ब्रिटेन के युद्धपोत के काला सागर में दाखिल होते ही पुतिन ने दिया वो आदेश जिसकी कल्पना बाइडेन और जॉनसन ने नहीं की होगी

ब्रिटेन के युद्धपोत के काला सागर में दाखिल होते ही पुतिन ने दिया वो आदेश जिसकी कल्पना बाइडेन और जॉनसन ने नहीं की होगी

रूस को उकसाने के इरादे से ब्रिटिश डिस्ट्रायर समुद्र में कुछ कदम और आगे बढ़ गया। फिर क्या था पुतिन ने अपने फाइटर जेट को वो आदेश दिया जिसकी कल्पना बोरिश जॉनसन और जो बाइडेन ने कभी नहीं की होगी।

काला सागर को लेकर रूस और ब्रिटेन में तनाव बढ़ता जा रहा है। रूस ने मास्को में ब्रिटिश राजदूत को औपचारिक तौर तलब किया था और कहा था कि ब्लैक सागर पर रूस का अधिकार है। जबकि यूरोपीयन देशों का कहना है कि ब्लैक सागर पर यूक्रेन का अधिकार है। और ब्लैक सागर को लेकर रूस के साथ ब्रिटेन और अमेरिका के बीच भारी तनाव है। क्रिमिया में अंतरराष्ट्रीय जल सीमा के पास जैसे ही ब्रिटिश नेवी के डिस्ट्रायर एचएमएस डिफेंडर ने कदम रखे, रूस ने उसे रेडियो पर सख्त चेतावनी दी और रास्ते नहीं बदलने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। रूस को उकसाने के इरादे से ब्रिटिश डिस्ट्रायर समुद्र में कुछ कदम और आगे बढ़ गया। फिर क्या था पुतिन ने अपने फाइटर जेट को वो आदेश दिया जिसकी कल्पना बोरिस जॉनसन और जो बाइडेन ने कभी नहीं की होगी। देखते ही देखते रूस के 20 बॉम्बर्स क्रीमिया के समुंद्र के ऊपर मंडराने लगे। पुतिन के आदेश पर रूस की दो समुद्री जहाज भी गोलियां बरसाने लगी। रूस के विमानों ने चार बड़े बम ब्रिटिश नेवी शिप के रास्ते पर गिराए। इसके साथ ही रूसी नेवी शिप ने सैकड़ों राउंड गोलियां दागी। हालांकि ब्रिटिश डिफेंस मिनिस्ट्री ने ऐसे किसी हमले से इनकार किया है। लेकिन ब्रिटिश नेवी के डिस्ट्रायर एचएमएस डिफेंडर में मौजूद बीबीसी संवाददाता ने गोले दागने और गोलियां चलाने की पुष्टि की है। बीबीसी संवाददाता का दावा है कि रूस की एक रक्षा नौका तो गोलियां दागते हुए 100 मीटर दूर तक आ पहुंची थी। जबकि आसमान में आग बरसाते रूसी जंगी जेट गोले गिरा रहे थे। 

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क्यों काले समुंद्र में मचा है कोहराम

साल 2014 तक क्रीमिया यूक्रेन का हिस्सा थी। लेकिन पुतिन की सेनाओं ने 2014 में क्रीमिया को अपने कब्जे में कर लिया। जिसे अमेरिका समेत नाटो देश मान्यता नहीं देते। रूस क्रीमिया की सीमा को अपनी जल सीमा मानता है जबकि अमेरिका और ब्रिटेन समेत 30 नाटो देश इसे अंतरराष्ट्रीय सीमा मानते हैं।  

ब्रिटेन का अपना अलग दावा

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत जहाज बहुत निर्दोष तरीके से यूक्रेन के क्षेत्रीय पानी से गुजर रहा था। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के प्रवक्ता ने कहा कि यह कहना गलत है कि जहाज पर कोई गोलीबारी हुई, या जहाज रूस की समुद्री सीमा में थ।