Bangladesh में वेतन बढ़ोतरी पर Garment Workers का उग्र प्रदर्शन, 670 कारखाने बंद

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ढाका और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन 30,000 टका करने की मांग को लेकर कपड़ा श्रमिकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं। वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ के बाद सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

ढाका, दो नवंबर बांग्लादेश में कपड़ा उद्योग के श्रमिकों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी हिंसक प्रदर्शन जारी रखा। वाहनों में तोड़फोड़ और प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध किये जाने की खबरें सामने आने के बाद अधिकारियों ने अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की राजधानी ढाका के मीरपुर, आशुलिया, गाजीपुर और नारायणगंज इलाकों में कानून प्रवर्तन कर्मियों के साथ झड़पें हुईं।

खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वैन में आग लगा दी, जबकि पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछारें कीं और लाठियां भांजीं। ‘बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन’ (बीजीएमईए) के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के कारण ढाका, गाजीपुर और मध्य मयमनसिंह में पंजीकृत लगभग 4,000 कपड़ा कारखानों में से 670 को बंद करना पड़ा है। श्रमिकों की मांग है कि न्यूनतम मासिक वेतन मौजूदा 12,500 बांग्लादेशी टका से बढ़ाकर 30,000 टका (लगभग 242 अमेरिकी डॉलर) किया जाये।

बीजीएमईए के अनुसार, बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग में 40 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं और यह देश की निर्यात आय का एक प्रमुख स्रोत है। चीन के बाद बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा परिधान निर्यातक देश है। वित्त वर्ष 2025-26 में उसका परिधान निर्यात 38.70 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा।

बांग्लादेश के परिधान उत्पादों का निर्यात 150 से अधिक देशों में किया जाता है। रविवार को सरकार द्वारा वेतन संरचना की समीक्षा करने और उसमें संशोधन की सिफारिश करने के लिए एक वेतन बोर्ड गठित करने की घोषणा के बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहे। इस बोर्ड की अध्यक्षता वरिष्ठ जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेख अशफाकुर रहमान करेंगे।

गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने सोमवार को आरोप लगाया कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की फिलहाल भंग हो चुकी अवामी लीग पार्टी से जुड़े कुछ कपड़ा कारखानों के मालिक भी अशांति भड़काने में भूमिका निभा रहे हैं। अहमद ने अपने कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अवामी लीग की राजनीति से जुड़े कारखाना मालिक भी अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व सांसद भी इसमें शामिल हैं।’’ गाजीपुर के उपायुक्त मोहम्मद नुरुल करीम भुइयां ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र में ‘बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश’ (बीजीबी) के जवानों की 10 टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने गाजीपुर के औद्योगिक क्षेत्र से होकर गुजरने वाले ढाका-टांगाइल राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया और पुलिस की तीन वैन समेत कई अन्य वाहनों में आग लगा दी। इनके अनुसार, इन झड़पों में बीजीबी के कम से कम दो जवानों और पत्रकारों समेत कई लोग घायल हो गये। प्रदर्शनकारियों ने रविवार को राजधानी में एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया था, गाजीपुर में एक पुलिस बूथ में आग लगा दी और ढाका-टांगाइल राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था।

इसके बाद अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस की मदद के लिए बीजीबी के जवानों को तैनात किया था। खबरों के अनुसार, रविवार को हुई झड़पों में लगभग 15 पुलिसकर्मियों समेत कम से कम 50 लोग घायल हो गये थे। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने स्थिति पर चर्चा करने के लिए रविवार शाम गृह मंत्री, श्रम मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों के साथ आपात बैठक की थी।

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