Dalai Lama से मुलाकात के बाद बोले Brian Mast, तिब्बत की आजादी के साथ मजबूती से खड़ा है US

धर्मशाला में अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने दलाई लामा से मुलाकात कर तिब्बत की आजादी के लिए समर्थन दोहराया। अमेरिकी नेता ब्रायन मास्ट ने चीन के सीमा-पार दमन पर चिंता जताते हुए स्वतंत्रता और लोकतंत्र का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने बताया कि दलाई लामा डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात को बेहद आवश्यक मानते हैं।
धर्मशाला में अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा से मुलाकात की। इस दौरान हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन ब्रायन मास्ट ने कहा कि तिब्बत के लोग आज़ादी चाहते हैं और तिब्बती लोगों के लिए प्रतिनिधिमंडल के समर्थन को फिर से दोहराया। दलाई लामा से मुलाक़ात के बाद मीडिया से बात करते हुए मास्ट ने कहा कि बैठक के दौरान चीन और तिब्बती लोगों की आज़ादी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मास्ट ने कहा निश्चित रूप से चीन प्रमुख मुद्दों में से एक था, साथ ही तिब्बत के लोगों की आज़ादी और दुनिया भर में आज़ादी के उनके प्रतिनिधित्व पर भी बात हुई। ठीक वैसे ही जैसे हम मानते हैं कि अमेरिका दुनिया भर में आज़ादी का प्रतिनिधित्व करता है। हमने कई विषयों पर चर्चा की। मास्ट ने कहा कि चीन की ओर से सीमा-पार दमन का खतरा बहुत व्यापक है और आरोप लगाया कि बीजिंग ऐसी गतिविधियों का विस्तार दूसरे देशों तक भी कर सकता है।
इसे भी पढ़ें: Sonam Wangchuk ने Ladakh की तुलना China के कब्जे वाले Tibet से करके खड़ा किया विवाद, Central Tibetan Administration ने जताई कड़ी आपत्ति
उन्होंने कहा कि सीमा-पार दमन के मामले में चीन से खतरा बहुत बड़ा है। चीन जहाँ भी पहुँच सकता है, वहाँ पहुँचेगा। उन्होंने यह साबित कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आज़ादी और लोकतंत्र को लेकर अमेरिका और चीन के बीच बुनियादी मतभेद हैं और ये मतभेद तिब्बती लोगों की माँगों से भी जुड़े हैं। मास्ट ने कहा, "हम अपने सभी लोगों के लिए आज़ादी और लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। हमारा मानना है कि लोग कुछ ऐसे अधिकारों के साथ पैदा होते हैं जिन्हें उनसे छीना नहीं जा सकता; सरकार का काम इन अधिकारों को देना नहीं, बल्कि इनकी रक्षा करना है। चीन जिस चीज़ का प्रतिनिधित्व करता है, अमेरिका जिस चीज़ का प्रतिनिधित्व करता है और तिब्बत के लोग जो चाहते हैं—इन सबके बीच ये बुनियादी अंतर हैं। मास्ट ने यह भी कहा कि दलाई लामा का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात ज़रूरी है। मास्ट ने कहा परम पावन (दलाई लामा) का मानना था कि राष्ट्रपति ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाक़ात ज़रूरी है। वे दुनिया के सबसे बड़े और सबसे शक्तिशाली देशों के नेता हैं। इसलिए हाँ, यह बहुत ज़रूरी है और ऐसा होना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि ऐसी मुलाक़ात से तिब्बतियों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
इसे भी पढ़ें: Donald Trump से मिले तिब्बती संगठन, Xi Jinping के सामने Panchen Lama की रिहाई उठाने की मांग
उन्होंने कहा कि इससे इस बात पर कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि चीन को अपने लोगों, तिब्बती लोगों या उइगर लोगों का दमन नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे दुनिया भर में आज़ादी को अपनाना चाहिए और उसका समर्थन करना चाहिए।" ANI से बात करते हुए, अमेरिकी कांग्रेसवुमन हेली स्टीवंस ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल तिब्बती लोगों की मुश्किलों को उजागर करना और उनकी आज़ादी का समर्थन करना चाहता था। स्टीवंस ने कहा मैं चेयरमैन ब्रायन मास्ट के साथ तिब्बती लोगों की मुश्किलों को समझने के लिए धर्मशाला की इस ऐतिहासिक और अहम यात्रा में शामिल हुई। हम चाहते हैं कि तिब्बत आज़ाद रहे। हम तिब्बतियों की कहानी नहीं भूलेंगे। हम परम पावन दलाई लामा की ताकत और शांति व लोकतंत्र के महत्व को भी नहीं भूलेंगे।
अन्य न्यूज़













