3.31 लाख भारतीय छात्रों पर असर, अब अमेरिका में 4 साल का स्टूडेंट वीजा

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ANI
अभिनय आकाश । Jul 17 2026 5:56PM

ट्रम्प का ऐलान-अब अवैध प्रवासी नहीं होंगे ट्रक चालकः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि सरकार अवैध प्रवासी ट्रक चालकों की जगह पूर्व सैनिकों को रोजगार देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारतीय मूल के जशनप्रीत सिंह को कैलिफोर्निया में तीन लोगों की मौत वाले ट्रक हादसे में सजा मिली है।

अमेरिका में एफ-1 छात्र वीसा नियम में बदलाव का अंतिम मसौदा तैयार हो गया है। इसके तहत विदेशी छात्रों को चार साल का ही वीसा मिलेगा। वीसा खत्म होने के बाद 30 दिन के अंदर ही नौकरी ढूंढ़नी होगी। वरना अमेरिका छोड़ना होगा। पहले ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस के तहत जब तक यूनिवर्सिटी में फुलटाइम एनरॉलमेंट होता था तब तक छात्र अमेरिका में रह सकता था। हालांकि, इस नियम के लागू होने से पहले कांग्रेस की मंजूरी जरूरी है। इसका सबसे ज्यादा असर भारतीयों पर होगा। अमेरिका में 3.31 लाख से अधिक भारतीय छात्र हैं।

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ट्रम्प का ऐलान-अब अवैध प्रवासी नहीं होंगे ट्रक चालकः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि सरकार अवैध प्रवासी ट्रक चालकों की जगह पूर्व सैनिकों को रोजगार देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारतीय मूल के जशनप्रीत सिंह को कैलिफोर्निया में तीन लोगों की मौत वाले ट्रक हादसे में सजा मिली है। इससे पहले, F-1 और J-1 एक्सचेंज वीज़ा वाले विदेशी छात्रों को "ड्यूरेशन ऑफ़ स्टेटस" (स्टेटस की अवधि) के तहत अमेरिका में आने की इजाज़त मिलती थी। इसका मतलब था कि वे अपनी डिग्री पूरी होने तक देश में रह सकते थे। नए नियमों के तहत उनके रहने की अवधि पर समय सीमा तय कर दी जाएगी।

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होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी मार्कवेन मुलिन ने कहा कई दशकों से विदेशी छात्रों को बिना किसी समय सीमा के अमेरिका में रहने की इजाज़त दी जाती रही है। इससे हज़ारों छात्रों ने हमारे इमिग्रेशन सिस्टम का गलत फ़ायदा उठाया है; वे अमेरिका छोड़ने से बचने के लिए लगातार कोर्स में एनरोल होते रहते हैं। अमेरिका में ज़्यादातर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम आम तौर पर चार साल के होते हैं, जबकि डॉक्टरेट जैसे ग्रेजुएट लेवल के प्रोग्राम पूरे होने में ज़्यादा समय लगता है। ज़्यादातर विदेशी छात्र ग्रेजुएट लेवल के कोर्स में एनरोल होते हैं।

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