Houthis Ballistic Missile CARG Report | चीनी पुर्जों की मदद से बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम बना रहे हैं हूथी विद्रोही, सऊदी अरब और इजरायल पर मंडराया नया खतरा

Houthis Ballistic Missile CARG Report
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रेनू तिवारी । Oct 15 2026 10:47AM

यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूथी विद्रोही चीनी कलपुर्जों (parts) का इस्तेमाल करके एक नया और बेहद उन्नत मध्यम दूरी का बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम तैयार कर रहे हैं। यूके स्थित हथियार निगरानी संस्था 'कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च ग्रुप' (CARG) की एक नई रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है।

यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूथी विद्रोही चीनी कलपुर्जों (parts) का इस्तेमाल करके एक नया और बेहद उन्नत मध्यम दूरी का बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम तैयार कर रहे हैं। यूके स्थित हथियार निगरानी संस्था 'कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च ग्रुप' (CARG) की एक नई रिपोर्ट में यह बड़ा खुलासा हुआ है। इस तकनीक के जरिए हूथी विद्रोहियों की चीन पर निर्भरता बढ़ रही है और उन्हें सऊदी अरब तथा इजरायल को और अधिक सटीकता व मारक क्षमता के साथ निशाना बनाने की क्षमता मिल जाएगी। CARG की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नया मिसाइल सिस्टम ईरान की बेहद आधुनिक 'खैबर शेकन' (Kheibar Shekan) मिसाइल तकनीक पर आधारित है। यह मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में सक्षम है और इसकी मारक क्षमता लगभग 1,200 मील (2,000 किलोमीटर) तक है।

'खैबर शेकन' मिसाइल 1,200 मील (2,000 किलोमीटर) की दूरी तक अपने लक्ष्य को भेद सकती है। 'द एसोसिएटेड प्रेस' (AP) ने 'कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च' के वरिष्ठ विश्लेषक फैबियन हिन्ज़ के हवाले से कहा, "हूथियों की हथियारों के निर्माण को लेकर महत्वाकांक्षाएं हमारी पिछली सोच से कहीं अधिक हैं। इस तरह के पुर्जे बहुत खास होते हैं, और इन्हें बनाने के लिए मिसाइल से जुड़ी डिज़ाइन संबंधी जानकारी की आवश्यकता रही होगी।" हालांकि, हिन्ज़ ने यह भी स्पष्ट किया कि "ये ऐसी चीजें नहीं हैं जिनका इस्तेमाल आम नागरिक कार्यों के लिए किया जा सके।"

चीन ने रिपोर्ट को न तो नकारा है और न ही स्वीकार किया है

चीन ने CARG की रिपोर्ट को न तो स्वीकार किया है और न ही इससे इनकार किया है। हालांकि, वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू चांग ने कहा कि बीजिंग के कुछ अंतरराष्ट्रीय दायित्व हैं, जिनका वह पालन कर रहा है। चीन, सऊदी अरब और ईरान से कच्चा तेल खरीदने वाला एक प्रमुख देश है, लेकिन उसने सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हूथी हमलों की निंदा की है और लड़ाई को कम करने (de-escalation) का आह्वान किया है।

AP के अनुसार, चांग ने कहा, "चीन ने हमेशा सैन्य उत्पादों के निर्यात को लेकर एक समझदारी भरा और ज़िम्मेदार रुख अपनाया है, और वह 'दोहरे उपयोग' (dual-use) वाली वस्तुओं के निर्यात पर कड़ा नियंत्रण रखता है।"

चीनी पुर्जे हूथियों तक कैसे पहुंचे?

CARG की यह रिपोर्ट यमन के अधिकारियों द्वारा जुलाई में दी गई जानकारी पर आधारित है। उस समय अधिकारियों ने दो खेपों को रोका था, जिनमें कुछ संदिग्ध उपकरण पाए गए थे। ये खेपें चीन से चली थीं और इन्हें यमन के होदेइदाह बंदरगाह पर पहुँचाया जाना था। इज़रायल का मानना ​​है कि ईरान इस बंदरगाह का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी के लिए करता है।

इस खेप में मिसाइल के काम करने के लिए ज़रूरी पुर्ज़े मिले हैं। इनमें स्टेबिलाइज़िंग फिन कोर, नोज़ल अटैचमेंट वाले रॉकेट मोटर के पिछले हिस्से और रॉकेट मोटर इग्नाइटर शामिल हैं। इसके अलावा, खेप में फेनोलिक रेज़िन भी था, जिसका इस्तेमाल 'एब्लेटिव हीट शील्ड' बनाने में किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, ये शील्ड बैलिस्टिक मिसाइलों को बहुत तेज़ सुपरसोनिक गति से वायुमंडल में उड़ान भरने के दौरान पैदा होने वाली अत्यधिक गर्मी से बचाती हैं।

हिंज़ ने कहा कि इन सामग्रियों से यह साफ हो जाता है कि हूथी विद्रोही ईरान द्वारा डिज़ाइन की गई एक खास तरह की मिसाइल को असेंबल (जोड़कर तैयार) करना चाहते थे। उन्होंने कहा, "इस तरह के सिस्टम की तस्करी करना बहुत मुश्किल है। और आप इन्हें आसानी से खोलकर दोबारा जोड़ भी नहीं सकते।"

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