यदि गलती से यूपीआई भुगतान किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल नंबर, यूपीआई आईडी या बैंक खाते में हो गया तो ऐसे वापस पाएं अपने भुगतान

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कमलेश पांडे । Oct 19 2026 4:42PM

पेशेवर अनुभव बताता है कि गलत यूपीआई भुगतान होने पर घबराने के बजाय तुरंत सही प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। हालांकि, पैसा वापस मिलने की गारंटी नहीं होती और परिणाम मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए किसी को भी यूपीआई भुगतान करने वक्त आपका सचेष्ट रहना जरूरी है।

डिजिटल भुगतान के आधुनिक दौर में यूपीआई से पैसे भेजना बेहद आसान हो गया है। लेकिन जल्दबाजी में गलत यूपीआई आईडी, मोबाइल नंबर या बैंक खाते से जुड़े व्यक्ति को यदि पैसे ट्रांसफर हो जाएं, तो आपकी परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या गलत खाते में भेजे गए पैसे वापस मिल सकते हैं? यदि हां तो इसकी शिकायत कहां करें और बैंक कितने समय में आपकी मदद कर सकता है?

पेशेवर अनुभव बताता है कि गलत यूपीआई भुगतान होने पर घबराने के बजाय तुरंत सही प्रक्रिया अपनाना जरूरी है। हालांकि, पैसा वापस मिलने की गारंटी नहीं होती और परिणाम मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए किसी को भी यूपीआई भुगतान करने वक्त आपका सचेष्ट रहना जरूरी है।

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सवाल है कि आखिर गलत यूपीआई भुगतान होने पर क्या करें? तो जानकार बताते हैं कि निम्नलिखित 6 जरूरी कदम अवश्य और शीघ्रता पूर्वक उठाएं।

एक, सबसे पहले ट्रांजैक्शन की जानकारी सुरक्षित रखें। यूपीआई ऐप में पेमेंट हिस्ट्री खोलें और ट्रांजैक्शन आईडी, यूटीआर/आरआरएन नंबर, तारीख, रकम तथा प्राप्तकर्ता की यूपीआई आईडी का स्क्रीनशॉट सुरक्षित कर लें।

दो, यूपीआई ऐप में शिकायत दर्ज करें। जिस ऐप से भुगतान किया है, उसमें संबंधित ट्रांजैक्शन चुनकर हेल्प, सपोर्ट या रेज कंप्लेंट  विकल्प से शिकायत करें। शिकायत का रेफरेंस नंबर संभालकर रखें।

तीन, अपने बैंक को लिखित शिकायत दें। बैंक की शाखा या आधिकारिक ग्राहक सेवा से संपर्क करें। स्पष्ट बताएं कि भुगतान गलती से गलत लाभार्थी को चला गया है। ट्रांजैक्शन का विवरण और शिकायत संख्या दें तथा लिखित जवाब मांगें।

चार, प्राप्तकर्ता से संपर्क करने का प्रयास करें। यदि प्राप्तकर्ता की पहचान या संपर्क जानकारी वैध तरीके से उपलब्ध है, तो विनम्रता से रकम लौटाने का अनुरोध करें। बैंक से भी उचित प्रक्रिया के तहत सहायता मांगें। सफलतापूर्वक पूरा हुआ भुगतान अपने आप वापस नहीं होता।

पांच, एनपीसीएल के शिकायत माध्यम का उपयोग करें। यदि ऐप या बैंक से समाधान नहीं मिलता, तो एनपीसीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर शिकायत प्रक्रिया और उपलब्ध विकल्प देखें।

छह, जरूरत पड़ने पर RBI के पास शिकायत करें। यदि संबंधित बैंक या विनियमित संस्था को शिकायत देने के बाद 30 दिनों में जवाब नहीं मिलता, या समाधान संतोषजनक नहीं है, तो लागू पात्रता और नियमों के अनुसार आरबीआई के शिकायत प्रबंधन पोर्टल का सहारा लिया जा सकता है।

सवाल है कि क्या गलत यूपीआई  पेमेंट का पैसा वापस मिलना निश्चित है? तो जवाब होगा नहीं। यहां दो स्थितियों में अंतर समझना जरूरी है। पहली स्थिति और दूसरी क्या हो सकता है?  

पहला, यदि पैसा कटा, लेकिन ट्रांजैक्शन विफल रहा तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत रकम वापस आ सकती है।     
                           
दूसरा, ट्रांजैक्शन सफल रहा, लेकिन गलत व्यक्ति को पैसा चला गया। शिकायत और बैंक की प्रक्रिया से मदद मिल सकती है, लेकिन रिफंड सुनिश्चित नहीं है। क्योंकि बिना अनुमति किसी ने खाते से पैसा निकाला तो तुरंत बैंक को सूचित करें और इसे अनधिकृत लेनदेन के रूप में रिपोर्ट करें।    

एनपीसीएल के अनुसार, विफल यूपीआई लेनदेन में पैसा वापस न आने पर बैंक से संपर्क करना चाहिए। लेकिन सफल व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान को केवल गलत यूपीआई आईडी डालने के कारण स्वतः रिवर्स नहीं किया जाता।

विशेषज्ञ बताते हैं कि निम्नलिखित गलतियों से जरूर बचें। एक, पैसा वापस दिलाने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को अतिरिक्त रकम न भेजें। दो, अपना यूपीआई पिन, ओटीपी या बैंकिंग पासवर्ड किसी से साझा न करें। तीन, पैसा प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन, डालने या अनजान कलेक्ट रिक्वेस्ट  स्वीकार करने से बचें। चार, शिकायत के सभी दस्तावेज और बैंक का जवाब सुरक्षित रखें।

अंततोगत्वा आप यह हमेशा याद रखें कि गलत यूपीआई भुगतान होने पर जितनी जल्दी शिकायत दर्ज करेंगे, उतनी जल्दी मामले की जांच शुरू कराने का प्रयास कर सकेंगे। फिर भी पैसा वापस मिलने का निर्णय लेनदेन की प्रकृति और संबंधित प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। डिजिटल भुगतान की सुविधा के साथ सावधानी भी जरूरी है। भुगतान करने से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और यूपीआई आईडी जांचना, गलत ट्रांसफर से बचने का सबसे आसान उपाय है।

- कमलेश पांडेय
वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार

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