कृषक समृद्धि योजना: किसानों को 6 लाख का लोन कैसे मिलेगा, किस्त कितनी होगी, ब्याज में छूट कितनी मिलेगी?

Krishak Samriddhi Yojana
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जे. पी. शुक्ला । Oct 14 2026 7:14PM

कृषक समृद्धि योजना की सबसे बड़ी खासियत ब्याज में राहत है। पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की दीर्घकालीन कृषि ऋण योजनाओं में ब्याज दर करीब 11 फीसदी या उससे अधिक थी। नई योजना में पात्र किसानों के लिए प्रभावी दर 6 फीसदी रखी गई है। यानी सरकार की ओर से 5 प्रतिशत अंक का ब्याज अनुदान दिया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को कृषि और कृषि से जुड़ी गतिविधियों के लिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि ऋण पर प्रभावी ब्याज दर 6 फीसदी सालाना रखी गई है। योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से किया जा रहा है।

6 लाख रुपये  के लोन के लिए पात्रता

योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है। बैंक की ओर से पात्रता और ऋण स्वीकृति की जांच की जाएगी।
- आवेदक उत्तर प्रदेश का किसान होना चाहिए।
- कृषि योग्य भूमि से जुड़े वैध दस्तावेज जरूरी होंगे।
- लोन का इस्तेमाल कृषि या कृषि आधारित गतिविधियों के लिए होना चाहिए।
- बैंक की ओर से दस्तावेज, भूमि और ऋण चुकाने की क्षमता की जांच की जाएगी।

केवल आवेदन करने से 6 लाख रुपये का लोन मिलना तय नहीं है। अंतिम राशि बैंक की मंजूरी पर निर्भर करेगी।

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ब्याज में कितनी छूट मिलेगी?

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत ब्याज में राहत है। पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की दीर्घकालीन कृषि ऋण योजनाओं में ब्याज दर करीब 11 फीसदी या उससे अधिक थी। नई योजना में पात्र किसानों के लिए प्रभावी दर 6 फीसदी रखी गई है। यानी सरकार की ओर से 5 प्रतिशत अंक का ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। यह लाभ निर्धारित समय पर किस्त चुकाने वाले पात्र किसानों को मिलता है।

6 लाख के लोन की किस्त कितनी होगी?

किस्त की रकम लोन की अवधि और बैंक की repayment व्यवस्था पर निर्भर करेगी। उदाहरण के लिए, यदि 6 लाख रुपये पर 6% सालाना ब्याज और समान मासिक EMI मानकर गणना करें, तो अनुमानित किस्त इस तरह हो सकती है:
- 5 साल: करीब 11,600 रुपये प्रति माह
- 10 साल: करीब 6,660 रुपये प्रति माह
- 15 साल: करीब 5,060 रुपये प्रति माह

ये केवल उदाहरण के लिए EMI गणना हैं। किसान की वास्तविक किस्त बैंक द्वारा तय अवधि, ब्याज गणना और ऋण की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है। योजना के पोर्टल पर भी किस्त की गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

किन कामों के लिए मिल सकता है लोन?

योजना के तहत कृषि और कृषि आधारित गतिविधियों में निवेश के लिए दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें कृषि यंत्रीकरण, सिंचाई और अन्य उत्पादक कृषि गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। संबंधित ऋण श्रेणी के नियमों के अनुसार पात्रता तय होगी।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

सरकार ने योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आधिकारिक पोर्टल mksyldb.in पर जाएं।
-  ‘ऋण आवेदन करें’ विकल्प चुनें।
- जनपद, बैंक शाखा, तहसील और ब्लॉक की जानकारी भरें।
- ग्राम पंचायत और गांव का चयन करें।
- कितनी ऋण राशि चाहिए, इसकी जानकारी दें।
- मोबाइल नंबर दर्ज कर OTP से सत्यापन करें।
- जरूरी व्यक्तिगत, भूमि और बैंक संबंधी जानकारी भरकर आवेदन पूरा करें।
- इसके बाद बैंक दस्तावेजों और पात्रता की जांच करेगा।

सरकार ने योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है और अगले पांच वर्षों में करीब 5 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा है। योजना का शुभारंभ 23 सितंबर 2026 को किया गया।

कृषक समृद्धि योजना के फ़ायदे

कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों को कई फ़ायदे देती है, जिसका मकसद उनकी फ़ाइनेंशियल स्थिरता और प्रोडक्टिविटी को बेहतर बनाना है, जैसे - 
- सस्ता लॉन्ग-टर्म एग्रीकल्चरल क्रेडिट: यह स्कीम 6% सालाना की रियायती ब्याज दर पर ₹6 लाख तक का लोन देती है, जिससे किसानों को फ़ायदेमंद खेती की चीज़ों में इन्वेस्ट करने में मदद मिलती है।
- इंटरेस्ट सब्सिडी: उत्तर प्रदेश सरकार एलिजिबल लोन पर 5% इंटरेस्ट सब्सिडी देती है, जिससे किसानों के लिए उधार लेने की कुल लागत कम हो जाती है।
- कोऑपरेटिव बैंकिंग तक पहुँच: यह स्कीम कोऑपरेटिव बैंकिंग सिस्टम को सपोर्ट करती है, जो किसानों को एग्रीकल्चरल क्रेडिट देने के लिए बहुत ज़रूरी है।
- लॉन्ग-टर्म क्रेडिट ऑप्शन: किसान एलिजिबल एग्रीकल्चरल इन्वेस्टमेंट के लिए एक अलग लॉन्ग-टर्म क्रेडिट ऑप्शन ले सकते हैं, जबकि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सिस्टम शॉर्ट-टर्म क्रेडिट के लिए है।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र छोटे और सीमांत किसान 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि ऋण 6 फीसदी प्रभावी ब्याज दर पर ले सकते हैं। समय पर किस्त चुकाने पर ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा। हालांकि, 6 लाख रुपये अधिकतम सीमा है, हर आवेदक को इतनी राशि मिलना तय नहीं है।

लोन लेने से पहले किसान को अपनी भुगतान क्षमता, ऋण अवधि, कुल ब्याज और बैंक की अन्य शर्तों को समझ लेना चाहिए। आवेदन के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल या उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की शाखा का इस्तेमाल करें।

- जे. पी. शुक्ला

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