी, टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं। 

2. सेक्शन 24 (b) के तहत ब्याज की अदायगी पर टैक्स लाभ

सेक्शन 24 (b) के अंतर्गत यदि आप होम लोन पर देय ब्याज का भुगतान करते हैं, तो आपको जमा की गयी राशि पर टैक्स छूट मिलती हैं। इस सेक्शन के तहत आप एक आर्थिक वर्ष में अधिकतम रु. 2 लाख तक का टैक्स सेविंग कर सकते हैं। 

लेकिन यदि आपके मकान का निर्माण लोन लेने के तीन वर्ष के भीतर पूरा नहीं होता है, तो आप केवल रु. 30,000 तक की रियायत ही ले सकते हैं। साथ ही, अगर आपने लोन मकान की मरम्मत या नवीकरण करवाने के लिए लिया है, तो भी आप सेक्शन 24(b) के अंतर्गत टैक्स राहत प्राप्त नहीं कर सकते हैं। 

3. होम लोन पर टैक्स लाभ क्लेम करने की प्रक्रिया

अपने होम लोन पर टैक्स लाभ क्लेम प्रक्रिया बहुत ही सरल है। यदि आप भी टैक्स में कटौती का दावा करना चाहते हैं तो निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें - 

स्टेप 1: सबसे पहले आप टैक्स कटौती की गणना कर लें जिसके आप हकदार हैं। 

स्टेप 2: ये बात सुनिश्चित कर लें कि मकान आपके नाम पर है अथवा आप लोन के सह-उधारकर्ता हैं। 

स्टेप 3: स्रोत पर कर कटौती (TDS) को समायोजित करने के लिए अपने नियोक्ता को अपना होम लोन ब्याज प्रमाणपत्र जमा करें।

स्टेप 4: यदि आप उपरोक्त प्रमाणपत्र जमा नहीं करते हैं तो आपको टैक्स रिटर्न खुद से ही भरना पड़ेगा। 

स्टेप 5: यदि आप व्यवसायी हैं तो आपको यह सभी दस्तावेज़ कहीं जमा नहीं करने पड़ेंगे। किन्तु आप उन्हें संभाल के रखें ताकि समय आने पर आप इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा सुनियोजित किसी भी कार्यवाही का जवाब दे सकें।

4. होम लोन पर टैक्स लाभ की गणना करने की प्रक्रिया 

आप Axis Bank जैसे सम्मानित बैंकों की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन टैक्स कैलकुलेटर की मदद से बड़ी ही आसानी द्वारा अपने होम लोन पर मिलने वाले टैक्स लाभ की गणना कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने लोन से जुड़ी कुछ ज़रूरी बातों का विवरण जानना आवश्यक है जैसे: 

- लोन राशि 

- लोन की अवधि 

- ब्याज दर 

- लोन शुरू होने की तारीख

- कुल वार्षिक आय 

- सेक्शन 80C के अंतर्गत मिलने वाली छूट

5. पहली बार मकान खरीदने के लिए होम लोन पर सेक्शन 80EE द्वारा टैक्स में छूट 

पूर्व में मकान ख़रीदने के लिए यदि आप ने होम लोन लिया था तो आप लोन की देय ब्याज राशि पर सेक्शन 80EE के अंतर्गत टैक्स में छूट ले सकते हैं। हालांकि, इस सेक्शन के तहत कर लाभ प्राप्त करने कि कुछ प्रमुख शर्तें हैं- 

- होम लोन 1 अप्रैल 2013 से लेकर 31 मार्च 2014 के बीच मंजूर किया गया हो। 

- लोन राशि रु. 25 लाख तक ही होनी चाहिए 

- गृह संपत्ति का कुल मूल्य रु. 40 लाख से अधिक नहीं होना चाहिए। 

सेक्शन 80EE के अंतर्गत आप रु. 1 लाख तक की अधिकतम कर छूट प्राप्त कर सकते हैं। किन्तु यह टैक्स छूट केवल साल 2014 या उससे पहले लिए गए लोनों पर लागू है। यदि आपने 2015 या उसके बाद होम लोन लिया है तो आप सेक्शन 80EE के तहत कर में राहत नहीं पा सकते। 

होम लोन पर टैक्स लाभ लेना है आसान 

यदि आप होम लोन लेते हैं तो आप लोन के मूलधन और देय ब्याज, दोनों के ऊपर टैक्स लाभ पाने के हकदार बन जाते हैं। मूलधन की वापसी करने पर आपको इन्कम टैक्स एक्ट 1961 की सेक्शन 80C के तहत कर में छूट मिलती है। साथ ही आपको सेक्शन 24(b) के अंतर्गत रु. 2 लाख तक की ब्याज राशि के भुगतान पर उतनी ही राशि के बराबर कर कटौती मिलती है। इस कारण जब भी आप मकान बनवाने या फिर खरीदने जाएँ तो होम लेने से हिचकें मत, बल्कि उसका फायदा उठाएँ।

- अनिशा अरोड़ा