UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, मसूद अजहर पर इनाम को बताया ढोंग

UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, मसूद अजहर पर इनाम को बताया ढोंग
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये की कड़ी आलोचना की। भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने कहा कि आतंकी मसूद अजहर पर इनाम घोषित कर इस्लामाबाद सरकारी संरक्षण को छिपाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय 9/11, 26/11 और पहलगाम हमलों को कभी नहीं भूला है।

संयुक्त राष्ट्र, आठ अक्टूबर भारत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को संयुक्त राष्ट्र में उजागर करते हुए जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर पर इनाम की घोषणा करके आतंकवाद को दिए जा रहे सरकारी समर्थन को छिपाने के इस्लामाबाद के प्रयासों की आलोचना की और कहा कि दुनिया 9/11, 26/11 और पहलगाम हमलों को नहीं भूली है। भारत ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में ‘‘अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को खत्म करने के उपाय’’ विषय पर पाकिस्तान के प्रतिनिधि के बयान पर जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव रघु पुरी ने कहा, ‘‘पाकिस्तान आतंकवाद से निपटने की बात करता है, जबकि वह उस सवाल को छिपाने की कोशिश कर रहा है जिसका सामना इस समिति को करना चाहिए : जब आतंकवादियों को किसी देश की जमीन से वित्तपोषण, मदद, प्रशिक्षण, पनाह या समर्थन दिया जाता है तो क्या होता है?’’ उन्होंने कहा कि भारत इस मुद्दे पर लगातार अपना रुख स्पष्ट करता रहा है और इस बात पर जोर देता रहा है कि आतंकवाद को केवल घोषणाओं के जरिए नहीं हराया जा सकता बल्कि इसके लिए अपराधियों, साजिशकर्ताओं, वित्तपोषकों और प्रायोजकों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।

पुरी ने कहा, ‘‘वर्षों से पाकिस्तान खुद को आतंकवाद से लड़ने वाले एक अहम देश और पीड़ित के तौर पर पेश करता रहा है, जबकि वह इस बात को छिपाता रहा है कि पाकिस्तानी सरकार ने जिन भस्मासुरों को पैदा किया और जिन पर से अपना नियंत्रण खो दिया, वे अब पड़ोसी देशों में तबाही मचाने के बाद पाकिस्तान में भी वही सब कर रहे हैं।’’ आतंकवाद पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये की आलोचना करते हुए पुरी ने कहा कि वह देश ‘‘संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर, जो मेरे देश पर हुए कई हमलों का मास्टरमाइंड भी है, को पकड़ने के लिए ज़्यादा इनाम की घोषणा करके आतंकवाद को मिल रहे सरकारी समर्थन पर पर्दा डालने की कोशिश करता है।’’ उन्होंने कहा कि दुनिया पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को दी जाने वाली वित्तीय मदद से अवगत है। उन्होंने कहा, ‘‘ हमें याद है कि कुछ महीने पहले ही पाकिस्तानी प्रतिनिधियों ने इसी मंच पर जैश-ए-मोहम्मद को एक निष्क्रिय संगठन बताया था। दुनिया पहले भी यह पटकथा देख चुकी है और हम स्पष्ट रूप से जानते हैं कि इस बार भी कुछ अलग नहीं होगा।’’ पुरी ने कहा कि जब मीडिया अजहर तक पहुंच सकता है और उससे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बारे में पुष्टि हासिल कर सकता है तो ‘‘निश्चित तौर पर पाकिस्तानी सरकार को उसके ठिकाने की जानकारी होगी।’’ भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में मई 2026 में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था।

भारत ने इस महीने की शुरुआत में अजहर पर 70 लाख रुपये के इनाम की पाकिस्तान की नयी घोषणा को ‘‘दिखावा’’ बताते हुए खारिज कर दिया था और इस्लामाबाद से आतंकवाद से निपटने के लिए ‘‘ठोस कार्रवाई’’ करने की मांग की थी। भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर अजहर को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि अजहर अफगानिस्तान भाग गया है। वहीं, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस दावे को खारिज किया है।

पिछले कुछ वर्षों से इस्लामाबाद का दावा रहा है कि जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक अफगानिस्तान से गतिविधियां संचालित कर रहा है। हालांकि, तालिबान शासन ने पाकिस्तान के बार-बार किए गए इन दावों को खारिज कर दिया और अफगान विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अजहर उनके देश में नहीं है। अजहर के बारे में जानकारी देने के लिए इनाम की इस्लामाबाद की नयी घोषणा ऐसे समय में की गई है जब उस पर वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की ओर से आतंकवादी संगठनों और उनके नेतृत्व के खिलाफ कार्रवाई करने का दबाव है।

पेरिस स्थित वैश्विक निगरानी संस्था की आगामी पूर्ण बैठक में पाकिस्तान के आतंकवाद रोधी प्रयासों की समीक्षा होने वाली है। पुरी ने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के हालिया बयान का भी उल्लेख किया। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने कहा था, ‘‘दुर्भाग्य से पंजाब के सामने खतरा मेरे पड़ोसी देशों से कम और मेरे पड़ोसी प्रांतों से अधिक है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आतंकवादी संगठनों को सरकारी राजनीतिक संरक्षण में काम करने की अनुमति दी जाती है तो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं बेमानी हो जाती हैं और जब अपराधियों को पनाह दी जाती है तो आतंकवाद के पीड़ितों को न्याय से वंचित कर दिया जाता है।’’ पुरी ने कहा, ‘‘दुनिया 9/11 को नहीं भूली है और यह भी नहीं भूली है कि उसके साजिशकर्ताओं, जिनमें ओसामा बिन लादेन भी शामिल था को कहां पकड़ा गया था।

दुनिया 26/11 को नहीं भूली है। दुनिया पहलगाम को नहीं भूली है।’’ उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से यह सूची बहुत लंबी है।

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