5 दिन बाद बड़ा धमाका, रहबर की तस्वीर ले ईरान की US को खतरनाक धमकी

ईरानी एयरलाइंस पर अमेरिकी पाबंदियों के जवाब में ईरान ने अमेरिका को अपनी मांगें मानने के लिए पांच दिनों की चेतावनी दी है। ईरान ने साफ किया है कि शर्तें न मानने पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोज में जहाजों की आवाजाही रोकी जाएगी। साथ ही अमेरिका का साथ देने वाले देशों के जहाजों और विमानों को भी निशाना बनाया जाएगा।
अमेरिका ईरान के साथ खतरनाक खेल खेलने जा रहा था। लेकिन उससे पहले ही ईरान ने अमेरिका को पांच दिनों की डेडलाइन दे दी है। सिर्फ पांच दिन। इसकी भी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। ईरान ने सीधे-सीधे कह दिया है कि अगर पांच दिनों के भीतर अमेरिका ने ईरान की शर्तों को नहीं माना या कुछ भी दाएं बाएं किया तो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस के समंदर पर भयंकर जंग होगी और तो और जो देश भी अमेरिकी मसूबे में ईरान के खिलाफ ट्रंप का साथ देंगे उनकी फ्लाइट और पानी पर जहाज दोनों महफूज़ नहीं है। अमेरिका को यह सीधी और आखिरी चेतावनी किसी और ने नहीं बल्कि ईरान के सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल के चीफ मोहसिन रजाई ने दी है। जो वहां सुप्रीम लीडर के करीबी और एक सख्त मिजाज फौजी कमांडर माने जाते हैं। मोहसिन रजाई के मुताबिक अमेरिका के पास अपनी गलतियों को सुधारने के लिए और ईरान की शर्तें पूरी करने के लिए सिर्फ 5 दिनों का वक्त बचा है। रिजाई ने साफ कर दिया कि जब तक वाशिंगटन ईरान की जायज मांगों और शर्तों को नहीं मानता है तब तक स्टेट ऑफ होर्मस यानी आबनाए होमस से जहाजों की आवाजाही को नॉर्मल नहीं किया जाएगा।
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ईरान के इस धमकी की असल वजह अमेरिका की वो नई पाबंदी है जिसने ईरान के एयरलाइंस सेक्टर पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। अमेरिकी मिनिस्टर ने ऐलान किया था कि 23 सितंबर तक सभी ईरानी एयरलाइंस का काम पूरी तरह ठप करने की तैयारी है। अमेरिका ने यह नया दांव सेकेंडरी सेंशंस के जरिए खेला है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि जो भी एविएशन कंपनी या मुल्क ईरानी प्लेन को रिफ्यूलिंग मेंटेनेंस या ग्राउंड सर्विस देगा उस पर भी सख्त अमेरिकी पाबंदियां लगा दी जाएंगी। इस फैसले के बाद अमेरिका के डर से कोई भी विदेशी एयरपोर्ट ईरानी जहाजों को अपने यहां उतारने से कतरा रहा है। जिससे ईरान की हवाई सेवाएं उसका एिएशन सेक्टर पूरी तरह से ठप होने की कगार पर पहुंच जाएगा। लेकिन ईरान ने अमेरिका का साथ देने वाले अरब मुल्कों और अपने पड़ोसी देशों को सख्ती से बता दिया है कि अमेरिका के खेल में ना पड़े बहुत बुरा पछताएंगे। ईरान की सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल ने कह दिया है कि जो भी पड़ोसी मुल्क अमेरिका की इन पाबंदियों में उसका साथ देगा ईरान उस देश के प्लेन अपने हवाई इलाके से नहीं गुजरने देगा। उन्हें ब्लॉक कर देगा और होर्मुज पर उन्हीं मुल्कों के जहाजों पर भी हमले होंगे। पड़ोसी मुल्कों को ईरान के खिलाफ अमेरिकी साजिश में प्यादा बनने से बचना चाहिए। वरना तबाही तय है।
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ईरान ने यह साफ कह दिया है कि अगर किसी पड़ोसी देश ने जमीन या एयर स्पेस का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिका को करने दिया तो उसे दुश्मन की हरकत माना जाएगा। ईरान का यह कड़ा कदम सीधे तौर पर अमेरिका को बैकफुट पर लाने और उस पर इकोनॉमिक प्रेशर बनाने की रणनीति का हिस्सा है। ईरान के इस ताजा बयान से साफ है कि वो इंटरनेशनल कम्युनिटी के दबाव के आगे घुटने टेकने के बजाय दुनिया के सबसे बड़े तेल कारोबारी रास्ते को अपनी ढाल के तौर पर इस्तेमाल करेगा। ईरान का मानना है कि अगर अमेरिका और उसके सहयोगी देश उस पर इकोनॉमिक पाबंदियां लगाएंगे, आर्थिक पाबंदियां लगाएंगे तो ईरान भी ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को रोक करारा जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। दुनिया में त्राहिमाम शुरू हो जाएगा। दुनिया की मुसीबत बढ़ जाएगी और इसका जिम्मेदार अमेरिका होगा। ईरान हमले हमेशा खुद के आदमी अमेरिका की धरती पर ठसक से उतर कर अमेरिकी लोगों और दुनिया के बीच ईरान ने अमेरिका और इसराइल को वो लताड़ा है।
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