Riyadh के King Khalid Airport पर हमले में 12 की मौत, वैश्विक नेताओं ने की निंदा

Riyadh के King Khalid Airport पर हमले में 12 की मौत, वैश्विक नेताओं ने की निंदा
प्रतिरूप फोटो
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सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र, भारत और अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कड़ी आलोचना की है। सऊदी अरब ने इस हमले के लिए यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।

विभिन्न देशों के नेताओं ने सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले की निंदा की है, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा घायल हो गए। अमेरिकी मीडिया की खबरों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाई में शामिल होने पर विचार कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी सहित कई नेताओं ने हमले की निंदा की।

वहीं, पाकिस्तान, कतर और फलस्तीन ने सऊदी अरब के प्रति एकजुटता व्यक्त की। सऊदी अरब ने शनिवार के इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया। यमन में संघर्ष तेज होने के बीच सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर इस महीने सऊदी अरब के हवाई अड्डों को कई बार निशाना बनाया गया है, जिनमें रियाद और अबहा पर किए गए हमले भी शामिल हैं।

हिंसा की यह घटना ईरान और उसके क्षेत्रीय विरोधियों के बीच जारी व्यापक युद्ध के बीच हुई है। इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। गुतारेस ने रविवार को कहा कि वह इस हमले से ‘‘बेहद स्तब्ध’’ हैं और इसकी कड़ी निंदा करते हैं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इन हमलों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए।’’ रुबियो ने कहा कि अमेरिका सऊदी अरब पर हाल में हुए हमलों की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा, ‘‘इन निंदनीय हमलों पर रोक लगनी चाहिए।’’ कार्नी ने हूती विद्रोहियों के हमलों को ‘‘घृणित’’ बताते हुए कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले करने या निर्दोष लोगों को जानबूझकर निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं हो सकता।

यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों पर किए गए हमलों को ‘‘गंभीर रूप से तनाव बढ़ाने वाला कदम’’ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि इन हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है और शांति स्थापित करने के प्रयास जटिल हो गए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए खतरा बताया।

भारत ने भी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले कुछ दिनों में कई बार किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। नयी दिल्ली ने कहा कि सऊदी अरब में आम नागरिकों और असैन्य प्रतिष्ठानों पर बार-बार किए जा रहे हमले ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तत्काल रोका जाना चाहिए।’’ विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘हम पिछले कुछ दिनों में रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कई बार किए गए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। इनमें 10 अक्टूबर को किया गया कायरतापूर्ण हमला भी शामिल है।

इन हमलों में लोगों की जान गई है, कई लोग घायल हुए हैं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।’’ सऊदी अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को हुए हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर है।

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